चार मौतों से उलइया नगला में मातम, नहीं जले चूल्हे

बदायूं Updated Mon, 05 Jun 2017 01:39 AM IST
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एक ही गांव के चार लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। रविवार को गांव में तमाम घरों में चूल्हे नहीं जले। पोस्टमार्टम के बाद चार शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में चीत्कारें गूंजने लगीं। तीन लोगों का अंतिम संस्कार अटैना घाट पर कर दिया गया। हादसे में मरे बालक को गांव में ही दफनाया गया है।
उसावां थाने के गांव उलइया नगला निवासी भंवरपाल की बेटी कादरचौक थाने के गांव ततारपुर में ब्याही है। शनिवार को ततारपुर में कथा के बाद दावत थी। उलइया नगला के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से दावत में गए थे। वहां से रात को लौट रहे थे। उसहैत में नखासा मोड़ पर ट्रॉली पलट गई। हादसे में रामवरन (50) पुत्र सेवाराम, नेत्रपाल (58) पुत्र बाबूराम, अनमोल (12) पुत्र जसवीर और लालाराम (56) की मौके पर मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे की खबर गांव पहुंची तो यहां मातम छा गया। रविवार को चार शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो पूरा गांव चीत्करों से गूंज गया। हादसे का शिकार अनमोल पूर्व प्रधान सोरन सिंह का नाती है। 
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गए थे मंगल को, हो गया अमंगल
उसावां। एक ही गांव के चार लोगों की हादसे में मौत के बाद गांव के लोगों में चर्चा है कि सभी लोग कथा में शामिल होने के लिए मंगल कामनाओं के साथ गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि अमंगल होगा। एक हादसे में गांव में चार लोगों की जान चली जाएगी। रविवार को ततारपुर गांव से भी तमाम लोग उलइया नगला पहुंचे।

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