{"_id":"613fa60f8ebc3e3eb0221ad4","slug":"fever-badaun-news-bly459515456","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो सौ गांवों में बुखार का प्रकोप, सिर्फ नौ स्थानों पर लगे हेल्थ कैंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो सौ गांवों में बुखार का प्रकोप, सिर्फ नौ स्थानों पर लगे हेल्थ कैंप
विज्ञापन
विकास भवन में लार्वा नष्ट करते मलेरिया विभाग के कर्मचारी।संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जिले में सोमवार को मलेरिया के सिर्फ सात नए रोगी मिले हैं। इनमें तीन को जानलेवा फैल्सीपेरम की पुष्टि हुई है। सोमवार को जिले में सिर्फ नौ स्थानों पर कैंप लगाकर 403 लोगों की जांच की गई। हालांकि, जिले के दो सौ से ज्यादा गांव बुखार की गिरफ्त में हैं। सालारपुर ब्लॉक के नंदगांव में बुखार का भारी प्रकोप है यहां सोमवार को भी कैंप नहीं लगाया गया।
सोमवार को जिले में जगत ब्लॉक के जगुआसाई और बिनावर के बरखेड़ा में मलेरिया के रोगी मिले हैं। जगुआसाई में मलेरिया और फैल्सीपेरम के छह रोगी और बिनावर के बरखेड़ा में मलेरिया का एक रोगी मिला है। मलेरिया की रोकथाम के लिए लगीं 39 टीमों ने सोमवार को जिले में अलग-अलग 352 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट किया है। मलेरिया के 251 और फैल्सीपेरम मलेरिया के सक्रिय रोगियों की संख्या अब बढ़कर 10 हो गई है। जगत ब्लॉक के गांव जगुआसाई में एक साथ फैल्सीपेरम मलेरिया के तीन रोगी मिलने के बाद यह गांव भी हाईरिस्क हो गया है। मंगलवार को भी यहां कैंप लगाया जाएगा। इधर, तुगलापुर में भी बुखार का प्रकोप बना हुआ है। यहां दो लोगों की बुखार से मौत भी हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि मलेरिया पूरी तरह से नियंत्रण में है। मच्छरजनित बीमारियों का सीजन होने के बाद भी काफी कम संख्या में मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। कुछ गांवों में वायरल फीवर का प्रकोप जरूर है।
-
फैक्ट फाइल 13 सितंबर 2021
कुल जांच- 403
हेल्थ कैंप- 09
मलेरिया के कुल रोगी- 07
पीवी मलेरिया- 04
फैल्सीपेमर-03
डेंगू/मलेरिया आरक्षित बेड-120
गंबूजिया मछली- 72 तालाब
डीडीटी छिड़काव-72 गांव
लार्वा मिला- 352 स्थान
सक्रिय रोगियों की संख्या- 251
सक्रिय फैल्सीपेरम-10
अब तक जांच- 87780
अब तक मिले कुल रोगी-1007
संक्रामक रोग नियंत्रण टीमें- 39
------------
मच्छरजनित बीमारियों का सीजन जरूर है, लेकिन इस वर्ष मलेरिया काबू में है। जिले में जहां से भी वायरल फीवर की सूचना आ रही है कैंप लगाकर जांच कराई जा रही है। सोमवार को जिले में मलेरिया के सिर्फ सात नए रोगी मिले हैं। -डॉ. अनिल शर्मा, एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग
विज्ञापन
----
विकास भवन में भी कई जगह मिला लार्वा, टेमीफोस को होगा छिड़काव
बदायूं। मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए जिले में अब टेमीफोस दवा का छिड़काव किया जाएगा। सोमवार को मलेरिया विभाग की टीमों ने जांच की तो विकास भवन में कई जगह मच्छरों का लार्वा मिला। सीडीओ के स्टेनों के ऑफिस में भी लार्वा पाया गया। सोमवार को जिले को 50 लीटर टेमीफोस दवा मिल गई है जिसका छिड़काव होगा।
