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Budaun News: डाक्टरों की कमी, घरों में कराए गए 492 प्रसव
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उझानी सीएचसी का प्रसव केंद्र। संवाद
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग सुरक्षित प्रसव के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। फिर भी पिछले 50 दिनों में जिलेभर में 492 प्रसव घरों में कराए गए हैं। इसका प्रमुख कारण अस्पतालों में डॉक्टर न होना और जागरूकता का अभाव बताया जा रहा है।
मातृ एवं शिशु दर को कम करने के लिए सरकार की ओर से सुरक्षित प्रसव पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सहित अन्य कार्यक्रम चलाएं जा रहे हैं, ताकि सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो सके। इन सभी को लेकर आशा, एएनएम, सीएचओ आदि को लगाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक मई से 20 जून के बीच जिले में 492 प्रसव घरों में कराए गए हैं। इन सभी प्रसव की जानकारी आशाओं के माध्यम के चिकित्सा अधीक्षकों को दी गई है। सबसे ज्यादा प्रसव दातागंज ब्लॉक में कराए गए हैं। इसके पीछे की वजह से दातागंज सीएचसी में डाॅक्टर की संख्या बहुत कम है। यहां पर सामान्य इलाज ही मिल पाता है। इसी तरह जिले में डॉक्टरों की संख्या कम है।
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दाइयों पर ज्यादा भरोसा
दाइयों पर ग्रामीण ज्यादा भरोसा जताते हैं। इस वजह से पीड़ा होने पर वह दाइयों को ही बुलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की बेहतर सुविधा न मिलने के कारण ऐसा हो रहा है।
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किस ब्लॉक में कितने प्रसव
ब्लॉक हुए प्रसव की संख्या
उसावां 04
सहसवान 37
दहगवां 24
जगत 48
बिसौली 21
म्याऊं 38
बिनावर 12
समरेर 31
कादरचौक 38
अंबियापुर 34
वजीरगंज 29
आसफपुर 21
इस्लामनगर 33
दातागंज 64
उझानी 51
बदायूं अर्बन 07
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार घर-घर जाकर संस्थागत प्रसव के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। घरेलू प्रसव की समीक्षा कर इसमें सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। - डाॅ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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मातृ एवं शिशु दर को कम करने के लिए सरकार की ओर से सुरक्षित प्रसव पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सहित अन्य कार्यक्रम चलाएं जा रहे हैं, ताकि सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो सके। इन सभी को लेकर आशा, एएनएम, सीएचओ आदि को लगाया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक मई से 20 जून के बीच जिले में 492 प्रसव घरों में कराए गए हैं। इन सभी प्रसव की जानकारी आशाओं के माध्यम के चिकित्सा अधीक्षकों को दी गई है। सबसे ज्यादा प्रसव दातागंज ब्लॉक में कराए गए हैं। इसके पीछे की वजह से दातागंज सीएचसी में डाॅक्टर की संख्या बहुत कम है। यहां पर सामान्य इलाज ही मिल पाता है। इसी तरह जिले में डॉक्टरों की संख्या कम है।
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दाइयों पर ज्यादा भरोसा
दाइयों पर ग्रामीण ज्यादा भरोसा जताते हैं। इस वजह से पीड़ा होने पर वह दाइयों को ही बुलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की बेहतर सुविधा न मिलने के कारण ऐसा हो रहा है।
किस ब्लॉक में कितने प्रसव
ब्लॉक हुए प्रसव की संख्या
उसावां 04
सहसवान 37
दहगवां 24
जगत 48
बिसौली 21
म्याऊं 38
बिनावर 12
समरेर 31
कादरचौक 38
अंबियापुर 34
वजीरगंज 29
आसफपुर 21
इस्लामनगर 33
दातागंज 64
उझानी 51
बदायूं अर्बन 07
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार घर-घर जाकर संस्थागत प्रसव के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। घरेलू प्रसव की समीक्षा कर इसमें सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। - डाॅ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