{"_id":"622bab835387441931535927","slug":"cultural-badaun-news-bly478029869","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारी शिक्षा व सुरक्षा के बारे में किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारी शिक्षा व सुरक्षा के बारे में किया जागरूक
विज्ञापन
एनएसएस की स्वयं सेविकाओं ने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक किया। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय में संचालित एनएसएस की रानी लक्ष्मीबाई इकाई के पड़ौआ ग्राम में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन नारी शिक्षा, सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबिता यादव के नेतृत्व में छात्राओं ने पड़ौआ में डोर टू डोर सर्वेक्षण कर महिलाओं की शैक्षिक स्थिति का जायजा लिया। छात्राओं ने मेंटल हेल्थ केयर की दृष्टि से महिलाओं से मिल कर घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में परामर्श प्रदान किया।
डॉ. बबिता यादव ने कहा कि नारी के सम्मान को किसी भी प्रकार से ठेस पहुंचाना चिंता का विषय है। इससे पारिवारिक, सामाजिक सद्भाव और समरसता को सर्वाधिक हानि पहुंचती है। बौद्धिक सत्र में समाज शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश सिंह यादव ने कहा कि स्वयंसेविकाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित नारी शक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नारी साक्षरता अभियान को गोद लिए गांव तक ही सीमित न रखें। बल्कि इसे अपने-अपने गांव में ले जाकर चलाएं तो यह शिविर सार्थक सिद्ध होगा। संचालन सेजल मिश्रा ने किया।
विज्ञापन
इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, राजेश कुमार सिंह, बलराम यादव, विपिन कुमार, सोनी, वर्षा, एकता सक्सेना, सौम्या पाठक, मंजू वर्मा, दीप्ति सिंह, तृप्ति सिंह, प्रीति, काजल, संजना चौहान, शिवांगी आदि उपस्थित थे। संवाद
विज्ञापन
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबिता यादव के नेतृत्व में छात्राओं ने पड़ौआ में डोर टू डोर सर्वेक्षण कर महिलाओं की शैक्षिक स्थिति का जायजा लिया। छात्राओं ने मेंटल हेल्थ केयर की दृष्टि से महिलाओं से मिल कर घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में परामर्श प्रदान किया।
विज्ञापन
डॉ. बबिता यादव ने कहा कि नारी के सम्मान को किसी भी प्रकार से ठेस पहुंचाना चिंता का विषय है। इससे पारिवारिक, सामाजिक सद्भाव और समरसता को सर्वाधिक हानि पहुंचती है। बौद्धिक सत्र में समाज शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश सिंह यादव ने कहा कि स्वयंसेविकाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित नारी शक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नारी साक्षरता अभियान को गोद लिए गांव तक ही सीमित न रखें। बल्कि इसे अपने-अपने गांव में ले जाकर चलाएं तो यह शिविर सार्थक सिद्ध होगा। संचालन सेजल मिश्रा ने किया।
विज्ञापन
इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, राजेश कुमार सिंह, बलराम यादव, विपिन कुमार, सोनी, वर्षा, एकता सक्सेना, सौम्या पाठक, मंजू वर्मा, दीप्ति सिंह, तृप्ति सिंह, प्रीति, काजल, संजना चौहान, शिवांगी आदि उपस्थित थे। संवाद