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पानी में बह सकता है बाढ़ सुरक्षा को मिला धन!
badaun
Updated Thu, 02 Jul 2015 07:30 PM IST
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जिले मेें गंगा ने पिछले दिनों अपना रूप दिखाया तो बाढ़ खंड के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। यहां तक कि पथरामई का काम भी बंद करना पड़ा, जो अभी तक शुरू नहीं हो सका है। वही नवादा मधुकर में काम चालू है। बरसात के मौसम में गंगा और रामगंगा में कब उफान आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। दोनों परियोजनाओं को विलंब से धन दिए जाने से अब कराए गए कार्य कभी भी बाढ़ में बह जाने की आशंका सता रही है। इससे अधिकारियों में चिंता है।
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उसहैत में पथरामई बाढ़ बचाव का काम सप्ताह पूर्व शुरू हुआ है। यह कार्य योजना 764 लाख की है, लेकिन 300 लाख रुपये ही दिए गए हैं। यहां परक्यूपाइन को चबूतरे भी तैयार नहीं हो सके हैं। जबकि गंगा में पहली मानसूनी बरसात में ही 1.93 लाख क्यूसेक पानी गंगा में पहुंचने वाला है।
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इधर, गांव को रामगंगा की बदली धार से बचाने के लिए 684 लाख की परियोजना में 300 लाख ही मिले हैं। इस परियोजना भी हाल ही में काम शुरू हो सका है। बाढ़ का समय नजदीक है। कभी परिस्थितियां विपरीत हो सकती हैं। ऐसे में बाढ़ बचाव का काम पूरा हो जाए मुश्किल लग रहा है।
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इस समय बाढ़ बचाव का काम पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन एक सप्ताह पूर्व ही बाढ़ बचाव के काम शुरू हुए हैं। रामगंगा की बदली धार से बचाने के लिए 684 लाख की नवादा मधुकर परियोजना में 300 लाख ही मिले हैं। इस परियोजना भी हाल ही में काम शुरू हो सका है। बाढ़ का समय नजदीक है। कभी परिस्थितियां विपरीत हो सकती हैं। ऐसे में बाढ़ बचाव का काम पूरा हो जाए मुश्किल लग रहा है। जिले को बाढ़ से बचाने कलिए गंगा पर 104 किमी के छह बांध बने हैं। इनकी सुरक्षा को मात्र 50 लाख रुपये मिले हैं। रैन कट से अधिकत बांध क्षतिग्रस्त हैं। बाढ़ खंड विभाग ने मिली धनराशि औपचारिक काम कराकर समाप्त कर दी है।
महावा बांध पर टोंटपुर करसरी के पास और चंदनपुर हुसैनपुर बांध पर खेड़ा के पास खतरनाक स्थिति में है। उसहैत और उसावां बांधों पर भी कई स्थान अति संवेदनशील हैं। जबकि कई स्थान संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।
बदायूं के बांध
नगला अजमेरी 16.5 किमी
गंगा महावा 34.9 किमी
चंदनपुर हुसैनपुर 17.5 किमी
जोरी नगला 8.0 किमी
उसहैत 17.0 किमी
उसावां 10.5 किमी
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कुल लंबाई 104.4 किमी
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