{"_id":"67e443929db2ac22ff05b837","slug":"e-rickshaws-running-unbridled-in-the-city-are-causing-traffic-jams-badaun-news-c-123-1-sbly1018-136174-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: शहर में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा लगा रहे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: शहर में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा लगा रहे जाम
विज्ञापन
महिला अस्पताल से आंबेडकर पार्क तक लगा जाम। संवाद
- फोटो : udhampur news
बदायूं। शहर में जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा बने हुए हैं। इन पर किसी प्रकार का अंकुश विभाग नहीं लगा पा रहा है। अगर शहर में इनका रूट तय हो जाए तो जाम से निजात मिलने की उम्मीद है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से ही रोडवेज बस स्टैंड से लेकर आंबेडकर पार्क, जिला अस्पताल के सामने समेत बाजार में दिन भर जाम लग रहा है।
शहर में आठ से दस हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, जो जाम की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। प्रशासन ने कई बार इन पर लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। सख्ती से दो-चार दिन समस्या से निजात मिल जाता बाद में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आती है। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार दस हजार ई-रिक्शा में से मात्र 15 सौ ही पंजीकृत हैं। शेष के पंजीकरण के लिए अधिकारी पहल भी नहीं कर रहे।
ई-रिक्शा के लिए कोई स्टैंड नहीं
शहर में ई-रिक्शा चालकों को किसी स्टैंड से कोई मतलब नहीं होता। टेंपों चालकों के लिए चार स्टैंड बनाए गए हैं, लेकिन ई-रिक्शा चालक जहां चाहे वहां स्टैंड बना लेते हैं। बीच बाजार में खड़े होकर सवारियों को बैठाने से जाम लग जाता है। शहर में सुभाष चौक, मढ़ई चौक, सराफा बाजार, बड़ा बाजार, छह सड़का, घास मंडी आदि जगह दिनभर जाम लग रहा है।
विज्ञापन
ई-रिक्शा जाम का कारण बन रहे हैं, इसकी जानकारी है। इन चालकों की रोजी-रोटी का सवाल सामने आ जाता है, इसलिए इनको कई बार हिदायत दे चुके हैं। अब अगर नहीं मानते हैं तो इन पर भी कार्रवाई करेंगे। बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शों पर पाबंदी लगाई जाएगी। - आरएल राजपूत, यातायात प्रभारी बदायूं
विज्ञापन
शहर में आठ से दस हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, जो जाम की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। प्रशासन ने कई बार इन पर लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। सख्ती से दो-चार दिन समस्या से निजात मिल जाता बाद में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आती है। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार दस हजार ई-रिक्शा में से मात्र 15 सौ ही पंजीकृत हैं। शेष के पंजीकरण के लिए अधिकारी पहल भी नहीं कर रहे।
विज्ञापन
ई-रिक्शा के लिए कोई स्टैंड नहीं
शहर में ई-रिक्शा चालकों को किसी स्टैंड से कोई मतलब नहीं होता। टेंपों चालकों के लिए चार स्टैंड बनाए गए हैं, लेकिन ई-रिक्शा चालक जहां चाहे वहां स्टैंड बना लेते हैं। बीच बाजार में खड़े होकर सवारियों को बैठाने से जाम लग जाता है। शहर में सुभाष चौक, मढ़ई चौक, सराफा बाजार, बड़ा बाजार, छह सड़का, घास मंडी आदि जगह दिनभर जाम लग रहा है।
विज्ञापन
ई-रिक्शा जाम का कारण बन रहे हैं, इसकी जानकारी है। इन चालकों की रोजी-रोटी का सवाल सामने आ जाता है, इसलिए इनको कई बार हिदायत दे चुके हैं। अब अगर नहीं मानते हैं तो इन पर भी कार्रवाई करेंगे। बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शों पर पाबंदी लगाई जाएगी। - आरएल राजपूत, यातायात प्रभारी बदायूं

महिला अस्पताल से आंबेडकर पार्क तक लगा जाम। संवाद- फोटो : udhampur news