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Budaun News: वन विभाग का दावा- बेहटा गुसाई में दो दिन पहले मिला था हिरन का कंकाल
Thu, 26 Sep 2024 05:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 26 Sep 2024 05:08 AM IST
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बदायूं। हिरन के अवशेष मिलने पर बुधवार को तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कौल्हाई स्थित वन विभाग की नर्सरी में मंगलवार को हिरन के अवशेष मिलने की सूचना के बाद वन विभाग समेत पुलिस प्रशासन में भी खलबली मच गई थी। आरोप था कि रविवार को एक हिरन का शिकार किया गया है। उसके मांस से पार्टी की गई। बाद में वन विभाग की नर्सरी में ही हिरन के अवशेषों को दबा दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों की अब तक की जांच में सामने आया कि हिरन का कंकाल रविवार को बिल्सी के बेहटा गुसाई के जंगल से ग्रामीणों की सूचना पर बरामद किया गया था। बिल्सी पुलिस ने कंकाल बरामद कर वन विभाग के कर्मचारी को सौंपा था। पोस्टमार्टम न होने की वजह से उसके कंकाल को नर्सरी में रखवा दिया गया। इसी दौरान हिरन के अवशेष गड्ढे में दबाने का शोर मच गया।
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पशु प्रेमी ने मुख्य वन संरक्षक को निष्पक्ष जांच के लिए लिखा पत्र
- पशु प्रेमी संजीव कुमार ने मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर हिरन मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग की है कि इस तरह की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। उधर, प्रधान वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर बरेली वन संरक्षक विजय सिंह ने गांव बेहटा गुसाई पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाने की बात विभाग के अधिकारी कह रहे हैं।
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हिरन के अवशेषों का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। बरेली की टीम मामले की जांच पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप वर्मा, डीएफओ
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वन विभाग के अधिकारियों की अब तक की जांच में सामने आया कि हिरन का कंकाल रविवार को बिल्सी के बेहटा गुसाई के जंगल से ग्रामीणों की सूचना पर बरामद किया गया था। बिल्सी पुलिस ने कंकाल बरामद कर वन विभाग के कर्मचारी को सौंपा था। पोस्टमार्टम न होने की वजह से उसके कंकाल को नर्सरी में रखवा दिया गया। इसी दौरान हिरन के अवशेष गड्ढे में दबाने का शोर मच गया।
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पशु प्रेमी ने मुख्य वन संरक्षक को निष्पक्ष जांच के लिए लिखा पत्र
- पशु प्रेमी संजीव कुमार ने मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर हिरन मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग की है कि इस तरह की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। उधर, प्रधान वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर बरेली वन संरक्षक विजय सिंह ने गांव बेहटा गुसाई पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाने की बात विभाग के अधिकारी कह रहे हैं।
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हिरन के अवशेषों का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। बरेली की टीम मामले की जांच पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप वर्मा, डीएफओ