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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन देने वाले किसानों ने मांगा मुआवजा
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बिसौली। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का बैनामा कराने वाले किसानों को अब मुआवजे के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। कई किसानों ने इसकी लिखित शिकायत कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। बिसौली में अब तक 2400 बीघा से ज्यादा जमीन के बैनामा हो चुके हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों में भूमि अधिग्रहण होना है। सबसे ज्यादा 37 गांव बिसौली तहसील के हैं। दातागंज के 27, तहसील सदर के 18 और बिल्सी के दो गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए बैनामे की प्रक्रिया चल रही है। बिसौली तहसील के गांव नसरोल के लल्लन शाह पुत्र नियाज अली ने उपनिबंधक को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा है कि उसने डेढ़ महीने पहले 0.168 हेक्टेयर भूमि का बैनामा गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए कराया था। अब तक उसे मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। इसके साथ ही मुहब्बे अलीपुर चिचैटा के नत्थू लाल पुत्र दुली ने भी एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में मुआवजा न मिलने की शिकायत की है। नत्थू ने भी 21 फरवरी को अपनी जमीन का बैनामा कराया था। काफी संख्या में और भी किसान हैं, जिनको अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों में भूमि अधिग्रहण होना है। सबसे ज्यादा 37 गांव बिसौली तहसील के हैं। दातागंज के 27, तहसील सदर के 18 और बिल्सी के दो गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए बैनामे की प्रक्रिया चल रही है। बिसौली तहसील के गांव नसरोल के लल्लन शाह पुत्र नियाज अली ने उपनिबंधक को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा है कि उसने डेढ़ महीने पहले 0.168 हेक्टेयर भूमि का बैनामा गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए कराया था। अब तक उसे मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। इसके साथ ही मुहब्बे अलीपुर चिचैटा के नत्थू लाल पुत्र दुली ने भी एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में मुआवजा न मिलने की शिकायत की है। नत्थू ने भी 21 फरवरी को अपनी जमीन का बैनामा कराया था। काफी संख्या में और भी किसान हैं, जिनको अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
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