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चर्चित हत्याकांड के 13 आरोपियों को जमानत मिली

Wed, 06 Jan 2016 08:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं Updated Wed, 06 Jan 2016 08:57 PM IST
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three accused released by the police
दो बेटे समेत इस्लामनगर का ब्लाक प्रमुख भी है आरोपी
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चार्जशीट दाखिल न होने पर सीजेएम ने मंजूर की जमानत


पंचायत चुनाव के दौरान इस्लामनगर के ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव का बेटा दिनेश यादव गुरीठा सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहा था। इसी सीट से प्रधान धर्मपाल का बेटा मनवीर प्रत्याशी था। सुरेश यादव मनवीर पर नाम वापस लेने का दबाव बना रहा था। इसी को लेकर 3 अक्तूबर को सुरेश यादव पक्ष ने धर्मपाल के इस्लामनगर स्थित घर पर धावा बोल दिया था। पथराव और फायरिंग में धर्मपाल पक्ष के मदनलाल की मौत हो गई थी। मामले में मनवीर की ओर से सुरेश यादव, उसके पुत्र दिनेश यादव, अवनीश यादव, वीरेश यादव, रणवीर उर्फ पप्पू समेत मुकेश यादव, भुवनेश, राजेश, खुशीराम, रूपेंद्र, देवेंद्र, अमरपाल, राकेश, तेजरापाल, पुष्पेंद्र, मनफूल, डब्लू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने चार अक्तूबर को 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तय समय सीमा में 90 दिन के भीतर इस्लामनगर पुलिस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। इसके चलते सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने जेल में बंद 13 आरोपियों की जमानत मंजूर कर दी है। सुरेश यादव समेत चार आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके थे।
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चार्जशीट में देरी पर पुलिस को लगी फटकार
सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल न करने पर नाराजगी जाहिर की। जांच में देरी के लिए उन्होंने विवेचक को जिम्मेदार मानते हुए। मामले की जांच सीबीसीआईडी कर रही थी। सीजेएम ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।
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पुलिस पर भारी दिखी राजनीति
ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव एक राज्यमंत्री का करीबी है। शुरू से ही पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही थी। कहीं न कहीं पर राजनीतिक दखल हुआ और विवेचना धीमी हो गई। बाद में सुरेश यादव मामले की जांच सीबीसीआईडी को ट्रांसफर कराने में कामयाब हो गया। यहां भी विवेचना में देरी हुई। आखिर 90 दिन में चार्जशीट दाखिल न होने का लाभ आरोपियों को मिल ही गया।
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