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UP: बैंक के 65 लाख रुपये के गबन में मास्टरमाइंड सफाईकर्मी गिरफ्तार, आठ साल तक ट्रांसफर करता रहा रकम

Tue, 22 Jul 2025 11:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 22 Jul 2025 11:51 AM IST
सार

साल 2009 से लेकर 2017 तक बैंक में घपला होता रहा, लेकिन बैंक प्रबंधन और विद्युत निगम को भनक नहीं लगी। जब विद्युत उपभोक्ताओं पर बकायेदारी के चलते कनेक्शन काटने व आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई, तब मामला खुला। 

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Mastermind sweeper arrested in embezzlement of Rs 65 lakh from bank in Budaun
सिविल लाइंस थाने में ईओडब्ल्यू टीम की गिरफ्त में आरोपी संजय।

विस्तार

बदायूं के बिसौली की पीएनबी शाखा में पांच साल पहले 65 लाख रुपये के हुए गबन के मास्टरमाइंड संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) की लखनऊ से आई टीम ने शहर के कचहरी तिराहे से उसे पकड़ा। टीम ने उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। संजय ने अपनी मां बीरवाला के बैंक में सफाइकर्मी होने का फायदा उठाया। इस मामले में 14 आरोपी बनाए गए हैं। 
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संजय ने विद्युत निगम की बिलिंग के चेक वाउचर की धनराशि को अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर कर यह गबन किया था। विद्युत निगम का कस्बा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता था। निगम की ओर से चेक के माध्यम से धनराशि को बैंक में जमा कराया जाता था। इसी बैंक में दबतोरी निवासी संजय की मां बीरवाला सफाई कर्मचारी थी।
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इसी कारण संजय का भी बैंक में आना जाना था। बैंक के अधिकारियों ने संजय को बैंक में कार्य करने की छूट दे रखी थी। जब बीरवाला ने बीमारी का बहाना बनाया तो संजय भी पूरे दिन बैंक में रहकर कार्य करने लगा। इसका फायदा उठाकर उसने मां के साथ मिलकर विद्युत निगम की बिलिंग के चेक वाउचरों की धनराशि को अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया था।  
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ऐसे खुला मामला 
साल 2009 से लेकर 2017 तक बैंक में घपला चलता रहा, लेकिन बैंक प्रबंधन और विद्युत निगम को इसकी भनक नहीं लगी। जब विद्युत उपभोक्ताओं पर बकायेदारी के चलते कनेक्शन काटने व आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई, तब जाकर मामला खुला। इस मामले में बैंक अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी गई। ईओडब्ल्यू ने जांच में 14 आरोपियों को दोषी बनाया। तब से ईओडब्ल्यू संजय की तलाश में थी। सोमवार को टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

सात पर लिखा गया मुकदमा
पुलिस के मुकदमे में उस समय मास्टमाइंड संजय, मां वीरबाला, पिता भोले नाथ, भाई संदीप कुमार, अजीत कुमार, एक अन्य भाई सुजीत की पत्नी बबीता और चंद्रपाल को नामजद किया था। बाद में ईओडब्ल्यू की जांच में सात और आरोपी प्रकाश में आए।

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