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आग लगी या लगाई गई, ये तो नहीं पता....पर, जांच दबाने में लगे अधिकारी

Fri, 03 Jan 2020 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:27 AM IST
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fire
बदायूं। बुधवार को बिसौली के ब्लॉक संसाधन केंद्र के एक गोदाम में अचानक आग लगने के मामले को अधिकारी अब एक दूसरे पर टालने में लग गए हैं। बीएसए और एसडीएम एक-दूसरे के द्वारा जांच कराए जाने की बात कह रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी ने कोतवाली में इस मामले की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने गुरुवार देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस अग्निकांड में पुलिस, प्रशासन, शिक्षा विभाग हर कोई बैकफुट पर नजर आ रहे हैं, जो इस मामले में संदिग्धता की तरफ इशारा कर रहे हैं। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि गोदाम में आग खुद लगी या किसी कारण साजिशन लगाई गई।
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बिसौली के ब्लॉक संसाधन केंद्र के एक गोदाम में 18 सितंबर 2019 को आग लग चुकी थी, जिसमें आठ हजार बैग जल गए थे। तब इसकी जांच एसडीएम बिसौली के द्वारा की जा रही थी। उनके मुताबिक जांच में शिक्षा विभाग के लोगों के नाम ही सामने आए थे, उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। उसके बाद में फिर से विगत बुधवार को इस गोदाम में आग लग गई। दरअसल, तीन माह में एक ही गोदाम दो बार आग लगने का मामला किसी के समझ में नहीं आ रहा है। हर कोई अपने-अपने तरीके अंदाजा लगा रहा है। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने कोतवाली में इस मामले में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। ऐसे में इस अग्निकांड के पीछे किसी साजिश के होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
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बिसौली विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग
-विधायक कुशाग्र सागर बिसौली में हुए अग्निकांड की जांच कराए जाने की मांग को लेकर जल्द ही बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलेंगे। उन्होंने डीएम से भी इस कांड की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
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पहले जब आग लगी थी तो उसकी जांच कर डीएम को फाइल सौंप दी गई है। अब दोबारा आग लगी है। ये शिक्षा विभाग का मामला है, वही इसकी जांच कराएं।
-सीपी सरोज, एसडीएम बिसौली
पिछली बार जब आग लगी थी, तो एसडीएम बिसौली ने इसकी जांच की। उन्होंने ये कक्ष सील क्यों नहीं किया, ये समझ से परे है। इसकी भी जांच उनके द्वारा ही की जानी चाहिए।

रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
तीन माह में दो बार आग लगी है, अभी पुराने मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है। जब वह जांच पूरी हो जाएगी। उसके बाद में इस तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
-पंकज लवानिया, कोतवाल
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