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Budaun News: कैंटर से घायल रोजगार सेवक की इलाज के दौरान मौत
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कैंटर से घायल रोजगार सेवक की इलाज के दौरान मौत
बदायूं। कैंटर गाड़ी में बाइक फंसने से घायल हुए रोजगार सेवक की इलाज के दौरान मंगलवार रात बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। दो सप्ताह पूर्व गांव से मुजरिया आते वक्त हादसा हुआ था।
थाना मुजरिया क्षेत्र के गांव सबदलपुर निवासी रवेंद्र (45) पुत्र बेचेलाल रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत था। विगत 15 जुलाई को शाम के वक्त अपने गांव से मुजरिया की ओर अपनी बाइक से जा रहा था कि पीछे से आ रही डीसीएम कैंटर गाड़ी में बाइक फंसकर घिसटती हुई करीब 200 मीटर तक चली गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के समय चालक गाड़ी छोड़कर भाग निकला था। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर घायल को परिजनों के साथ इलाज के लिए भेज दिया था। दो सप्ताह बाद बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रवेंद्र की मंगलवार को मौत हो गई।
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बरेली से पोस्टमॉर्टम होकर बुधवार रात शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के मुताबिक, मृतक के पिता की आठ साल पहले हत्या कर दी गई थी। मृतक के चार पुत्रियां और एक पुत्र है।
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बदायूं। कैंटर गाड़ी में बाइक फंसने से घायल हुए रोजगार सेवक की इलाज के दौरान मंगलवार रात बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। दो सप्ताह पूर्व गांव से मुजरिया आते वक्त हादसा हुआ था।
थाना मुजरिया क्षेत्र के गांव सबदलपुर निवासी रवेंद्र (45) पुत्र बेचेलाल रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत था। विगत 15 जुलाई को शाम के वक्त अपने गांव से मुजरिया की ओर अपनी बाइक से जा रहा था कि पीछे से आ रही डीसीएम कैंटर गाड़ी में बाइक फंसकर घिसटती हुई करीब 200 मीटर तक चली गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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घटना के समय चालक गाड़ी छोड़कर भाग निकला था। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर घायल को परिजनों के साथ इलाज के लिए भेज दिया था। दो सप्ताह बाद बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रवेंद्र की मंगलवार को मौत हो गई।
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बरेली से पोस्टमॉर्टम होकर बुधवार रात शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के मुताबिक, मृतक के पिता की आठ साल पहले हत्या कर दी गई थी। मृतक के चार पुत्रियां और एक पुत्र है।