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Budaun News: किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी... 16 में से चार पैक्स समितियां गठित
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बदायूं। किसानों को खाद, बीज और ऋण जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर देने के लिए प्रदेश सरकार ने बदायूं में 16 नई बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियां (पैक्स) गठित करने के निर्देश दिए थे। इस अब तक पूरी तरह से अमल नहीं हुआ है। सहकारिता विभाग की लापरवाही के कारण अब तक चार समितियों का ही गठन हो सका है। अन्य समितियों की फाइल प्रक्रिया में हैं।
किसानों को खाद, बीज और लघु ऋण जैसी सुविधाओं के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर समिति न होने से उन्हें दुकानों पर महंगे दाम चुकाने पड़ते हैं। शासन की मंशा के अनुसार यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होनी थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
सहकारिता विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही सभी समितियों का गठन कर लिया जाएगा, लेकिन इस स्थिति ने सरकार की ग्राम स्तरीय सहकारी ढांचे को मजबूत करने की कोशिशों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसान किशनवीर, राम अवतार आदि का कहना है कि पैक्स समितियों का विस्तार तेज किया जाए, ताकि कृषि संबंधी सुविधाएं मिल सकें।
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क्या है पैक्स समिति
- प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियां (पैक्स) से गांवों में ही किसानों को बीज, खाद, कृषि यंत्र और ऋण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह राज्य सहकारिता बैंक और जिला सहकारी बैंक की ग्रामीण शाखा होगी।
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वर्जन
- पैक्स के गठन का काम चल रमा है। बहुत जल्द बाकी समितियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि किसानों को जल्द से जल्द पैक्स की सुविधा मिल सके। - एफएल मिश्रा, सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग
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किसानों को खाद, बीज और लघु ऋण जैसी सुविधाओं के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर समिति न होने से उन्हें दुकानों पर महंगे दाम चुकाने पड़ते हैं। शासन की मंशा के अनुसार यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होनी थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
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सहकारिता विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही सभी समितियों का गठन कर लिया जाएगा, लेकिन इस स्थिति ने सरकार की ग्राम स्तरीय सहकारी ढांचे को मजबूत करने की कोशिशों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसान किशनवीर, राम अवतार आदि का कहना है कि पैक्स समितियों का विस्तार तेज किया जाए, ताकि कृषि संबंधी सुविधाएं मिल सकें।
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क्या है पैक्स समिति
- प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियां (पैक्स) से गांवों में ही किसानों को बीज, खाद, कृषि यंत्र और ऋण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह राज्य सहकारिता बैंक और जिला सहकारी बैंक की ग्रामीण शाखा होगी।
वर्जन
- पैक्स के गठन का काम चल रमा है। बहुत जल्द बाकी समितियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि किसानों को जल्द से जल्द पैक्स की सुविधा मिल सके। - एफएल मिश्रा, सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग