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Budaun News: ग्राहक सहायक ने हेराफेरी कर स्टेट बैंक से 97 लाख निकाले
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- राशि को किया अपनी मां और कैंटीन कर्मचारी के खातों में ट्रांसफर
- जुलाई में पकड़ में आया मामला तो ग्राहक सहायक को किया गया निलंबित
- शाखा प्रबंधक ने अब दर्ज कराई तीन लोगों की खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दातागंज के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 97 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रोशनलाल ने बैंक के ग्राहक सहायक एटा जिले के आंबेडकर नगर के मलू निवासी और कासगंज जिले के हाल निवासी दीपेंद्र प्रताप सिंह, उसकी मां सरोजनी देवी और कैंटीन कर्मचारी सरवेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में ग्राहक सहायक जुलाई माह से निलंबित चल रहा है।
शाखा प्रबंधक का आरोप है कि वर्ष 2018 में दीपेंद्र प्रताप सिंह बैंक में ग्राहक सहायक के पद पर तैनात हुआ था। इस दौरान उसने बैंक के एकाउंट से एक सितंबर 2021 से लेकर 13 अक्तूबर 2022 तक 3,21,518 रुपये सरवेंद्र के अकाउंट में तो तीन दिसंबर 2021 से तीन जुलाई 2023 तक 94,55,065 रुपये अपनी मां के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
जब जुलाई माह में बैंक का खाता चेक किया गया तो मामला पकड़ में आया और 97,76,583 रुपये का गबन निकला। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी, जिसपर ग्राहक सहायक को तुरंत निलंबित कर दिया गया। अब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ऐसे की हेराफेरी
निजी खर्चे के लिए बैंक का खाता अलग होता है। जिससे जनरेटर, चाय पानी, रजिस्टर और तमाम खर्चों का भुगतान होता है। बताया जाता है कि ग्राहक सहायक जो भी बिल आते थे, उनमें स्वयं धनराशि बढ़ा देता था और जो धनराशि बढ़ाता था, वह अपनी मां और कैंटीन कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर कर देता था। बाद में राशि उनसे ले लेता था।
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- जुलाई में पकड़ में आया मामला तो ग्राहक सहायक को किया गया निलंबित
- शाखा प्रबंधक ने अब दर्ज कराई तीन लोगों की खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दातागंज के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 97 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रोशनलाल ने बैंक के ग्राहक सहायक एटा जिले के आंबेडकर नगर के मलू निवासी और कासगंज जिले के हाल निवासी दीपेंद्र प्रताप सिंह, उसकी मां सरोजनी देवी और कैंटीन कर्मचारी सरवेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में ग्राहक सहायक जुलाई माह से निलंबित चल रहा है।
शाखा प्रबंधक का आरोप है कि वर्ष 2018 में दीपेंद्र प्रताप सिंह बैंक में ग्राहक सहायक के पद पर तैनात हुआ था। इस दौरान उसने बैंक के एकाउंट से एक सितंबर 2021 से लेकर 13 अक्तूबर 2022 तक 3,21,518 रुपये सरवेंद्र के अकाउंट में तो तीन दिसंबर 2021 से तीन जुलाई 2023 तक 94,55,065 रुपये अपनी मां के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
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जब जुलाई माह में बैंक का खाता चेक किया गया तो मामला पकड़ में आया और 97,76,583 रुपये का गबन निकला। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी, जिसपर ग्राहक सहायक को तुरंत निलंबित कर दिया गया। अब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ऐसे की हेराफेरी
निजी खर्चे के लिए बैंक का खाता अलग होता है। जिससे जनरेटर, चाय पानी, रजिस्टर और तमाम खर्चों का भुगतान होता है। बताया जाता है कि ग्राहक सहायक जो भी बिल आते थे, उनमें स्वयं धनराशि बढ़ा देता था और जो धनराशि बढ़ाता था, वह अपनी मां और कैंटीन कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर कर देता था। बाद में राशि उनसे ले लेता था।