{"_id":"5ecc05c58ebc3e9042045a43","slug":"eid-mubarak-badaun-news-bly407040834","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाकडाउन के बीच हंसी खुशी मना ईद का त्योहार, घरों में पढ़ी गई ईद की नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाकडाउन के बीच हंसी खुशी मना ईद का त्योहार, घरों में पढ़ी गई ईद की नमाज
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बदायूं। कोरोना संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन के बीच सोमवार को ईद का त्योहार घरों पर ही मनाया गया। प्रशासन के मस्जिदों के बंद रखने के आदेश व मुस्लिम धर्म गुरुओं के आह्वान पर लोगों ने घरों पर ही ईद की नमाज अदा की। सभी ने परिवार के सदस्यों संग बैठकर ईद की नमाज पढ़ी। कोरोना के खात्मे की दुआ की। लोग घरों से बाहर नहीं निकले तो परिजनों ने एक दूसरे को ही बधाई दी। इस दौरान वीडियो कॉलिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से भी एक दूसरे के साथ ईद की खुशियां साझा कीं और इस तरह बधाई का सिलसिला भी पूरे दिन चलता रहा। लोगों ने अपने घरों पर लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।
हर बार ईद पर ईदगाह, जामा मस्जिद समेत शहर की प्रमुख मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हो जाता था। प्रशासन समेत तमाम अधिकारी व हिंदू-मुस्लिम नेता एक दूसरे को बधाई देते थे। पकवानों को खाने खिलाने का सिलसिला भी देर शाम तक चलता रहता था। मस्जिदों में हजारों लोगों की भीड़ जुटती थी तो कई मोहल्लों में मेले जैसा माहौल हो जाता था। इनमें झूले, चाट पकौड़ी के ठेले, खिलौने आदि का आनंद हर आयु वर्ग का व्यक्ति लेता था। नये कपड़े पहने लोगों से गलियां व सड़कें देर शाम तक गुलजार रहतीं थीं।
पर इस बार कोरोना संकट के बीच लोगों की सुरक्षा को लेकर खासा एहतियात बरता गया। इस दौरान त्योहार तो वही था लेकिन उल्लास व उमंग का दायरा घरों तक ही सिमटा था। इस दौरान जहां ईद की नमाज घरों पर ही अदा की गई वहीं, नए कपड़े पहने बच्चे भी घरों पर ही और अपने छतों से आस पड़ोस के लोगों को बधाईयां देते दिखाई दिए। मोहल्लों में मेले का आलम तो नहीं था पर घरों पर बन रहे पकवानों की खुशबू पूरे मोहल्ले को महका जरूर रही थी। लोग सोशल मीडिया पर बधाईयां देने और वीडियो कालिंग कर खुशियां साझा करने में लगे रहे। इस दौरान तरीका भले ही बदला और कुछ पाबंदियां भी रहीं। पर उल्लास और उमंग में कोई कमी नहीं आई। पूर्व मंत्री आबिद रजा ने अपने परिवार के साथ त्योहार मनाया। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. यासीन अली उस्मानी ने भी अपने आवास पर परिजनों के साथ नमाज अदा की। इधर, ऊपरपारे बस्ती में आयोजित नूरानी महफिल में शायर शफीक आदि ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नाते पाक पढ़ी और मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ की। इस मौके पर आरिफ, रिजवान, मुश्ताक आदि मौजूद रहे।
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बाजार रहा बंद, सड़कों पर दिखी सुनसान
लॉकडाउन फिलहाल 31 मई तक चलेगा। इसका असर ईद पर भी दिखाई दिया। इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर नजर आए। हालांकि गली मुहल्लों में युवा एक दूसरे से मिलते दिखाई दिए।
पुलिस की रही चौकसी
सोमवार को शहर की प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुबह से ही पुलिस तैनात रही। मिश्रित आबादी और संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस गश्त जारी रही। शहर में किसी भी मस्जिद में ईद पर नमाज के लिए लोग नहीं आए।
देहात की मस्जिदों में भी सन्नाटा, घरों में अदा की ईद की नमाज
बदायूं। देहात क्षेत्रों में भी ईद का त्योहार सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। लोगों ने अपने घरों में ही नमाज पढ़ी। दबतोरी में मुस्लिम बाहुल्य गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इन गांवों समेत आसपास के गांवों को सील किया जा चुका है। सोमवार को ईद पर पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा रही। लोगों ने ईद की नमाज घरों में अदा की। बिसौली में लॉकडाउन की वजह से ईद उल फितर का त्योहार कुछ फीका रहा। प्रमुख स्थानों पर भीड़-भाड़ नहीं दिखी। लोगों ने घरों में ईद की नमाज अदा की। बिल्सी में लॉकडाउन और कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए ईद पर नगर में मस्जिदों में सन्नाटा रहा। सहसवान में प्रमुख मस्जिदों और ईदगाह पर सुबह से ही पुलिस फोर्स तैनात रही। ईद सादगी और सौहार्द के साथ मनाई गई। दातागंज में मस्जिदों में इमामों ने दो से चार लोगों के साथ नमाज अदा की। ककराला में ईदगाह पर शाही इमाम हाफिज रफी अहमद खान ने चार लोगों के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ईद की नमाज अदा की। इसी तरह अलापुर में नगर पंचायत चेयरमैन नाजवी, पूर्व चेयरमैन मो. अली हमजा उर्फ छुट्टन, काजी रिजवान ने लोगों को मुबारकबाद दी। इसके अलावा बिनावर सहित गांव औरंगाबाद, मोहम्मदपुर, थरा, रहमा, आदि गांव में शांतिपूर्वक घरों से ईद उल फितर की नमाज अदा की गई। कादरचौक में रमजानपुर, बेहटा डंबरनगर, भमुइया, भदसिया, गौरामई, मोहम्मद गंज, गढ़ी में लोगों ने घरों में नमाज अदा की।
