UP: बैंक के 65 लाख रुपये के गबन में मास्टरमाइंड सफाईकर्मी गिरफ्तार, आठ साल तक ट्रांसफर करता रहा रकम
साल 2009 से लेकर 2017 तक बैंक में घपला होता रहा, लेकिन बैंक प्रबंधन और विद्युत निगम को भनक नहीं लगी। जब विद्युत उपभोक्ताओं पर बकायेदारी के चलते कनेक्शन काटने व आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई, तब मामला खुला।
विस्तार
संजय ने विद्युत निगम की बिलिंग के चेक वाउचर की धनराशि को अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर कर यह गबन किया था। विद्युत निगम का कस्बा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता था। निगम की ओर से चेक के माध्यम से धनराशि को बैंक में जमा कराया जाता था। इसी बैंक में दबतोरी निवासी संजय की मां बीरवाला सफाई कर्मचारी थी।
इसी कारण संजय का भी बैंक में आना जाना था। बैंक के अधिकारियों ने संजय को बैंक में कार्य करने की छूट दे रखी थी। जब बीरवाला ने बीमारी का बहाना बनाया तो संजय भी पूरे दिन बैंक में रहकर कार्य करने लगा। इसका फायदा उठाकर उसने मां के साथ मिलकर विद्युत निगम की बिलिंग के चेक वाउचरों की धनराशि को अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया था।
ऐसे खुला मामला
साल 2009 से लेकर 2017 तक बैंक में घपला चलता रहा, लेकिन बैंक प्रबंधन और विद्युत निगम को इसकी भनक नहीं लगी। जब विद्युत उपभोक्ताओं पर बकायेदारी के चलते कनेक्शन काटने व आरसी जारी करने की कार्रवाई की गई, तब जाकर मामला खुला। इस मामले में बैंक अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी गई। ईओडब्ल्यू ने जांच में 14 आरोपियों को दोषी बनाया। तब से ईओडब्ल्यू संजय की तलाश में थी। सोमवार को टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सात पर लिखा गया मुकदमा
पुलिस के मुकदमे में उस समय मास्टमाइंड संजय, मां वीरबाला, पिता भोले नाथ, भाई संदीप कुमार, अजीत कुमार, एक अन्य भाई सुजीत की पत्नी बबीता और चंद्रपाल को नामजद किया था। बाद में ईओडब्ल्यू की जांच में सात और आरोपी प्रकाश में आए।