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Budaun News: बिसौली सीएचसी में चार बजे के बाद नहीं मिलती इमरजेंसी सेवा
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बिसौली सीएचसी पर डॉक्टर के कक्ष में लटका ताला इंतजार करते मरीज। संवाद
बदायूं। तहसील मुख्यालय बिसौली में क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) है। यहां पर शाम चार बजे के बाद इमरजेंसी सेवाएं नहीं मिल पाती है। डॉक्टर नदारद रहते हैं। रात में हादसा होने पर वहां के कर्मचारी रेफर कर देते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिसौली सीएचसी में करीब 65 गांवों के मरीज दवा लेने को आते हैं। यहां पर डॉक्टरों की कमी है। उस पर भी तीन डॉक्टर ड्यूटी ही नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार रात को करीब 10 बसई निवासी निशांत पाठक को गोली लगी थी। परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर ही नहीं थे। करीब आधा घंटे तक उसको रक्तस्राव होता रहा। एक कर्मचारी ने पट्टी कर दी। उसके बाद परिवार के लोग उसको जिला मुख्यालय ले गए। वहां के कर्मचारियों ने बताया कि यहां पर एमओआईसी नहीं रहते ही हैं। शनिवार को सुबह करीब नौ बजे देख गया कि कुछ मरीज अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। डॉक्टरों के कमरों में ताले लटक रहे।
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भर्ती नहीं, रेफर कर रहे मरीज
जिले भर में 15 सीएचसी हैं। यहां पर मरीजों को भर्ती करने से लेकर ओपीडी तक व्यवस्था शासन की ओर से की है। फिर भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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पड़ताल में सामने आया कि आसफपुर सीएचसी में चार दिन से एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। ओपीडी में ही डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। इमरजेंसी में डॉक्टर आने का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल रूदायन सीएचसी का ह्रै। यहां शनिवार को एमओआईसी अवकाश पर थे। अन्य डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। पिछले दो दिनों में एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है। पांच मरीजों को जिला मुख्यालय को रेफर किया गया है।
वजीरगंज सीएचसी के एमओआईसी डॉ. राजकुमार सिंह ओपीडी में मिले। वह इमरजेंसी में भी रहते हैं। रात के समय अधिकांश मरीजों को रेफर ही किया जाता है। छह दिनों से एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया और 25 से 30 मरीजों को रेफर किया गया।
सैदपुर सीएचसी 30 बेड का है। यहां डॉक्टरों की लंबे समय से कमी है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। फिर भी अस्पताल में न तो सीबीसी जांच हो रही है और न ही अल्ट्रासाउंड व एक्सरे होते हैं। शनिवार को डॉक्टरों ने 175 से अधिक मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दी। एक्सरे के लिए करीब 10 मरीजों को जिला मुख्यालय भेजा गया।
कोट,
- सीएचसी से कुछ शिकायतें मिल रहीं हैं। उसे दिखवाकर दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएचसी पर निरीक्षण को टीम भेजी जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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बिसौली सीएचसी में करीब 65 गांवों के मरीज दवा लेने को आते हैं। यहां पर डॉक्टरों की कमी है। उस पर भी तीन डॉक्टर ड्यूटी ही नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार रात को करीब 10 बसई निवासी निशांत पाठक को गोली लगी थी। परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर ही नहीं थे। करीब आधा घंटे तक उसको रक्तस्राव होता रहा। एक कर्मचारी ने पट्टी कर दी। उसके बाद परिवार के लोग उसको जिला मुख्यालय ले गए। वहां के कर्मचारियों ने बताया कि यहां पर एमओआईसी नहीं रहते ही हैं। शनिवार को सुबह करीब नौ बजे देख गया कि कुछ मरीज अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। डॉक्टरों के कमरों में ताले लटक रहे।
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भर्ती नहीं, रेफर कर रहे मरीज
जिले भर में 15 सीएचसी हैं। यहां पर मरीजों को भर्ती करने से लेकर ओपीडी तक व्यवस्था शासन की ओर से की है। फिर भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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पड़ताल में सामने आया कि आसफपुर सीएचसी में चार दिन से एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। ओपीडी में ही डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। इमरजेंसी में डॉक्टर आने का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल रूदायन सीएचसी का ह्रै। यहां शनिवार को एमओआईसी अवकाश पर थे। अन्य डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। पिछले दो दिनों में एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है। पांच मरीजों को जिला मुख्यालय को रेफर किया गया है।
वजीरगंज सीएचसी के एमओआईसी डॉ. राजकुमार सिंह ओपीडी में मिले। वह इमरजेंसी में भी रहते हैं। रात के समय अधिकांश मरीजों को रेफर ही किया जाता है। छह दिनों से एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया और 25 से 30 मरीजों को रेफर किया गया।
सैदपुर सीएचसी 30 बेड का है। यहां डॉक्टरों की लंबे समय से कमी है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। फिर भी अस्पताल में न तो सीबीसी जांच हो रही है और न ही अल्ट्रासाउंड व एक्सरे होते हैं। शनिवार को डॉक्टरों ने 175 से अधिक मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दी। एक्सरे के लिए करीब 10 मरीजों को जिला मुख्यालय भेजा गया।
कोट,
- सीएचसी से कुछ शिकायतें मिल रहीं हैं। उसे दिखवाकर दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएचसी पर निरीक्षण को टीम भेजी जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

बिसौली सीएचसी पर डॉक्टर के कक्ष में लटका ताला इंतजार करते मरीज। संवाद