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बुधपाल क्यों मुकरा, आरओ क्यों परेशान!
बदायूं
Updated Thu, 08 Oct 2015 11:53 PM IST
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समरेर में क्षेत्र पंचायत के नामांकन के आखिरी दिन 33-रुदेली भुड़ेली क्षेत्र पंचायत के लिए भरे गए एक पर्चा को लेकर मामला शांत भी नहीं हुआ कि बृहस्पतिवार को 14-15 लोग आरओ की पीठ तक पहुंच गए और छह तारीख को भरे गए पर्चे में संशोधन कराने का नामांकन पत्र मांगने लगे। इस पर काफी विवाद हुआ। आरओ को पुलिस का सहयोग नहीं मिला। उन्होंने खुद अभिलेखों को सुरक्षित कर बॉक्स में बंद करा दिया। लगातार दो दिन हुई इस प्रकार की घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया को चुनौती दे डाली है। इसे लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी शंभूनाथ ने गंभीरता से लिया है।
समरेर ब्लाक की चुनावी प्रक्रिया उस समय विवाद में घिरी जब बुधवार को नामांकन के समय बुधपाल का नामांकन पत्र जबरन उठा लिया गया था। एआरओ और आरओ ने इस संबंध में जो बयान दिए उससे भी यही सिद्ध हो रहा था कि मामला गंभीर है। बुधपाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी समेत कई जगह शिकायतें भी कीं। अचानक उसको क्या हुआ कि उसने तो बयान बदल दिया और आरओ, एआरओ भी अब सहमे नजर आ रहे हैं। इस घटना के दूसरे दिन यानि बृहस्पतिवार को 14-15 लोग समरेर बलाक में घुस आए और उन्होंने छह तारीख को भरे पर्चा को वापस मांगा ताकि वार्ड और गांव के नाम में सुधार कर सकें। यहां इसे लेकर काफी विवाद हुआ। पर्चों की जांच का शुक्रवार को आखिरी दिन होने के कारण ये लोग पर्चा खारिज न हो इसलिए आरओ/ एआरओ पर दबाव बना रहे थे। बताया जाता है कि इस प्रकरण की जानकारी भी जिला निर्वाचन अधिकारी तक पहुंच गई है।
दातागंज प्रतिनिधि कि अनुसार बुधपाल इस प्रकरण में मुकर गया है। उसने कहा है कि पत्नी और परिवार के लोगों के कहने पर उसने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। वह अब किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा। इधर, डीएम ने बुधपाल प्रकरण के सामने आने पर ब्लाक पर तहसीलदार दातागंज और इंस्पेक्टर दातागंज को तैनाती दे दी है। इन प्रकरणों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी गंभीर हैं।
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जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी शंभूनाथ्ा ने बताया कि समरेर में दोनों प्रकरण उनके सामने आए हैं। शिकायतें गंभीर हैं। मैंने आरओ और एआरओ को बुलाया है। उनके बयान लेकर आयोग को भेजे जाएंगे। ब्लाक की सुरक्षा और निगरानी दो जिम्मेदार अधिकारियों के जिम्मे कर दी गई है।
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समरेर ब्लाक की चुनावी प्रक्रिया उस समय विवाद में घिरी जब बुधवार को नामांकन के समय बुधपाल का नामांकन पत्र जबरन उठा लिया गया था। एआरओ और आरओ ने इस संबंध में जो बयान दिए उससे भी यही सिद्ध हो रहा था कि मामला गंभीर है। बुधपाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी समेत कई जगह शिकायतें भी कीं। अचानक उसको क्या हुआ कि उसने तो बयान बदल दिया और आरओ, एआरओ भी अब सहमे नजर आ रहे हैं। इस घटना के दूसरे दिन यानि बृहस्पतिवार को 14-15 लोग समरेर बलाक में घुस आए और उन्होंने छह तारीख को भरे पर्चा को वापस मांगा ताकि वार्ड और गांव के नाम में सुधार कर सकें। यहां इसे लेकर काफी विवाद हुआ। पर्चों की जांच का शुक्रवार को आखिरी दिन होने के कारण ये लोग पर्चा खारिज न हो इसलिए आरओ/ एआरओ पर दबाव बना रहे थे। बताया जाता है कि इस प्रकरण की जानकारी भी जिला निर्वाचन अधिकारी तक पहुंच गई है।
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दातागंज प्रतिनिधि कि अनुसार बुधपाल इस प्रकरण में मुकर गया है। उसने कहा है कि पत्नी और परिवार के लोगों के कहने पर उसने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। वह अब किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा। इधर, डीएम ने बुधपाल प्रकरण के सामने आने पर ब्लाक पर तहसीलदार दातागंज और इंस्पेक्टर दातागंज को तैनाती दे दी है। इन प्रकरणों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी गंभीर हैं।
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जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी शंभूनाथ्ा ने बताया कि समरेर में दोनों प्रकरण उनके सामने आए हैं। शिकायतें गंभीर हैं। मैंने आरओ और एआरओ को बुलाया है। उनके बयान लेकर आयोग को भेजे जाएंगे। ब्लाक की सुरक्षा और निगरानी दो जिम्मेदार अधिकारियों के जिम्मे कर दी गई है।