फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Three student of polytechnic Washed away by the river, a death

पॉलीटेक्निक के तीन छात्र  गंगा में बहे, एक की मौत

Tue, 12 Apr 2016 11:50 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Tue, 12 Apr 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
Three student of polytechnic Washed away by the river, a death
गोताखोर - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
कछला गंगाघाट पर मंगलवार सुबह हुआ हादसा
औरेया जिले में दिबियापुर का है मृतक शिवम पोरवाल

 गंगा स्नान को कछला घाट पर पहुंचे मथुरा में पीके पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट के पांच छात्रों में तीन नहाते वक्त तेज धार में बह गए। दो छात्र तो किसी तरह खुद ही किनारे पर आ गए, लेकिन तीसरा डूब गया। गोताखोरों ने उसका शव दो घंटे मशक्कत करके खोज पाया। मृतक शिवम पोरवाल औरेया जिले के दिबियापुर का निवासी था। सूचना पर पहुंचे शिवम के घरवालों ने हादसे के चश्मदीद छात्रों से जानकारी की। घरवाले पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कराकर शव ले गए।
कछला गंगाघाट पर हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे रेलवे के नए पुल के पास पिलर संख्या-छह के पास हुआ। मथुरा के पीके पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट में अंतिम वर्ष के छात्र सुल्तानपुर में गोलाघाट निवासी सुमित सिंह पुत्र शिव बहादुर सिंह, औरैया जिले में दिबियापुर के राकेश पोरवाल का बेटा शिवम, पड़ोसी मोहल्ला इंदिरानगर का शिवम अवस्थी पुत्र उमाकांत, संजयनगर इलाके के अखिलेश वर्मा का बेटा अजय वर्मा और दिबियापुर कसबे से सटे बसुंधरा निवासी विजय यादव पुत्र शिवदत्त बाइक से कछला पहुंचे। सभी 20-22 साल के थे। घाट पर बाइक खड़ी करके पांचों छात्र नहाते वक्त रेलवे के नए पुल के पास आ गए। पिलर के पास गहराई अधिक होने की वजह से शिवम, सुमित और अजय डूबने लगे तो पास में नहा रहा विजय चीख पड़ा। सुमित और अजय तो खुद ही कोशिश कर किनारे पर आ गए, लेकिन शिवम पोरवाल डूब गया।
विज्ञापन

शिवम के डूबने पर चारों छात्रों ने बचाव को चीख पुकार भी मचाई। दो छात्र घाट से पुलिस चौकी की ओर दौड़ पड़े। पुलिस कर्मी भी उन्हें रास्ते में ही मिल गए। चौकी इंचार्ज सुभाष यादव ने आसपास इलाके के गोताखोरों को बुला लिया। प्राइवेट गोताखोरों ने दो घंटा बाद शिवम को खोज निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। छात्रों की सूचना पर शिवम के घरवाले और बरेली, बदायूं निवासी रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने बताया कि घरवालों ने शव को पंचायतनामा तो भरवाया, लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

...तो बच जाता शिवम पोरवाल
उझानी (बदायूं)। गंगा नहाते वक्त डूबे शिवम पोरवाल को बचाने के लिए उसके क्लॉसमेट छात्रों ने क्या नहीं किया। घाट पर मौजूद लोगों के सामने गिडगिड़ाए भी। चीख पुकार की, लेकिन मदद को समय रहते कोई नहीं आया। पुलिस के जरिए जब तक खेतों पर काम कर रहे गोताखोरों को बुलाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी।
औरेया जिले के दिबियापुर निवासी शिवम पोरवाल की मौत के चश्मदीद छात्रों में विजय यादव और सुमित ने बताया कि घाट पर पहुंचते ही उन्होंने अपनी दोनों बाइक गंगा किनारे ही खड़ी कर दी थीं। नहाने के लिए जब वे गंगा में घुसे तो शुरू में जलस्तर काफी कम होने ही वजह से अंदर चले गए, लेकिन घाट पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने यह नहीं कहा कि पिलर के आसपास गहराई अधिक है। सबसे पहले डुबकी सुमित को ही लगी। शिवम पोरवाल भी उसी के पास नहा रहा था। बकौल विजय, शिवम को बचाने के लिए घाट पर मौजूद ज्यादातर लोगों से गुहार भी लगाई, लेकिन सभी ने गोताखोरों को बुलाने की बात कहकर टाल दिया।
पुलिस को भी गोताखोर घाट पर नजर नहीं आए। चौकी इंचार्ज और सिपाहियों ने पंखियानगला कॉल की तो गोताखोर गांव में नहीं थे। उन्हें खेतों से बुलवाया गया, तब तक करीब एक घंटा लग चुका था। शिवम जिस स्थान पर डूबा, शव उससे करीब 20 मीटर दूर मिला। सूत्रों की मानें तो हादसे के दौरान ही मदद मिल जाती, तो शिवम को बचाया जा सकता था। घाट पर पहुंचे रिश्तेदारों में बरेली निवासी अमर पोरवाल और बदायूं के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शिवम होनहार था। वह पढ़ने में भी होशियार था, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर रहा।
मौत सोरों से कछला खींच लाई
उझानी। शिवम पोरवाल के दोस्तों ने बताया कि तड़के जब वह सभी बाइक से मथुरा से चलने से पहले ही सोरों में स्नान करने की बात तय कर ली गई थी। सोरों पहुंचे तो लोगों ने गंगाघाट लहरा में होने की कहकर कछला जाने की सलाह दे डाली। सोरों से कछला पहुंचे, तो उन्हें घाट के बारे में जानकारी नहीं हो पाई। अगर पता होता तो कासगंज जिले के छोर वाले गंगाघाट पर ही स्नान कर लेते, लेकिन शिवम की मौत उन्हें बदायूं वाले छोर के घाट की ओर खींच लाई।

तीन भाइयों में मझला था शिवम
उझानी। दिबियापुर के राकेश पोरवाल की चार संतान में तीन बेटे और एक बेटी है। शिवम अपने भाइयों में मझला था। छोटे भाई शुभम ने बताया कि सोमवार शाम को शिवम से फोन पर बात हुई थी, लेकिन उसने कछला जाकर गंगा स्नान करने का संकेत भी नहीं दिया था। बेटे का शव देख राकेश तो गश खाकर गिर पड़े। कुछ संभले तो बिलखने लगे। बहन दीक्षा को तो अभी तक नहीं बताया गया कि उसका लाड़ला भाई अब इस दुनिया में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed