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दुकान में अंदर कम, सड़क पर ज्यादा कारोबार...पैदल निकलना तक दुश्वार
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उझानी (बदायूं)। मुख्य बाजार में अतिक्रमण का साया बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में फुटपाथ को घेरकर कई दुकानों के स्लैब बने तो उस पर व्यवसायिक सामान रख दिए जाने से राहगीरों की दिक्कत बढ़ गई। ऐसा नहीं कि पुलिस और पालिका प्रशासन की नजर में न हो मगर सबकुछ जानते हुए भी अफसरों ने अतिक्रमण हटवाने की तरफ से मुंह मोड़ लिया। अब स्थिति यह है कि हर रोज जाम में फंसे बिना आप बाहर नहीं निकल सकते। यहां तक कि जाम में फंसे वाहनों को पुलिस कर्मी भी दुकानों के आगे से सामान हटवाकर व्यवस्था दुरुस्त नहीं करा पाते।
मार्केट में अतिक्रमण को लेकर पालिका, पीडब्ल्यूडी और पुलिस की ओर से पिछले एक दशक में तीन-चार बार कार्रवाई की गई। बताते हैं कि अस्थायी अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के नाम पर अफसरों ने ठेला-खोमचा और सड़क किनारे फड़ लगाने वाले तो हटाए लेकिन स्थायी अतिक्रमण पर गौर करने की जरूरत महसूस नहीं की। वर्ष-2014 में पीडब्ल्यूडी ने मेन मार्केट में अतिक्रमण चिह्नित किया तो दो सौ से अधिक लोगों के नाम अतिक्रमणकारियों की सूची में शामिल कर लिए गए थे। इसकी जानकारी अतिक्रमणकारियों को भी लग गई लेकिन मार्केट में फुटपाथ को घेरने का सिलसिला बना रहा। इसी के चलते मंगलवार को मार्केट में सुबह से लेकर दोपहर बाद करीब दो बजे तक कई बार जाम का माहौल भी बना। ई-रिक्शा और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही की वजह से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल होता चला गया।
अतिक्रमण के प्रमुख प्वाइंट
हलवाई चौक मोड़
मेन मार्केट में हलवाई चौक मोड़ के चौराहे पर वैसे तो पुलिस का पहरा रहता है लेकिन बकरियों वाले नखासे या फिर साहूकारा मोहल्ले के रास्ते मेन मार्केट में पहुंचने पर जाम में फंसे बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। मोड़ पर ही दुकानों के बाहर रखे सामान को दुकानदार हटाने की बजाय दुकानदारी करने में ही लगे रहते हैं। अगर किसी बाइक या फिर ई-रिक्शा से कोई चपेट में आ जाए तो झिकझिक होना आम बात है।
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पुरानी अनाज मंडी मोड़
नगर की पुरानी अनाज मंडी खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है। इसी के चलते गांवों से लोग डनलप बुग्गी और घोड़ा-तांगे के जरिए पुरानी अनाज मंडी आते हैं। पुरानी मंडी से मार्केट की तरफ बढ़ने पर जाम इस कदर बढ़ जाता है कि घंटाघर चौराहे से लेकर दूसरी तरफ हलवाई चौक मोड़ तक वाहनों की कतार लग जाती है। यहां तक कि कछला और भदरौल की तरफ से अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस तक जाम में फंसी रहती हैं।
मेन मार्केट में अस्थायी अतिक्रमण हटवाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों से बात करेंगे। मार्केट में खासकर मंगलवार और शनिवार वाले दिन ज्यादा दिक्कत होती है। इन्हीं दोनों दिन साप्ताहिक पैंठ भी लगती है। दुकानदारों से कहा गया है कि वह सामान फुटपाथ पर नहीं लगाएं।
- डॉ. डीके राय, ईओ।
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मार्केट में अतिक्रमण को लेकर पालिका, पीडब्ल्यूडी और पुलिस की ओर से पिछले एक दशक में तीन-चार बार कार्रवाई की गई। बताते हैं कि अस्थायी अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के नाम पर अफसरों ने ठेला-खोमचा और सड़क किनारे फड़ लगाने वाले तो हटाए लेकिन स्थायी अतिक्रमण पर गौर करने की जरूरत महसूस नहीं की। वर्ष-2014 में पीडब्ल्यूडी ने मेन मार्केट में अतिक्रमण चिह्नित किया तो दो सौ से अधिक लोगों के नाम अतिक्रमणकारियों की सूची में शामिल कर लिए गए थे। इसकी जानकारी अतिक्रमणकारियों को भी लग गई लेकिन मार्केट में फुटपाथ को घेरने का सिलसिला बना रहा। इसी के चलते मंगलवार को मार्केट में सुबह से लेकर दोपहर बाद करीब दो बजे तक कई बार जाम का माहौल भी बना। ई-रिक्शा और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही की वजह से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल होता चला गया।
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अतिक्रमण के प्रमुख प्वाइंट
हलवाई चौक मोड़
मेन मार्केट में हलवाई चौक मोड़ के चौराहे पर वैसे तो पुलिस का पहरा रहता है लेकिन बकरियों वाले नखासे या फिर साहूकारा मोहल्ले के रास्ते मेन मार्केट में पहुंचने पर जाम में फंसे बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। मोड़ पर ही दुकानों के बाहर रखे सामान को दुकानदार हटाने की बजाय दुकानदारी करने में ही लगे रहते हैं। अगर किसी बाइक या फिर ई-रिक्शा से कोई चपेट में आ जाए तो झिकझिक होना आम बात है।
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पुरानी अनाज मंडी मोड़
नगर की पुरानी अनाज मंडी खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है। इसी के चलते गांवों से लोग डनलप बुग्गी और घोड़ा-तांगे के जरिए पुरानी अनाज मंडी आते हैं। पुरानी मंडी से मार्केट की तरफ बढ़ने पर जाम इस कदर बढ़ जाता है कि घंटाघर चौराहे से लेकर दूसरी तरफ हलवाई चौक मोड़ तक वाहनों की कतार लग जाती है। यहां तक कि कछला और भदरौल की तरफ से अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस तक जाम में फंसी रहती हैं।
मेन मार्केट में अस्थायी अतिक्रमण हटवाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों से बात करेंगे। मार्केट में खासकर मंगलवार और शनिवार वाले दिन ज्यादा दिक्कत होती है। इन्हीं दोनों दिन साप्ताहिक पैंठ भी लगती है। दुकानदारों से कहा गया है कि वह सामान फुटपाथ पर नहीं लगाएं।
- डॉ. डीके राय, ईओ।