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उसहैत बांध पर कटान तेज, गंगा-महावा तटबंध को खतरा
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उसहैत के पास गांव असमया रफतपुर में हो रहा कटान। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। गंगा में शनिवार को नरौरा बैराज से 72172 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद गंगा ने एक बार फिर से खतरे के निशान को पार कर लिया है। खतरे के निशान पर शनिवार को 162.2 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से दो सेमी ऊपर है। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का निशान 161 मीटर पर है।
शनिवार को गंगा ने तटवर्ती इलाकों में कटान और भी तेज कर दिया है। उसहैत तटबंध के आसपास तेजी से कटान हो रहा है। गंगा-महावा तटबंध के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। दातागंज तहसील के अहमदनगर बछौरा और असमया रफतपुर में कटान रोकने के इंतजाम करने में बाढ़ खंड को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सहसवान के तौफी नगला, परशुराम नगला में भी कटान तेज हो गया है। दातागंज तहसील के रैपुरा, ठकुरी नगला, कदम नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला के साथ सहसवान के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, नगला वीर सहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांवों में भी तेजी से कटान हो रहा है।
उसहैत के गांव अहमदनगर बछौरा और असमया रफतपुर के पास गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। दोनों गांवों के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा हो गया है। गंगा के जलस्तर में अब और इजाफा होता है तो जानमाल के नुकसान से बचने के लिए इन गांवों को खाली कराया जा सकता है।
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हरिद्वार से पहली बार छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी
मानसून के इस सीजन शनिवार को हरिद्वार से गंगा में पहली बार एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। इसके अलावा बिजनौर से भी 66 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से छोड़ा गया पानी चौबीस घंटे में नरौरा पहुंच जाएगा। इसके बाद नरौरा बैराज से भी ज्यादा पानी छोड़ा जाएगा। गंगा में और ज्यादा उफान आने के मद्देनजर सतर्कता और भी बढ़ा दी गई है। कटान वाले स्थानों पर युद्धस्तर पर बालू भरी बोरियां लगाने का काम किया जा रहा है।
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शनिवार को गंगा ने तटवर्ती इलाकों में कटान और भी तेज कर दिया है। उसहैत तटबंध के आसपास तेजी से कटान हो रहा है। गंगा-महावा तटबंध के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। दातागंज तहसील के अहमदनगर बछौरा और असमया रफतपुर में कटान रोकने के इंतजाम करने में बाढ़ खंड को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सहसवान के तौफी नगला, परशुराम नगला में भी कटान तेज हो गया है। दातागंज तहसील के रैपुरा, ठकुरी नगला, कदम नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला के साथ सहसवान के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, नगला वीर सहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांवों में भी तेजी से कटान हो रहा है।
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उसहैत के गांव अहमदनगर बछौरा और असमया रफतपुर के पास गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। दोनों गांवों के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा हो गया है। गंगा के जलस्तर में अब और इजाफा होता है तो जानमाल के नुकसान से बचने के लिए इन गांवों को खाली कराया जा सकता है।
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हरिद्वार से पहली बार छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी
मानसून के इस सीजन शनिवार को हरिद्वार से गंगा में पहली बार एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। इसके अलावा बिजनौर से भी 66 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से छोड़ा गया पानी चौबीस घंटे में नरौरा पहुंच जाएगा। इसके बाद नरौरा बैराज से भी ज्यादा पानी छोड़ा जाएगा। गंगा में और ज्यादा उफान आने के मद्देनजर सतर्कता और भी बढ़ा दी गई है। कटान वाले स्थानों पर युद्धस्तर पर बालू भरी बोरियां लगाने का काम किया जा रहा है।