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टेंपो पलटने से चालक समेत दो की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:51 PM IST
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रक्षाबंधन के दिन सुबह करीब नौ बजे बिसौली मार्ग पर गांव शेखपुर के पास
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बिसौली की ओर से यात्रियों से भरे टैंपो का पिछला टायर अचानक फट गया। इससे
टेंपो खाई में पलट गया। इसमें उघैती थाना क्षेत्र के गांव बरबारा निवासी
चालक रामकिशोर (35) और यात्री थाना वजीरगंज थना क्षेत्र के गांव करेंगी
निवासी शैलेंद्र सिंह (28) की मौके पर ही मौत हो गई। टैंपों में सवार
लौंगश्री (30), उसका सात वर्षीय पुत्र शिवम, पांच वर्षीय पुत्र पुनीत,
जीवाराम का 14 वर्षीय पुत्र राजेश, निवासी मेवली थाना उघैती, मंकू (50),
उसकी पत्नी कैला देवी (48) निवासी रियोनाई थाना उघैती, रामा देवी (30) उसका
तीन वर्षीय पुत्र लव कुमार और पति रामध्वज निवासी स्वरूपपुर थाना उघैती,
राजेन्द्र (50) निवासी गदरोली थाना उघैती घायल हो गए।
आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने टायर फटते ही तेज आवाज के साथ टेंपो को पलटते देखा तो यात्रियों को बचाने दौड़ पड़े। पुलिस और एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर घायलों और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया जिसमें अधिकांश लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि लौंगश्री, रामध्वज, मनकू और कैला देवी को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शैलेंद्र की बहने राखी बांधने को करती रहीं इंतजार
दबतोरी प्रतिनिधि के अनुसार शैलेद्र सिंह अपनी पत्नी सुषमा को लेकर उसके मायके रसूलपुर गांव रक्षाबंधन पर जा रहा था। इस घटना में उसकी पत्नी भी घायल हुई है। शैलेंद्र के घर उसकी विवाहिता बहने आई हुईं थीं। उसने बाद में इनसे राखी बंधवाने का वायदा किया था लेकिन वह लौटकर नहीं आ सका। उसकी बहन बिना राखी बांधे ही रह गईं। शैलेंद्र अपने पीछे तीन छोटे बच्चे शिवम, हृदयेश और शिव कुमार को छोड़ गए हैं। उसके परिवार में मातम छाया हुआ है। परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है।
आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने टायर फटते ही तेज आवाज के साथ टेंपो को पलटते देखा तो यात्रियों को बचाने दौड़ पड़े। पुलिस और एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर घायलों और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया जिसमें अधिकांश लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि लौंगश्री, रामध्वज, मनकू और कैला देवी को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शैलेंद्र की बहने राखी बांधने को करती रहीं इंतजार
दबतोरी प्रतिनिधि के अनुसार शैलेद्र सिंह अपनी पत्नी सुषमा को लेकर उसके मायके रसूलपुर गांव रक्षाबंधन पर जा रहा था। इस घटना में उसकी पत्नी भी घायल हुई है। शैलेंद्र के घर उसकी विवाहिता बहने आई हुईं थीं। उसने बाद में इनसे राखी बंधवाने का वायदा किया था लेकिन वह लौटकर नहीं आ सका। उसकी बहन बिना राखी बांधे ही रह गईं। शैलेंद्र अपने पीछे तीन छोटे बच्चे शिवम, हृदयेश और शिव कुमार को छोड़ गए हैं। उसके परिवार में मातम छाया हुआ है। परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है।