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बदनौली गोलीकांड : दीपक ने मेरठ मेडिकल में तोड़ा दम, लोगों ने जाम लगाकर किया हंगामा
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हापुड़ के ध्यानार्थ:-
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-- शास्त्रीनगर एल-ब्लॉक के रास्ते से हापुड़ के आंबेडकर चौक जाना चाहते थे, रोकने पर जताई नाराजगी
-- बिजली बंबा बाईपास समेत तीन स्थानों पर लगाया जाम, मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते गांव भेजा गया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। हापुड़ जनपद के बदनौली गांव में शुक्रवार को दो पक्षों में हुए विवाद और गोलीकांड में घायल हुए दीपक की रविवार सुबह मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण मेरठ मेडिकल पर एकत्रित हो गए। पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शव हापुड़ के आंबेडकर चौक ले जाना चाहते थे जबकि पुलिस उनके गांव भेजना चाहती थी। इसी प्रयास में रूट बदलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली बंबा बाईपास समेत तीन स्थानों पर हंगामा किया और जाम लगाया। बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते दीपक का शव बदनौली भेज दिया।
मेरठ मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी के मुताबिक, दीपक की मृत्यु रविवार सुबह लगभग 7:45 बजे हुई। बताया गया है कि दीपक की मृत्यु के बाद ही हापुड़ निवासी परिजन व ग्रामीणों के अलावा स्थानीय लोग भी मेडिकल कॉलेज पर एकत्रित होने लगे। सूचना पर पुलिस भी यहां पहुंच गई। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद ढाई बजे पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से दीपक का शव मेडिकल से ले जाया गया।
दलित नेता सुशील गौतम ने बताया कि परिजन व ग्रामीण चाहते थे कि दीपक का शव शास्त्रीनगर के एल-ब्लॉक के पास से हापुड़ जाने वाले रास्ते से वहां के अंबेडकर चौक ले जाया जाए। वहां पर पहले से काफी संख्या में लोग एकत्रित थे। इसके चलते पुलिस का प्रयास था कि शव परिजन सीधा अपने गांव ले जाएं।
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इसके चलते पुलिस एंबुलेंस में शव लेकर मेरठ के बिजली बंबा बाईपास पर आ गई। रूट बदलने पर लोग नाराज हो गए और उन्होंने यहां जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। सुशील गौतम ने भी एंबुलेंस पर खड़े होकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब 15 मिनट बाद लोग मान गए। शव इसके बाद बिजली बंबा बाईपास और दिल्ली रोड के रास्ते ले जाया जाने लगा। यहां भडाना फार्म हाउस के पास एक बार फिर लोगों ने एंबुलेंस रोककर मार्ग जाम कर हंगामा किया। इसके बाद लिसाड़ी- नूरनगर जाने वाले मार्ग के पास रुककर हंगामा किया। शव के साथ चल रही पुलिस ने यहां भी लोगों को समझाया और एंबुलेंस को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते सीधा दीपक के गांव बदनौली भेज दिया गया।
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लोगों ने की दरोगा के पैर छूने की कोशिश, वीडियो वायरल
मेरठ। बिजली बंबा बाईपास पर जाम लगाने के दौरान दो लोगों ने एक पुलिस अधिकारी के हाथ जोड़कर पैर छूने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उन्हें रोका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना था कि उन्हें अपने रूट से ही अंबेडकर चौक जाने दिया जाए।
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गोली दाएं सीने में लगकर बायीं बगल मेें अटकी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने दीपक की जान बचाने का भरसक प्रयास किया। उसके दाएं सीने में गली लगी थी। ये गोली सीने के अंदर फेफेड़ों को क्षतिग्रस्त करती हुई बाईं बगल के नीचे खाल में अटक गई थी। गोली से उसके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा दिया था। हापुड़ पुलिस के अधिकारी भी मेडिकल में मौजूद थे। एक निजी अस्पताल की विशेषज्ञ को भी यहां बुलाया गया था। रविवार सुबह जब वह मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो उसका बीपी काफी डाउन हो गया था। सुबह लगभग 7:45 बजे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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वर्जन
