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खतरे के निशान की ओर फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
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बदायूं। गंगा का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर मीटर गेज पर 161.99 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से सिर्फ एक सेमी नीचे है। खतरे का निशान 161 और मीटर गेज पर चेतावनी का निशान 161 मीटर पर है।
बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से 25499, बिजनौर से 25499 और हरिद्वार से 47130 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुुधवार को गंगा का जलस्तर 161.78 मीटर था जो बृहस्पतिवार को बढ़ कर 161.99 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों में कटान फिर से होने लगा है। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर दबाव भी बढ़ने लगा है। दातागंज और सहसवान तहसील के तटवर्ती गांवों में कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर रहा था। इस दौरान जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेमी तक ऊपर पहुंच गया था। बाद में जलस्तर कम होना शुरू हो गया, इससे तटवर्ती गांवों में घुसा पानी उतर गया, लेकिनन अब फिर से जलस्तर बढ़ने के बाद कटान तेज होने लगा है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कटान हो रहा है। अब जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी ही नीचे है।
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बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से 25499, बिजनौर से 25499 और हरिद्वार से 47130 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुुधवार को गंगा का जलस्तर 161.78 मीटर था जो बृहस्पतिवार को बढ़ कर 161.99 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों में कटान फिर से होने लगा है। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर दबाव भी बढ़ने लगा है। दातागंज और सहसवान तहसील के तटवर्ती गांवों में कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
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पिछले सप्ताह गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर रहा था। इस दौरान जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेमी तक ऊपर पहुंच गया था। बाद में जलस्तर कम होना शुरू हो गया, इससे तटवर्ती गांवों में घुसा पानी उतर गया, लेकिनन अब फिर से जलस्तर बढ़ने के बाद कटान तेज होने लगा है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कटान हो रहा है। अब जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी ही नीचे है।
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