मच्छरनाशक टेमीफोस विशेष प्रकार की दवा होती है। 2.50 एमएल दवा को दस लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जाता है। सात दिन में एक बार इस दवा का छिड़काव होने से मच्छर और लार्वा नहीं पनपते। जिले में 39 टीमें इन दिनों अभियान चलाकर लार्वा तलाश कर रहीं हैं। सोमवार को विकास भवन में अभियान चलाया गया तो यहां सीडीओ के स्टेनों के ऑफिस में कई जगह लार्वा मिला। सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने सभी सीएचसी और पीएचसी को भी निर्देशित किया है कि जिन इलाकों में मलेरिया के ज्यादा रोगी मिल रहे हैं वहां टेमीफोस का छिड़काव कराया जाए। विकास भवन में भी टेमीफोस का छिड़काव कराया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
सोमवार को जिले में जगत ब्लॉक के जगुआसाई और बिनावर के बरखेड़ा में मलेरिया के रोगी मिले हैं। जगुआसाई में मलेरिया और फैल्सीपेरम के छह रोगी और बिनावर के बरखेड़ा में मलेरिया का एक रोगी मिला है। मलेरिया की रोकथाम के लिए लगीं 39 टीमों ने सोमवार को जिले में अलग-अलग 352 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट किया है। मलेरिया के 251 और फैल्सीपेरम मलेरिया के सक्रिय रोगियों की संख्या अब बढ़कर 10 हो गई है। जगत ब्लॉक के गांव जगुआसाई में एक साथ फैल्सीपेरम मलेरिया के तीन रोगी मिलने के बाद यह गांव भी हाईरिस्क हो गया है। मंगलवार को भी यहां कैंप लगाया जाएगा। इधर, तुगलापुर में भी बुखार का प्रकोप बना हुआ है। यहां दो लोगों की बुखार से मौत भी हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि मलेरिया पूरी तरह से नियंत्रण में है। मच्छरजनित बीमारियों का सीजन होने के बाद भी काफी कम संख्या में मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। कुछ गांवों में वायरल फीवर का प्रकोप जरूर है।
विज्ञापन
-
फैक्ट फाइल 13 सितंबर 2021
कुल जांच- 403
हेल्थ कैंप- 09
मलेरिया के कुल रोगी- 07
पीवी मलेरिया- 04
फैल्सीपेमर-03
डेंगू/मलेरिया आरक्षित बेड-120
गंबूजिया मछली- 72 तालाब
डीडीटी छिड़काव-72 गांव
लार्वा मिला- 352 स्थान
सक्रिय रोगियों की संख्या- 251
सक्रिय फैल्सीपेरम-10
अब तक जांच- 87780
अब तक मिले कुल रोगी-1007
संक्रामक रोग नियंत्रण टीमें- 39
------------
मच्छरजनित बीमारियों का सीजन जरूर है, लेकिन इस वर्ष मलेरिया काबू में है। जिले में जहां से भी वायरल फीवर की सूचना आ रही है कैंप लगाकर जांच कराई जा रही है। सोमवार को जिले में मलेरिया के सिर्फ सात नए रोगी मिले हैं। -डॉ. अनिल शर्मा, एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग
विज्ञापन
----
विकास भवन में भी कई जगह मिला लार्वा, टेमीफोस को होगा छिड़काव
बदायूं। मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए जिले में अब टेमीफोस दवा का छिड़काव किया जाएगा। सोमवार को मलेरिया विभाग की टीमों ने जांच की तो विकास भवन में कई जगह मच्छरों का लार्वा मिला। सीडीओ के स्टेनों के ऑफिस में भी लार्वा पाया गया। सोमवार को जिले को 50 लीटर टेमीफोस दवा मिल गई है जिसका छिड़काव होगा।
मच्छरनाशक टेमीफोस विशेष प्रकार की दवा होती है। 2.50 एमएल दवा को दस लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जाता है। सात दिन में एक बार इस दवा का छिड़काव होने से मच्छर और लार्वा नहीं पनपते। जिले में 39 टीमें इन दिनों अभियान चलाकर लार्वा तलाश कर रहीं हैं। सोमवार को विकास भवन में अभियान चलाया गया तो यहां सीडीओ के स्टेनों के ऑफिस में कई जगह लार्वा मिला। सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने सभी सीएचसी और पीएचसी को भी निर्देशित किया है कि जिन इलाकों में मलेरिया के ज्यादा रोगी मिल रहे हैं वहां टेमीफोस का छिड़काव कराया जाए। विकास भवन में भी टेमीफोस का छिड़काव कराया जाएगा। संवाद