- लोगों ने कुछ मिनट के लिए जाम लगाया था। उन्हें समझाकर मना लिया गया। इसके बाद दीपक के शव को लोगों के साथ एक्सप्रेसवे के रास्ते उसके गांव भेज दिया गया।
विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी मेरठ
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। हापुड़ जनपद के बदनौली गांव में शुक्रवार को दो पक्षों में हुए विवाद और गोलीकांड में घायल हुए दीपक की रविवार सुबह मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण मेरठ मेडिकल पर एकत्रित हो गए। पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शव हापुड़ के आंबेडकर चौक ले जाना चाहते थे जबकि पुलिस उनके गांव भेजना चाहती थी। इसी प्रयास में रूट बदलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली बंबा बाईपास समेत तीन स्थानों पर हंगामा किया और जाम लगाया। बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते दीपक का शव बदनौली भेज दिया।
मेरठ मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी के मुताबिक, दीपक की मृत्यु रविवार सुबह लगभग 7:45 बजे हुई। बताया गया है कि दीपक की मृत्यु के बाद ही हापुड़ निवासी परिजन व ग्रामीणों के अलावा स्थानीय लोग भी मेडिकल कॉलेज पर एकत्रित होने लगे। सूचना पर पुलिस भी यहां पहुंच गई। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद ढाई बजे पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से दीपक का शव मेडिकल से ले जाया गया।
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दलित नेता सुशील गौतम ने बताया कि परिजन व ग्रामीण चाहते थे कि दीपक का शव शास्त्रीनगर के एल-ब्लॉक के पास से हापुड़ जाने वाले रास्ते से वहां के अंबेडकर चौक ले जाया जाए। वहां पर पहले से काफी संख्या में लोग एकत्रित थे। इसके चलते पुलिस का प्रयास था कि शव परिजन सीधा अपने गांव ले जाएं।
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इसके चलते पुलिस एंबुलेंस में शव लेकर मेरठ के बिजली बंबा बाईपास पर आ गई। रूट बदलने पर लोग नाराज हो गए और उन्होंने यहां जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। सुशील गौतम ने भी एंबुलेंस पर खड़े होकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब 15 मिनट बाद लोग मान गए। शव इसके बाद बिजली बंबा बाईपास और दिल्ली रोड के रास्ते ले जाया जाने लगा। यहां भडाना फार्म हाउस के पास एक बार फिर लोगों ने एंबुलेंस रोककर मार्ग जाम कर हंगामा किया। इसके बाद लिसाड़ी- नूरनगर जाने वाले मार्ग के पास रुककर हंगामा किया। शव के साथ चल रही पुलिस ने यहां भी लोगों को समझाया और एंबुलेंस को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते सीधा दीपक के गांव बदनौली भेज दिया गया।
लोगों ने की दरोगा के पैर छूने की कोशिश, वीडियो वायरल
मेरठ। बिजली बंबा बाईपास पर जाम लगाने के दौरान दो लोगों ने एक पुलिस अधिकारी के हाथ जोड़कर पैर छूने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उन्हें रोका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना था कि उन्हें अपने रूट से ही अंबेडकर चौक जाने दिया जाए।
गोली दाएं सीने में लगकर बायीं बगल मेें अटकी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने दीपक की जान बचाने का भरसक प्रयास किया। उसके दाएं सीने में गली लगी थी। ये गोली सीने के अंदर फेफेड़ों को क्षतिग्रस्त करती हुई बाईं बगल के नीचे खाल में अटक गई थी। गोली से उसके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा दिया था। हापुड़ पुलिस के अधिकारी भी मेडिकल में मौजूद थे। एक निजी अस्पताल की विशेषज्ञ को भी यहां बुलाया गया था। रविवार सुबह जब वह मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो उसका बीपी काफी डाउन हो गया था। सुबह लगभग 7:45 बजे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
वर्जन
- लोगों ने कुछ मिनट के लिए जाम लगाया था। उन्हें समझाकर मना लिया गया। इसके बाद दीपक के शव को लोगों के साथ एक्सप्रेसवे के रास्ते उसके गांव भेज दिया गया।
विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी मेरठ