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कटौती ने सप्लाई का शेड्यूल बिगाड़ा, ट्रांसफार्मर फुंका
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
Updated Mon, 08 May 2017 12:06 AM IST
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परेशान उपभोक्ताओं ने कसा अफसरों पर तंज
- पूरे दिन में महज चार घंटे मिली सप्लाई
बिजली सप्लाई शेड्यूल पटरी से उतर गया है। कटौती ने उपभोक्ताओं की नींद हराम कर दी है। नगर में रविवार को महज चार घंटे ही बत्ती नसीब हो पाई। इस दौरान स्टेशन रोड का मेन ट्रांसफार्मर भी फुंक गया है। उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति गुस्सा पनप रहा है।
बिजली कटौती में चार-छह घंटों की वृद्धि की शुरूआत चार दिन पहले हुई। सप्लाई का शेड्यूल 20 घंटे का रहा है। शेड्यूल के अनुरूप रात में दो घंटे की कटौती के बाद बिजली लगातार मिलनी चाहिए। कई दिन पहले तक ऐसा चला भी लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी। शनिवार रात में चार घंटा सप्लाई मिली। तीन बार ट्रिपिंग भी हुई। रविवार को दिन में 11 बजे तक कटौती की गई। 11 बजे के बाद सप्लाई मिली तो लेकिन आधा घंटे की व्यवस्था दुरुस्त रही। 12 से तीन बजे तक चार बार कटौती करके उपभोक्ताओं को फिर से परेशानी में डाल दिया गया।
दोपहर में स्टेशन रोड का मेन ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। ट्रांसफार्मर को उतारने का काम शाम तक चला लेकिन संबंधित इलाके की सप्लाई को दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई। देहात में सप्लाई की हालत पर गौर करें तो 24 घंटे में ग्रामीणों को तीन घंटा बिजली मिली है। ऐसे में सिंचाई कार्य भी प्रभावित रहा। जेई बृजमोहन ने बताया कि कटौती की मुख्य वजह डिमांड बढ़ना रही है। ट्रांसमिशन सेंटर से सप्लाई मिलते ही उसे रिलीज कर दिया जाता है। ट्रांसमिशन से 14 घंटा 20 मिनट सप्लाई मिली थी जो देहात और नगरीय उपभोक्ताओं को दो भाग में बांट कर मुहैया करा दी गई।
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...तो फिर ‘उन्हें’ उठाना पड़ेगा कदम
उझानी। बिजली कर्मी ही नहीं बल्कि कई उपभोक्ता अच्छी तरह से जानते हैं कि इन दिनों कटौती की मुख्य वजह क्या रहती है। उनकी नजर में उपभोक्ताओं में एक वर्ग ऐसा है जो सप्लाई ठीकठाक मुहैैया कराने में सामूहिक रूप से पैरोकार बनकर खुद के साथ सामान्य उपभोक्ताओं को भी राहत पहुंचाता रहा है लेकिन सच्चाई के बारे में कोई भी जुबान खोलने को तैयार नहीं है। इस बार भी उन्होंने ठोस कदम उठाया तो आने वाले दिनों में सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
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- पूरे दिन में महज चार घंटे मिली सप्लाई
बिजली सप्लाई शेड्यूल पटरी से उतर गया है। कटौती ने उपभोक्ताओं की नींद हराम कर दी है। नगर में रविवार को महज चार घंटे ही बत्ती नसीब हो पाई। इस दौरान स्टेशन रोड का मेन ट्रांसफार्मर भी फुंक गया है। उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति गुस्सा पनप रहा है।
बिजली कटौती में चार-छह घंटों की वृद्धि की शुरूआत चार दिन पहले हुई। सप्लाई का शेड्यूल 20 घंटे का रहा है। शेड्यूल के अनुरूप रात में दो घंटे की कटौती के बाद बिजली लगातार मिलनी चाहिए। कई दिन पहले तक ऐसा चला भी लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी। शनिवार रात में चार घंटा सप्लाई मिली। तीन बार ट्रिपिंग भी हुई। रविवार को दिन में 11 बजे तक कटौती की गई। 11 बजे के बाद सप्लाई मिली तो लेकिन आधा घंटे की व्यवस्था दुरुस्त रही। 12 से तीन बजे तक चार बार कटौती करके उपभोक्ताओं को फिर से परेशानी में डाल दिया गया।
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दोपहर में स्टेशन रोड का मेन ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। ट्रांसफार्मर को उतारने का काम शाम तक चला लेकिन संबंधित इलाके की सप्लाई को दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई। देहात में सप्लाई की हालत पर गौर करें तो 24 घंटे में ग्रामीणों को तीन घंटा बिजली मिली है। ऐसे में सिंचाई कार्य भी प्रभावित रहा। जेई बृजमोहन ने बताया कि कटौती की मुख्य वजह डिमांड बढ़ना रही है। ट्रांसमिशन सेंटर से सप्लाई मिलते ही उसे रिलीज कर दिया जाता है। ट्रांसमिशन से 14 घंटा 20 मिनट सप्लाई मिली थी जो देहात और नगरीय उपभोक्ताओं को दो भाग में बांट कर मुहैया करा दी गई।
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...तो फिर ‘उन्हें’ उठाना पड़ेगा कदम
उझानी। बिजली कर्मी ही नहीं बल्कि कई उपभोक्ता अच्छी तरह से जानते हैं कि इन दिनों कटौती की मुख्य वजह क्या रहती है। उनकी नजर में उपभोक्ताओं में एक वर्ग ऐसा है जो सप्लाई ठीकठाक मुहैैया कराने में सामूहिक रूप से पैरोकार बनकर खुद के साथ सामान्य उपभोक्ताओं को भी राहत पहुंचाता रहा है लेकिन सच्चाई के बारे में कोई भी जुबान खोलने को तैयार नहीं है। इस बार भी उन्होंने ठोस कदम उठाया तो आने वाले दिनों में सबकुछ सामान्य हो जाएगा।