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सौ गांवों के 10 हजार पशुओं का होगा कृत्रिम गर्भाधान
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बदायूं। जिले के गो एवं महिष वंशीय पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने जिले के सौ गांवों का चयन किया है। इन गांवों के 10 हजार पशुओं का हाई ग्रील्डिंग ईंडीजीनियस ब्रीड के सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा, ताकि इनकी अगली नस्ल बेहतर हो सके। वहीं विभाग का कहना है कि इस कृत्रिम गर्भाधान के लिए चयनित किसानों को कोई धनराशि नहीं देनी होगी।
शासन की मंशा है कि किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए। इसके लिए वह लगातार प्रयासरत है। इसको लेकर शासन के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से जिले भर में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया, ताकि किसान वहां से मिली जानकारी के अनुसार कम लागत में फसलों से अधिक मुनाफा ले सकें। इसी क्रम में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत जेनेटिक अपग्रेडेशन प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा, ताकि उनकी अगली नस्ल में सुधार आ सके। शासन से मिले निर्देशों के बाद में विभाग ने तैयारी शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक एक जिले से सौ गांव और उन गांव के 10 हजार पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों ने जिले के प्रत्येक ब्लॉक से छह से सात गांवों का चयन किया है। विभाग ने चयनित गांव की रिपोर्ट डीएम को भेजी, जिसे डीएम ने फाइल पास कर विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है।
अब पशुपालकों की होगी तलाश
-पशुपालन विभाग की ओर से गांवों का चयन करने के बाद में अधिकारियों ने गांव के पशुपालकों की सूचना बनानी शुरू कर दी है। जिन पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करना है, ऐसे में विभाग की ओर पहले से किसानों को इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि वह इसके लिए तैयार रहें। वह अपने पशुओं का कहीं और गर्भधारण न कराएं।
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दो चरणों में चलाई जाएगी योजना
-केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजना पहले चरण में एक सितंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगी। वहीं दूसरी बार में 15 दिसंबर से 15 मार्च तक अभियान चलेगा।
निर्देश मिलने के बाद में 15 ब्लॉकों से सौ गांवों का चयन किया गया। इन्हीं गांव के 10 हजार पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा, ताकि पशुओं की आने वाले नस्ल बेहतर हो सके।
-डॉ. एके जौदान, सीवीओ
शासन के निर्देशों पर गांव का चयन कर लिया गया है, साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह तय समय के अंदर योजना को पूरा करें, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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शासन की मंशा है कि किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए। इसके लिए वह लगातार प्रयासरत है। इसको लेकर शासन के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से जिले भर में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया, ताकि किसान वहां से मिली जानकारी के अनुसार कम लागत में फसलों से अधिक मुनाफा ले सकें। इसी क्रम में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत जेनेटिक अपग्रेडेशन प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा, ताकि उनकी अगली नस्ल में सुधार आ सके। शासन से मिले निर्देशों के बाद में विभाग ने तैयारी शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक एक जिले से सौ गांव और उन गांव के 10 हजार पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों ने जिले के प्रत्येक ब्लॉक से छह से सात गांवों का चयन किया है। विभाग ने चयनित गांव की रिपोर्ट डीएम को भेजी, जिसे डीएम ने फाइल पास कर विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है।
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अब पशुपालकों की होगी तलाश
-पशुपालन विभाग की ओर से गांवों का चयन करने के बाद में अधिकारियों ने गांव के पशुपालकों की सूचना बनानी शुरू कर दी है। जिन पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करना है, ऐसे में विभाग की ओर पहले से किसानों को इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि वह इसके लिए तैयार रहें। वह अपने पशुओं का कहीं और गर्भधारण न कराएं।
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दो चरणों में चलाई जाएगी योजना
-केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजना पहले चरण में एक सितंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलेगी। वहीं दूसरी बार में 15 दिसंबर से 15 मार्च तक अभियान चलेगा।
निर्देश मिलने के बाद में 15 ब्लॉकों से सौ गांवों का चयन किया गया। इन्हीं गांव के 10 हजार पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा, ताकि पशुओं की आने वाले नस्ल बेहतर हो सके।
-डॉ. एके जौदान, सीवीओ
शासन के निर्देशों पर गांव का चयन कर लिया गया है, साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह तय समय के अंदर योजना को पूरा करें, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम