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भगवान भरोसे ओवरलोड जेल की सुरक्षा व्यवस्था

Tue, 01 Nov 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं Updated Tue, 01 Nov 2016 11:50 PM IST
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मध्य प्रदेश की भोपाल सेंट्रल जेल से आठ खूंखार आतंकवादियों के फरार और कथित एनकाउंटर के बाद यूपी में भी जेलों में सुरक्षा को लेकर एलर्ट कर दिया गया है। इधर, बदायूं जेल के हालात पर गौर करें तो 529 बंदियों की क्षमता वाली जेल में चार गुना ज्यादा करीब 2200 बंदी और कैदी हैं। इनमें पूर्वांचल और पश्चिमी उप्र के 13 माफिया डॉन भी शामिल हैं। कैदियों की निगरानी के नाम पर सिर्फ 29 बंदी रक्षकों की तैनाती है।
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बदायूं जेल की क्षमता 529 लोगों को रखने की है। सुरक्षा के लिए बंदीरक्षकों के 50 पद हैं, लेकिन सिर्फ 29 बंदीरक्षकों की तैनाती है। सूत्रों की मानें तो जेल में इस समय करीब 2200 बंदी और कैदी हैं। इनमें करीब 625 सजायाफ्ता और बाकी अंडरट्रायल हैं। ओवरलोड जेल में विभागीय लापरवाही भी साफ दिखती है। जेल में करीब 325 कैदी ऐसे हैं जिन पर कोई दूसरा मुकदमा नहीं है। इनको दूसरी जेलों में शिफ्ट करके लोड कुछ कम किया जा सकता है। लेकिन, उच्चाधिकारी इसको लेकर भी गंभीर नहीं हैं। 
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बदायूं जेल में ये हैं माफिया डॉन
ओवरलोड जेल में 13 माफिया-डॉन हैं। प्रशासनिक आधार पर इनको यहां शिफ्ट किया गया है। बदायूं जेल में बंद डबलू सिंह उर्फ कामेश्वर देवरिया का माफिया है। इसे गोरखपुर जेल से लाया गया था। दिनेश उर्फ रंपत उर्फ कोड़ा आजमगढ़ का डॉन है। इसे सुल्तानपुर से शिफ्ट किया गया था। मुख्तार अंसार का करीबी पंकज सिंह उर्फ विनय भी बदायूं जेल में है। इसे जौनपुर से बदायूं शिफ्ट किया गया था। पश्चिमी उप्र के जिलों के कई डॉन भी बदायूं जेल में हैं। विनोद बावला, अमित पवार, राहुल तिगड़ी, अमित मुखिया और जावेद मुजफ्फरनगर के खूंखार अपराधी हैं। जेल से गैंग चलाने के कई मामले सामने आने के बाद सभी को प्रशासनिक आधार पर पहले बुलंदशहर, बाद में बदायूं जेल में शिफ्ट किया गया है। गैंग चलाने वाला अनिल बागपत का है। प्रशासनिक आधार पर इसे मेरठ जेल से बदायूं में शिफ्ट किया गया है। पंकज उर्फ रविंद्र और सुमित दोनों मुरादाबाद के डॉन हैं। कोर्ट में बम धमाका और ब्लाक प्रमुख की हत्या के आरोपी हैं। शामली का नरेंद्र सिंह और अलीगढ़ का दिनेश चौधरी बदायूं जेल में शिफ्ट किए गए हैं।
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हत्थे नहीं चढ़ा फरार माफिया चंदन सिंह
बदायूं। गोरखपुर जिले के चितुआताल का माफिया चंदन सिंह भी बदायूं जेल में बंद था। पेट में दर्द की शिकायत पर उसे 30 मई 2016 को आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। यहां से चंदन सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पांच महीने के बाद भी यह डॉन पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। 
पूर्वांचल और पश्चिमी उप्र की जेलों से कई अपराधियों को प्रशासनिक आधार पर बदायूं जेल में शिफ्ट किया गया है। इनमें तमाम कुख्यात अपराधी हैं। इन खूंखार अपराधियों की विशेष निगरानी की जा रही है। कुख्यात अपराधी दूसरे कैदियों की संपर्क में न आएं इसके लिए समय-समय पर इनके बैरक भी बदले जा रहे हैं।-अरविंद पांडेय, जेलर
सभी बंदियों और कैदियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। जेल में स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए शासन को लिखा जाता है। उम्मीद है कि जल्द स्टाफ पूरा हो जाएगा। कुछ खूंखार अपराधियों को हाई सिक्योरिटी जेलों में शिफ्ट कराने के लिए भी उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।-शशि श्रीवास्तव, डीआईजी जेल

एडीजी जेल के आदेश पर जेल में सघन तलाशी
बदायूं। भोपाल की घटना सामने आने के बाद सोमवार को ही शासन ने सूबे की सभी जेलों में अलर्ट कर दिया। एडीजी जेल जीएल मीणा के आदेश पर मंगलवार को जेल प्रशासन ने जेल में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।
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