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बीस-पच्चीस मिनट सप्लाई.. दो घंटे का ब्रेक, कटौती के फेर में इनवर्टर भी फेल

Fri, 29 Apr 2022 10:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2022 10:57 PM IST
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Electricity crisis: Not sure when the supply should stop, officials say people should be patient
उझानी (बदायूं)। बिजली कटौती ज्यादा होने के कारण इनवर्टर जवाब देने लग गए हैं। देहात में तो तीन-चार घंटे भी लगातार सप्लाई नहीं मिल पा रही है। आम आदमी तो परेशान ही है, सिंचाई के अभाव में अगैती मक्का की फसल पर भी संकट है। अफसर का कहना है कि जनता धैर्य रखे। आने वाले दिनों में सुधार होगा।
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नगरीय इलाके में चार दिन से हालात सुधरे फिर जस के तस हो गए। 20-25 मिनट की सप्लाई के बाद दो घंटे के ब्रेक से उपभोक्ता परेशान हैं।18 घंटे सप्लाई के शेड्यूल में चार-पांच घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।
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पावर कॉरपोरेशन के चतुर्थ खंड से जुड़े इलाकों में बिजली कटौती की मौजूदा हालत ने घरेलू कामकाज को चपेट में लेने के साथ आटा चक्की, ऑयल स्पेलर, कोल्ड स्टोरेज समेत छोटे कारखाना संचालकों को ज्यादा प्रभावित किया है। बुधवार रात तीन बार में करीब छह घंटे की जबरदस्त कटौती हुई। बृहस्पतिवार सुबह से लेकर शाम तक एक बार भी आधा घंटे से अधिक सुचारु सप्लाई नहीं मिली। उपभोक्ताओं में कोल्ड स्टोरेज मालिक हरी प्रकाश छाबड़ा ने बताया कि मशीनों का प्रेशर नहीं बन पा रहा है। जनरेटर से कूलिंग मेंटेन नहीं हो पाती। इससे भंडारित आलू प्रभावित होने की आशंका बनी है। यही नहीं, नागरिकों के लिए बिजली चलित उपकरणों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनवर्टर चार्ज नहीं हो पाते। लोग बिजली आने के इंतजार में घंटों तक आंखों में रात गुजारने को मजबूर हो गए हैं। देहात क्षेत्र में तीन-चार घंटे की सप्लाई से किसानों का भला नहीं हो पा रहा है।
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दरअसल, इन दिनों अगैती मक्का की फसल खेतों में है। उसकी सिंचाई के लिए बिजली आने पर किसान घरों से निकल कर खेत पर पहुंचते हैं लेकिन कुछ ही देर में ट्रिपिंग के चलते नलकूप से खेत तक पानी भी नहीं पहुंच पाता। किसानों में बरामालदेव के राजाराम ने बताया कि अगैती मक्का की फसल सूखने लग गई है।
अचौरा के ग्रामीणों ने उपकेंद्र घेरा
उझानी। बिजली कटौती से गुस्साए अचौरा निवासी ग्रामीण बृहस्पतिवार सुबह उपकेंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों को आड़े हाथ ले लिया। ग्रामीणों के गुस्से के मद्दनेजर कई कर्मचारी तो उपकेंद्र से खिसक लिए।
अचौरा निवासी ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकों से उपकेंद्र पर दस्तक दी तो बिजली कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए। कटौती को लेकर उन्होंने जेई रनवीर सिंह को आड़े हाथ ले लिया। कहा- एक तो सप्लाई ही बहुत कम मिल रही है, उस पर ट्रिपिंग के चलते काफी देर तक बत्ती गुल रहती है। जेई समेत कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो ग्रामीण हंगामा करने लगे। हंगामा देख कुछेक कर्मचारी उपकेंद्र से खिसक गए। उन्होंने बिजली कर्मियों पर मनमानी का आरोप भी लगाया।
करीब एक घंटा तक उपकेंद्र पर डटे रहे ग्रामीणों ने एक्सईएन आरएन यादव को भी अवगत कराया। मक्का की अगैती फसल को नुकसान बताया। उपकेंद्र के घेराव के बाद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर कटौती की स्थिति ऐसे ही चली तो विभागीय अफसरों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में अमृत लाल मौर्य, जसवीर, मैकूलाल, तोताराम, ताहिर, कल्लू, सौदान मौर्य, हवलदार सिंह, आदेश, जीशान, सुलेमान, धर्म सिंह आदि शामिल थे।

धैर्य रखें उपभोक्ता
बिजली कटौती स्थानीय स्तर से नहीं की जा रही है। कटौती के बाद जो सप्लाई मिलती है, उस दौरान ओवरलोडिंग की वजह से ट्रिपिंग हो जाती है। गर्मी की वजह से बिजली की खपत अधिक है। उत्पादन प्रभावित हुआ है। उपभोक्ताओं को धैर्य रखना होगा। कटौती से निजात भी मिलेगी।
- आरएन यादव, एक्सईएन
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