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शौक पूरे करने को ऑटोलिफ्टर बन गए तीन छात्र

Sat, 20 Jan 2018 08:55 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Sat, 20 Jan 2018 08:55 PM IST
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students become auto lifter for enjoyment
Auto lifter
हाईस्कूल की पढ़ाई छोड़कर दूसरे धंधों में लगे छात्रों के महंगे शौक पूरे नहीं हुए तो वे ऑटोलिफ्टर बन गए। उसावां थाने की पुलिस ने चोरी की तीन बाइक के साथ इन्हें गिरफ्तार कर लिया। जबकि गैंग का सरगना फरार है। एसपी सिटी ने पत्रकारों से बातचीत में अपराध का खुलासा किया। इसके बाद इन्हें जेल भेजा गया। 
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 एसपी सिटी कमल किशोर ने बताया कि शुक्रवार रात में थाना उसावां के एसआई लक्ष्मण सिंह के साथ पुलिस टीम गश्त पर था। उन्हें सूचना मिली कि काली मंदिर के पास ढाबे पर तीन युवक चोरी की बाइक के साथ मौजूद हैं। पुलिस ने दबिश देकर विपेंद्र यादव उर्फ वीपी पुत्र लेखपाल निवासी रतनेश नगला उसावां, जिनेश पुत्र गिरीश यादव निवासी दमपुरा सहावर जिला कासगंज, उत्तम यादव पुत्र शिवराज निवासी गांव नगला भवानी थाना क्षेत्र गंजडुडवारा जिला कासगंज को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी की तीन बाइक बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी। जबकि गैंग का सरगना डबलू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 
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कई कई बार बिकती थी एक बाइक
दिनेश यादव, विपेंद्र यादव व जिनेश हाईस्कूल के छात्र रह चुके हैं। जिनेश के भाई डबलू पर आरोप हैं कि वह अपने शौक पूरे करने के लिए कासगंज व उसके आसपास के इलाकों से बाइक चोरी करने के बाद उसे अपने भाई जिनेश को सौंप देता था। जिनेश इन बाइक  को अपने मिलने वालों के हाथ सस्ते दामों में बेचता था। एक माह पहले कासगंज से चोरी की बाइक गिरोह सरगना डबलू ने अपने भाई जिनेश को नौ हजार रुपये में बेच दी। जिनेश ने यह बाइक विपेंद्र यादव को उन्नीस हजार में बेची। बाद में विपेंद्र यादव को बाइक चोरी की होने की जानकारी हुई तो उसने उत्तम यादव को यही बाइक चौदह हजार में बेच दी। उत्तम यादव पर आरोप हैं कि डबलू व गौरव चोरी की बाइक खड़ी करने पर उसे तीन सौ रुपये दिया करते थे। पैसों की लालच में वह भी गैंग का मेंबर बन गया। जबकि उत्तम ने कहा कि उसे चोरी की बाइक खड़ी करने पर तीन सौ रुपये बाइक चोर दिया करते थे। जिनेश यादव ने बताया कि हाईस्कूल की पढ़ाई छोड़कर वह राजस्थान में शराब की फैक्ट्री में नौकरी करने लगा था। नौकरी में मेहनत ज्याया और वेतन कम था। अधिक कमाई के चक्कर में वह ऑटोलिफ्टर गैंग में शामिल हो गया।
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