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रेलवे की हरी झंडी नहीं मिलने से दबतोरी में नहीं हो सका पुतला दहन
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दबतोरी। कोतवाली बिसौली क्षेत्र के गांव दबतोरी में इस बार रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर 70 वर्ष पुराना प्राचीन मेला पुलिस प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने की वजह से नहीं लग सका। मंगलवार को दशहरा पर रावण दहन भी नहीं हुआ।
गत वर्ष दशहरा पर्व पर पंजाब के अमृतसर शहर में रेलवे लाइन के बीच रावण का दहन किया गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद रेल प्रशासन ने रेलवे परिधि में लगने वाले मेलों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी और लोकल पुलिस-प्रशासन भी चौकन्ना हो गया था।
दबतोरी में रेलवे स्टेशन के पास उसकी भूमि पर ही लगभग 70 वर्षों से आदर्श रामलीला के बैनर तले मेला लगता आ रहा है। इस बार आरपीएफ चंदौसी ने मेला कमेटी को नोटिस जारी कर मेला नहीं लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद आरपीएफ दरोगा बलजीत सिंह ने भी मेला कमेटी के पदाधिकारियों से मिलकर मेला नहीं लगाने की हिदायत दी ।
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इसके बाद मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने मेला लगाने के लिए भूमि की तलाश की और स्थानीय पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी। 30 सितंबर तक मेला कमेटी भूमि का चयन नहीं कर सकी, जिसके बाद मेला कमेटी ने एसडीएम बिसौली को मेला स्थगित करने का पत्र भेज दिया। इस कारण कलाकारों की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं । मंगलवार को रावण दहन भी नहीं हुआ जिसकी वजह से लोगों में मायूसी छाई रही।
दबतोरी का स्थानीय मेला लंबे समय से लगता आ रहा था। मेला कमेटी के पदाधिकारी भूमि का चयन इस बार कर लेंगे और फिर पुलिस प्रशासन की अनुमति से मेला पहले की भांति लगाया जाएगा।
- अरुण कठेरिया, मेला संचालक
मेला आयोजकों द्वारा भूमि चयन नहीं होने पर इस बार मेला स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने लिखित में सूचना भी दी थी। रेलवे की भूमि पर स्थानीय पुलिस प्रशासन अनुमति नहीं दे सकता। भविष्य में उचित भूमि चयन होने पर अनुमति दी जा सकती है।
-सर्वेंद्र कुमार सिंह, सीओ, बिसौली
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गत वर्ष दशहरा पर्व पर पंजाब के अमृतसर शहर में रेलवे लाइन के बीच रावण का दहन किया गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद रेल प्रशासन ने रेलवे परिधि में लगने वाले मेलों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी और लोकल पुलिस-प्रशासन भी चौकन्ना हो गया था।
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दबतोरी में रेलवे स्टेशन के पास उसकी भूमि पर ही लगभग 70 वर्षों से आदर्श रामलीला के बैनर तले मेला लगता आ रहा है। इस बार आरपीएफ चंदौसी ने मेला कमेटी को नोटिस जारी कर मेला नहीं लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद आरपीएफ दरोगा बलजीत सिंह ने भी मेला कमेटी के पदाधिकारियों से मिलकर मेला नहीं लगाने की हिदायत दी ।
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इसके बाद मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने मेला लगाने के लिए भूमि की तलाश की और स्थानीय पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी। 30 सितंबर तक मेला कमेटी भूमि का चयन नहीं कर सकी, जिसके बाद मेला कमेटी ने एसडीएम बिसौली को मेला स्थगित करने का पत्र भेज दिया। इस कारण कलाकारों की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं । मंगलवार को रावण दहन भी नहीं हुआ जिसकी वजह से लोगों में मायूसी छाई रही।
दबतोरी का स्थानीय मेला लंबे समय से लगता आ रहा था। मेला कमेटी के पदाधिकारी भूमि का चयन इस बार कर लेंगे और फिर पुलिस प्रशासन की अनुमति से मेला पहले की भांति लगाया जाएगा।
- अरुण कठेरिया, मेला संचालक
मेला आयोजकों द्वारा भूमि चयन नहीं होने पर इस बार मेला स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने लिखित में सूचना भी दी थी। रेलवे की भूमि पर स्थानीय पुलिस प्रशासन अनुमति नहीं दे सकता। भविष्य में उचित भूमि चयन होने पर अनुमति दी जा सकती है।
-सर्वेंद्र कुमार सिंह, सीओ, बिसौली