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Budaun News: गंगा से कदमनगला गांव में तबाही, सिर्फ 15 लोग बचे
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बाढ़ का पानी कदमनगला में घुसने के बाद के हालात। संवाद
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उसहैत। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ग्रस्त गांवों में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित कदमनगला गांव में शेष बचे 15 लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उनके आने-जाने के रास्तों पर गहरे गड्ढे होने से मार्ग आवाजाही के योग्य नहीं है। प्रशासन ने ग्रामीणों के आने-जाने के लिए गांव के किनारे मोटरबोट तैनात कर दी है। वहीं, ग्राम अहमद नगर बछौरा प्राचीन में भी मकान गंगा में समाते जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आने की वजह से यह गांव कई साल से खाली है, लेकिन यहां भवन खड़े हुए हैं।
बृहस्पतिवार को भी गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ रहा। ग्राम असमया रफतपुर को जाने वाले मार्ग पर एक फुट तक पानी बह रहा है। गांव आने जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है, जिसके प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि गांव में पानी नहीं गया है, लेकिन आसपास के खेत एक माह से पानी में डूबे हुए हैं। लगभग 200 बीघा खेतों में पानी भरा है, जिससे धान, बाजरा, मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मवेशियों के लिए चारा जुटाने में भी परेशानी खड़ी हो गई है।
ग्राम कदमनगला भी कटान से बेहाल है। गांव में अब 15 लोग ही बचे हैं। शेष गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। शेष बचे लोगों की आवाजाही के लिए जिला प्रशासन ने गांव के किनारे मोटरबोट तैनात करा दी है। गांव जाने वाले मार्ग पर पानी भरा है। मार्ग पर गहरे गड्ढे हैं। ग्रामीण यहां रहकर प्रशासन से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, इन परिस्थितियों में मच्छरों और कीट इत्यादि का खतरा भी लगातार बढ़ गया है।ग्राम जटा को जाने वाले मार्ग पर पानी ज्यादा है, जिससे पैदल आवागमन मुश्किल हो रहा है। लोग ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों का सहारा लेकर आवागमन कर रहे हैं।
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कदमनगला गांव में ग्रामीणों की आवाजाही के लिए मोटरबोट लगा दी गई है। भू-कटान की स्थिति दिखवाई जा रही है। राशन किट भी बांटी गई हैं। - विनोद कुमार, एसडीएम
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ीं
- हजरतपुर-गढ़िया रंगीन और नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग पर नावों से हो रहा आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। रामगंगा नदी के जलस्तर में बुधवार शाम से तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। नदी का जलस्तर अब ऊपरी किनारे को छू रहा है। इससे हजरतपुर-गढ़िया रंगीन और नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग पर जलभराव बढ़ गया है। इन दोनों मार्गों पर नावों से आवाजाही हो रही है।
संवेदनशील गांव सकतपुर के चरण सिंह और सिमरिया के वेदपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को दिन में पानी धीमी गति से बढ़ रहा था, लेकिन शाम ढलते ही रफ्तार तेज हो गई। पहले जलस्तर ऊपरी किनारे से एक फुट से ज्यादा नीचे था, लेकिन अब किनारे तक पहुंच गया है। नदी में पानी बढ़ने से गढ़िया रंगीन जाने वाले दोनों मार्गों पर जलभराव बढ़ गया है। दोनों ही रास्तों पर नावों से आवागमन हो रहा है।
हरे नगला और गढ़िया शाहपुर के बीच अरिल नदी के रपटा पुल पर भी नाव चल रही है। एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा की 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और लगातार मुख्यालय को रिपोर्ट कर रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त नावों के साथ मोटरबोट की भी व्यवस्था की गई है।
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बृहस्पतिवार को भी गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ रहा। ग्राम असमया रफतपुर को जाने वाले मार्ग पर एक फुट तक पानी बह रहा है। गांव आने जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है, जिसके प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि गांव में पानी नहीं गया है, लेकिन आसपास के खेत एक माह से पानी में डूबे हुए हैं। लगभग 200 बीघा खेतों में पानी भरा है, जिससे धान, बाजरा, मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मवेशियों के लिए चारा जुटाने में भी परेशानी खड़ी हो गई है।
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ग्राम कदमनगला भी कटान से बेहाल है। गांव में अब 15 लोग ही बचे हैं। शेष गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। शेष बचे लोगों की आवाजाही के लिए जिला प्रशासन ने गांव के किनारे मोटरबोट तैनात करा दी है। गांव जाने वाले मार्ग पर पानी भरा है। मार्ग पर गहरे गड्ढे हैं। ग्रामीण यहां रहकर प्रशासन से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, इन परिस्थितियों में मच्छरों और कीट इत्यादि का खतरा भी लगातार बढ़ गया है।ग्राम जटा को जाने वाले मार्ग पर पानी ज्यादा है, जिससे पैदल आवागमन मुश्किल हो रहा है। लोग ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों का सहारा लेकर आवागमन कर रहे हैं।
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कदमनगला गांव में ग्रामीणों की आवाजाही के लिए मोटरबोट लगा दी गई है। भू-कटान की स्थिति दिखवाई जा रही है। राशन किट भी बांटी गई हैं। - विनोद कुमार, एसडीएम
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ीं
- हजरतपुर-गढ़िया रंगीन और नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग पर नावों से हो रहा आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। रामगंगा नदी के जलस्तर में बुधवार शाम से तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। नदी का जलस्तर अब ऊपरी किनारे को छू रहा है। इससे हजरतपुर-गढ़िया रंगीन और नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग पर जलभराव बढ़ गया है। इन दोनों मार्गों पर नावों से आवाजाही हो रही है।
संवेदनशील गांव सकतपुर के चरण सिंह और सिमरिया के वेदपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को दिन में पानी धीमी गति से बढ़ रहा था, लेकिन शाम ढलते ही रफ्तार तेज हो गई। पहले जलस्तर ऊपरी किनारे से एक फुट से ज्यादा नीचे था, लेकिन अब किनारे तक पहुंच गया है। नदी में पानी बढ़ने से गढ़िया रंगीन जाने वाले दोनों मार्गों पर जलभराव बढ़ गया है। दोनों ही रास्तों पर नावों से आवागमन हो रहा है।
हरे नगला और गढ़िया शाहपुर के बीच अरिल नदी के रपटा पुल पर भी नाव चल रही है। एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा की 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और लगातार मुख्यालय को रिपोर्ट कर रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त नावों के साथ मोटरबोट की भी व्यवस्था की गई है।

बाढ़ का पानी कदमनगला में घुसने के बाद के हालात। संवाद

बाढ़ का पानी कदमनगला में घुसने के बाद के हालात। संवाद