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Budaun News: फसल हुईं बर्बाद... अब कैसे चुकाएंगे बैंक का कर्ज
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(22 बीडीएन-03)ओरछी में गिरी फसल के साथ खड़ा किसान।संवाद
- किसी किसान ने फसल लहलहाने के लिए बैंक तो किसी ने साहूकार से ले रखा है कर्जा
- हवा और बारिश की वजह से किसानों की 50 से 60 प्रतिशत फसल हो चुकी है तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल को चौपट कर दिया है। खेतों में फसल लहलहाने के लिए किसी ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज लिया तो किसी ने साहूकार से ब्याज पर पैसा उठाया हुआ है। किसान समय पर पैसा चुकाने के लिए खेतों में खड़ी फसल की ओर देख रहे थे। पर किसानों के रंग में भंग बदलते मौसम में डाल दिया। इससे अब किसानों के निकल रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
जिले में तीन दिन तक हवा के साथ रुक-रुककर हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। हालात ये हैं कि कई किसानों की फसल बारिश और हवा से जमीन पर लेट गई है। निचले इलाकों के खेतों में पानी निकास की जगह नहीं होने के कारण अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में किसानों को फसल पूरी तरह से खराब होने की चिंता सता रही है।
हालात ये हैं कि हवा, बारिश की वजह से किसानों की 50 से 60 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में किसानों के सामने कर्ज चुकाने का नया संकट खड़ा हो गया है।
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फसल को देखकर थी अच्छी आमदनी की उम्मीद
बेमौसम बारिश की मार से खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है, जबकि जिस हिसाब से फसल हुई थी, उससे अच्छी आमदनी होने की उम्मीद लगाए हुए थे। उम्मीद थी कि इससे बैंक से लिया 1.25 लाख रुपये का कर्ज चुका सकूंगा। पर अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
-गोविंद गुप्ता, गांव सिसरका
मेरे साढ़े 13 बीघा में गेहूं की फसल थी। पिछले दिनों हवा के साथ आयी बारिश ने पूरी फसल को गिरा दिया है, जबकि इस फसल से उम्मीद लगाए बैठे थे कि अच्छी आमदनी होगी। जिससे अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करूंगा, पर अब क्या करूं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
-अनोखे लाल शर्मा, ब्लॉक आसफपुर
पांच बीघा में गेहूं की फसल की थी। उम्मीद थी कि फसल से मिलने वाली धनराशि से बैठक से लिया केसीसी का 1.98 लाख का ऋण लौटा दूंगा। साथ ही अन्य जरूरी काम भी पूरे कर लिए जाएंगे, पर अब कर्ज कैसे उतारुंगा। यह सबसे बड़ा सवाल हमारे लिए बन गया है।
-विजेंद्र पाल, उघैती
तीन बीघा जमीन थी, उसमें भी गेहूं कर लिए थे। एक साहूकार से फसल करने के लिए कर्ज लिया था। अब फसल खराब होने पर कर्ज उतारने का संकट खड़ा हो गया है। साहूकार से भी इस संबंध में बात की, पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी चीज से मतलब नहीं है, उन्हें समय से अपना पैसा चाहिए।
-कुंवरपाल, शर्की
184 किसानों ने दर्ज कराईं कराई शिकायतें
पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से कई किसानों की फसल खराब हो गई थी। ऐसे में जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया था। उन किसानों में से अब तक 184 किसानों ने बीमा कंपनी को अपनी शिकायत कर चुके हैं। बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि जिन किसानों ने अपना बीमा कराया है। उनके लिए बीमा कंपनी खराब हुई फसल की भरपाई करते हैं। जो शिकायतें आयी है अब उनका सर्वे कराया जाएगा। उसके आधार पर उनको धनराशि दी जाएगी।
अब मौसम सही होने लगा हैं, जिन खेतों में गेहूं की फसल झुक गई थी। उसमें से अधिकांश फसल अब सही हो जाएगी। दो से तीन प्रतिशत ही फसल खराब हुई है। 50-60 फीसदी फसल खराब होने की कोई बात सामने नहीं आई है।
-डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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- हवा और बारिश की वजह से किसानों की 50 से 60 प्रतिशत फसल हो चुकी है तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल को चौपट कर दिया है। खेतों में फसल लहलहाने के लिए किसी ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज लिया तो किसी ने साहूकार से ब्याज पर पैसा उठाया हुआ है। किसान समय पर पैसा चुकाने के लिए खेतों में खड़ी फसल की ओर देख रहे थे। पर किसानों के रंग में भंग बदलते मौसम में डाल दिया। इससे अब किसानों के निकल रहे आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
जिले में तीन दिन तक हवा के साथ रुक-रुककर हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। हालात ये हैं कि कई किसानों की फसल बारिश और हवा से जमीन पर लेट गई है। निचले इलाकों के खेतों में पानी निकास की जगह नहीं होने के कारण अब भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में किसानों को फसल पूरी तरह से खराब होने की चिंता सता रही है।
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हालात ये हैं कि हवा, बारिश की वजह से किसानों की 50 से 60 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में किसानों के सामने कर्ज चुकाने का नया संकट खड़ा हो गया है।
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फसल को देखकर थी अच्छी आमदनी की उम्मीद
बेमौसम बारिश की मार से खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है, जबकि जिस हिसाब से फसल हुई थी, उससे अच्छी आमदनी होने की उम्मीद लगाए हुए थे। उम्मीद थी कि इससे बैंक से लिया 1.25 लाख रुपये का कर्ज चुका सकूंगा। पर अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
-गोविंद गुप्ता, गांव सिसरका
मेरे साढ़े 13 बीघा में गेहूं की फसल थी। पिछले दिनों हवा के साथ आयी बारिश ने पूरी फसल को गिरा दिया है, जबकि इस फसल से उम्मीद लगाए बैठे थे कि अच्छी आमदनी होगी। जिससे अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करूंगा, पर अब क्या करूं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
-अनोखे लाल शर्मा, ब्लॉक आसफपुर
पांच बीघा में गेहूं की फसल की थी। उम्मीद थी कि फसल से मिलने वाली धनराशि से बैठक से लिया केसीसी का 1.98 लाख का ऋण लौटा दूंगा। साथ ही अन्य जरूरी काम भी पूरे कर लिए जाएंगे, पर अब कर्ज कैसे उतारुंगा। यह सबसे बड़ा सवाल हमारे लिए बन गया है।
-विजेंद्र पाल, उघैती
तीन बीघा जमीन थी, उसमें भी गेहूं कर लिए थे। एक साहूकार से फसल करने के लिए कर्ज लिया था। अब फसल खराब होने पर कर्ज उतारने का संकट खड़ा हो गया है। साहूकार से भी इस संबंध में बात की, पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी चीज से मतलब नहीं है, उन्हें समय से अपना पैसा चाहिए।
-कुंवरपाल, शर्की
184 किसानों ने दर्ज कराईं कराई शिकायतें
पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से कई किसानों की फसल खराब हो गई थी। ऐसे में जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया था। उन किसानों में से अब तक 184 किसानों ने बीमा कंपनी को अपनी शिकायत कर चुके हैं। बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि जिन किसानों ने अपना बीमा कराया है। उनके लिए बीमा कंपनी खराब हुई फसल की भरपाई करते हैं। जो शिकायतें आयी है अब उनका सर्वे कराया जाएगा। उसके आधार पर उनको धनराशि दी जाएगी।
अब मौसम सही होने लगा हैं, जिन खेतों में गेहूं की फसल झुक गई थी। उसमें से अधिकांश फसल अब सही हो जाएगी। दो से तीन प्रतिशत ही फसल खराब हुई है। 50-60 फीसदी फसल खराब होने की कोई बात सामने नहीं आई है।
-डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी

(22 बीडीएन-03)ओरछी में गिरी फसल के साथ खड़ा किसान।संवाद

(22 बीडीएन-03)ओरछी में गिरी फसल के साथ खड़ा किसान।संवाद

(22 बीडीएन-03)ओरछी में गिरी फसल के साथ खड़ा किसान।संवाद

(22 बीडीएन-03)ओरछी में गिरी फसल के साथ खड़ा किसान।संवाद