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पोस्टमार्टम रिपोर्ट बयां कर रही नृशंसता की कहानी
बदायूं
Updated Sun, 21 Feb 2016 08:40 PM IST
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दोनों सिपाहियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बयां कर रही है कि उनकी किर तरह से नृशंस हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो सिपाही शहीम खान के शरीर पर धारदार हथियार से 23 और भीमसेन के शरीर पर 17 प्रहार किए गए। गंभीर घायल अवस्था में मौके पर पड़ा रहने की वजह से दोनों के शरीर से हत्याधिक रक्तस्राव हो गया था। इससे इनकी मौत हो गई। सिपाही अपने बचाव में ज्यादा कुछ नहीं कर सके।
बिल्सी थाने के दोनों सिपाहियों पर गढ़ौली गांव में जगतपाल ने कुल्हाड़ी और फावड़े से अपनी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर हमला किया था। दोनों को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले शहीम बाद में भीमसेन की यहां मौत हो गई। बरेली में ही दोनों सिपाहियों का पोस्टमार्टम हुआ था। सिपाहियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो जगतपाल साफ हो जाता है कि जगतपाल कितना सिरफिरा है। शहीम के शरीर पर धारदार हथियार के छोटे-बड़े 23 जख्म हैं, वहीं भीमसेन के शरीर पर भी 17 जख्म हैं। सिपाहियों के सिर में भी गंभीर चोटें हैं। साफ है कि जगतपाल और उसके परिवार का इरादा दोनों सिपाहियों की हत्या करना ही था। जगतपाल की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसका पूरा परिवार सिपाहियों पर इस तरह से हमलावर हो गया।
शहीम के छोटा भाई हैं एसआई
बदायूं। शहीम खान के छोटे भाई नसीम खान भी पुलिस विभाग में एसआई के पद पर कार्यरत हैं। करीब तीन साल तक नसीम खान की बदायूं में तैनाती रही है। सिविल लाइंस, कोतवाली और इस्लामनगर थानों में वह रह चुके हैं। पिछले महीनों ही उनका तबादला बरेली के लिए किया गया था।
बिल्सी थाने के दोनों सिपाहियों पर गढ़ौली गांव में जगतपाल ने कुल्हाड़ी और फावड़े से अपनी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर हमला किया था। दोनों को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले शहीम बाद में भीमसेन की यहां मौत हो गई। बरेली में ही दोनों सिपाहियों का पोस्टमार्टम हुआ था। सिपाहियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो जगतपाल साफ हो जाता है कि जगतपाल कितना सिरफिरा है। शहीम के शरीर पर धारदार हथियार के छोटे-बड़े 23 जख्म हैं, वहीं भीमसेन के शरीर पर भी 17 जख्म हैं। सिपाहियों के सिर में भी गंभीर चोटें हैं। साफ है कि जगतपाल और उसके परिवार का इरादा दोनों सिपाहियों की हत्या करना ही था। जगतपाल की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसका पूरा परिवार सिपाहियों पर इस तरह से हमलावर हो गया।
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शहीम के छोटा भाई हैं एसआई
बदायूं। शहीम खान के छोटे भाई नसीम खान भी पुलिस विभाग में एसआई के पद पर कार्यरत हैं। करीब तीन साल तक नसीम खान की बदायूं में तैनाती रही है। सिविल लाइंस, कोतवाली और इस्लामनगर थानों में वह रह चुके हैं। पिछले महीनों ही उनका तबादला बरेली के लिए किया गया था।
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