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जिले में बजेगा दलहनी फसलों का डंका

Thu, 13 Oct 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/बदायूं
ब्यूरो/बदायूं Updated Thu, 13 Oct 2016 11:48 PM IST
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dalhan is now priority for farmars
पंजाब में खेती और उत्पादन पर मॉनसून का असर - फोटो : फाइल फोटो
गन्ना से किसानों का मोहभंग होने के साथ ही किसान अब दलहनी फसलों की ओर से रुख करने लगे हैं। इससे इस बार दलहनी फसलों का रकबा जिले में लगभग दोगुना हो जाएगा, जिससे जिले के लोगों को दालों की कमी नहीं रहेगी। जिले में सर्वाधिक फोकस मसूर पर किया गया, जिसका रकबा लगभग दोगुना हो जाएगा। इसका लक्ष्य भी शासन से कृषि विभाग के लिए आ चुका है, जिस पर अमल करते हुए विभागीय अधिकारियों ने काम भी शुरू कर दिया है। 
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रबी की शुरुआत होने के साथ किसानों ने खेतों में फसलों की बुवाई तेज कर दी है। किसानों का फोकस इस बार गेहूं के साथ ही मसूर पर भी है। यही नहीं, कृषि विभाग ने भी लक्ष्य के अनुसार मसूर बीज की उपलब्धता पर ध्यान देते हुए करीब 25 क्विंटल बीज मंगवा लिया। साथ ही गेहूं बीज भी जिले में आ चुका है। किसानों के साथ कृषि विभाग का फोकस भी दलहनी फसलों को बढ़ावा देने पर है। इसी वजह से विभाग किसी प्रकार तैयारी में खामी नहीं छोड़ना चाहता है। जल्द ही खेतों में गेहूं और मसूर की बुवाई तेजी के साथ शुरू हो जाएगी। 
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  फसल        वर्ष 2016         वर्ष 2015 
1. गेहूं           257974          251324 
2. जौ                554              414 
3. तोरिया         12181            डेटा नहीं
(कम समय में होने वाली सरसों) 
4. राई(सरसों)   27586           22122 
5. अरहर            712               302 
6. मसूर            9059              4930 
7. मटर            1504                957    
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नोट: रकबा हेक्टेअर में दिया गया है। 
प्रति हेक्टेयर सात क्विंटल पैदावार बढ़ाने का लक्ष्य 
बदायूं। इस वर्ष गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बीते वर्ष की तुलना में प्रति हेक्टेअर सात क्विंटल पैदावार बढ़ाने का तय किया गया है। आपदा के चलते गेहूं की पैदावार 28.31 क्विंटल थी, जो 35.56 क्विंटल प्रति हेक्टेअर की जाएगी। इससे बीते वर्ष की तुलना में इस बार करीब 40 हजार क्विंटल गेहूं की अधिक पैदावार होने की उम्मीद कृषि विभाग जता रहा है।  
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क्षेत्रीय किसानों की मांग के अनुसार मसूर के छोटे दाने वाले बीज की व्यवस्था की जा रही है। इसमें अब तक 25 क्विंटल बीज आ भी चुका है। 520 क्विंटल बीज शेष बीज जल्द ही आने की उम्मीद है। रबी की फसलों की पैदावार और रकबा दोनों बढे़ंगे। 
आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक 
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