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Budaun News: बैनामे के कागजों में अंगूठा लगाते समय किसान की मौत
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बिसौली। खेत का बैनामा कराने तहसील पहुंचे 55 वर्षीय किसान की अंगूठा लगाने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इससे तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव मौजमपुर निवासी वासुदेव (55) सोमवार दोपहर अपने बेटों विनोद और सतीश के साथ गांव के ही दयाराम जाटव के नाम करीब ढाई बीघा जमीन का बैनामा कराने तहसील पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बैनामा लिखे जाने के बाद उन्हें कागजातों पर अंगूठा निशानी के लिए बुलाया गया था, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें घबराहट होने लगी।
परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि वासुदेव पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित थे। उनका इलाज चल रहा था। खराब स्वास्थ्य के चलते ही वह जमीन का कुछ हिस्सा बेचने के लिए तहसील आए थे। उनके पास करीब पांच बीघा जमीन है। वासुदेव के छह पुत्र हैं।
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उनकी मौत की खबर गांव पहुंची तो पत्नी रामबेटी रोते बिलखते तहसील पहुंच गईं। इस घटना से तहसील परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया, जिसके बाद शव को गांव ले गए। संवाद
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गांव मौजमपुर निवासी वासुदेव (55) सोमवार दोपहर अपने बेटों विनोद और सतीश के साथ गांव के ही दयाराम जाटव के नाम करीब ढाई बीघा जमीन का बैनामा कराने तहसील पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बैनामा लिखे जाने के बाद उन्हें कागजातों पर अंगूठा निशानी के लिए बुलाया गया था, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें घबराहट होने लगी।
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परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि वासुदेव पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित थे। उनका इलाज चल रहा था। खराब स्वास्थ्य के चलते ही वह जमीन का कुछ हिस्सा बेचने के लिए तहसील आए थे। उनके पास करीब पांच बीघा जमीन है। वासुदेव के छह पुत्र हैं।
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उनकी मौत की खबर गांव पहुंची तो पत्नी रामबेटी रोते बिलखते तहसील पहुंच गईं। इस घटना से तहसील परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया, जिसके बाद शव को गांव ले गए। संवाद