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हर बार ईद पर ईदगाह, जामा मस्जिद समेत शहर की प्रमुख मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हो जाता था। प्रशासन समेत तमाम अधिकारी व हिंदू-मुस्लिम नेता एक दूसरे को बधाई देते थे। पकवानों को खाने खिलाने का सिलसिला भी देर शाम तक चलता रहता था। मस्जिदों में हजारों लोगों की भीड़ जुटती थी तो कई मोहल्लों में मेले जैसा माहौल हो जाता था। इनमें झूले, चाट पकौड़ी के ठेले, खिलौने आदि का आनंद हर आयु वर्ग का व्यक्ति लेता था। नये कपड़े पहने लोगों से गलियां व सड़कें देर शाम तक गुलजार रहतीं थीं।
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पर इस बार कोरोना संकट के बीच लोगों की सुरक्षा को लेकर खासा एहतियात बरता गया। इस दौरान त्योहार तो वही था लेकिन उल्लास व उमंग का दायरा घरों तक ही सिमटा था। इस दौरान जहां ईद की नमाज घरों पर ही अदा की गई वहीं, नए कपड़े पहने बच्चे भी घरों पर ही और अपने छतों से आस पड़ोस के लोगों को बधाईयां देते दिखाई दिए। मोहल्लों में मेले का आलम तो नहीं था पर घरों पर बन रहे पकवानों की खुशबू पूरे मोहल्ले को महका जरूर रही थी। लोग सोशल मीडिया पर बधाईयां देने और वीडियो कालिंग कर खुशियां साझा करने में लगे रहे। इस दौरान तरीका भले ही बदला और कुछ पाबंदियां भी रहीं। पर उल्लास और उमंग में कोई कमी नहीं आई। पूर्व मंत्री आबिद रजा ने अपने परिवार के साथ त्योहार मनाया। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. यासीन अली उस्मानी ने भी अपने आवास पर परिजनों के साथ नमाज अदा की। इधर, ऊपरपारे बस्ती में आयोजित नूरानी महफिल में शायर शफीक आदि ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नाते पाक पढ़ी और मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ की। इस मौके पर आरिफ, रिजवान, मुश्ताक आदि मौजूद रहे।
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बाजार रहा बंद, सड़कों पर दिखी सुनसान
लॉकडाउन फिलहाल 31 मई तक चलेगा। इसका असर ईद पर भी दिखाई दिया। इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर नजर आए। हालांकि गली मुहल्लों में युवा एक दूसरे से मिलते दिखाई दिए।
पुलिस की रही चौकसी
सोमवार को शहर की प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुबह से ही पुलिस तैनात रही। मिश्रित आबादी और संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस गश्त जारी रही। शहर में किसी भी मस्जिद में ईद पर नमाज के लिए लोग नहीं आए।
देहात की मस्जिदों में भी सन्नाटा, घरों में अदा की ईद की नमाज
बदायूं। देहात क्षेत्रों में भी ईद का त्योहार सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। लोगों ने अपने घरों में ही नमाज पढ़ी। दबतोरी में मुस्लिम बाहुल्य गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इन गांवों समेत आसपास के गांवों को सील किया जा चुका है। सोमवार को ईद पर पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा रही। लोगों ने ईद की नमाज घरों में अदा की। बिसौली में लॉकडाउन की वजह से ईद उल फितर का त्योहार कुछ फीका रहा। प्रमुख स्थानों पर भीड़-भाड़ नहीं दिखी। लोगों ने घरों में ईद की नमाज अदा की। बिल्सी में लॉकडाउन और कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए ईद पर नगर में मस्जिदों में सन्नाटा रहा। सहसवान में प्रमुख मस्जिदों और ईदगाह पर सुबह से ही पुलिस फोर्स तैनात रही। ईद सादगी और सौहार्द के साथ मनाई गई। दातागंज में मस्जिदों में इमामों ने दो से चार लोगों के साथ नमाज अदा की। ककराला में ईदगाह पर शाही इमाम हाफिज रफी अहमद खान ने चार लोगों के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ईद की नमाज अदा की। इसी तरह अलापुर में नगर पंचायत चेयरमैन नाजवी, पूर्व चेयरमैन मो. अली हमजा उर्फ छुट्टन, काजी रिजवान ने लोगों को मुबारकबाद दी। इसके अलावा बिनावर सहित गांव औरंगाबाद, मोहम्मदपुर, थरा, रहमा, आदि गांव में शांतिपूर्वक घरों से ईद उल फितर की नमाज अदा की गई। कादरचौक में रमजानपुर, बेहटा डंबरनगर, भमुइया, भदसिया, गौरामई, मोहम्मद गंज, गढ़ी में लोगों ने घरों में नमाज अदा की।