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साहब! चेक बनाने के नाम पर मांग रहे रुपये
Dataganj
Updated Wed, 22 Apr 2015 12:02 AM IST
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किसानों को दी जा रही सहायता राशि में गड़बड़ियों को लेकर शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्राम पंचायत रिजौला के दर्जनों लोगों ने एसडीएम से लेखपाल पर सुविधा शुल्क लेकर चेक बनाने की शिकायत की। प्रमाण के तौर पर गांव वालों ने लेखपाल द्वारा मांगे और लिए गए सुविधा शुल्क की रिकार्डिंग तहसील दिवस में सभी अधिकारियों के समक्ष सुनाई। उसमें लेखपाल स्पष्ट तौर से चेक बनाने के बदले रुपये की डिमांड कर रहे हैं।
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रिजौला ग्राम पंचायत के लाखन, रघुनाथ, रामवती, हेतराम, ओमवती, नरसिंह, अनोखे, जयसिंह, रामपाल, माखन, कल्यान, कालीचरन और रामौतार मिश्रा आदि दर्जनों किसान राजपाल सिंह के नेतृत्व में एसडीएम ओपी तिवारी से मिले। इनका आरोप है कि क्षेत्र का लेखपाल केवल उन्हीं लोगों के चेक बना रहा है, जो उसकी डिमांड पूरी कर देता है। जिनका नुकसान कम हुआ है, उनके चेक अधिक राशि के बना दिए गए हैं। सुविधा शुल्क की मांग भी बिना किसी डर व झिझक के लेखपाल खुलेआम करते हैं। इसी का फायदा उठाकर पढ़े-लिखे दो किसानों ने मोबाइल में उनका सारा वार्तालाप रिकार्ड कर लिया। ये टेप रेडियो सेट के जरिए तहसील दिवस में एसडीएम समेत कई अधिकारियों को सुनवाया गया। टेप में लेखपाल चेक बनाने के बदले रुपये मांग रहे हैं। साथ ही एक किसान को ‘फटे हुए नोट क्यों दे रहा है’, कहकर झिड़की दे रहे हैं। एसडीएम ओपी तिवारी ने आश्वासन दिया कि जांचोपरांत अगर आरोप सही निकले तो लेखपाल पर कार्रवाई निश्चित होगी। जिन लोगों के नाम सूची में दर्ज नहीं हुए हैं उनके नाम भी दर्ज किए जाएंगे।
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दो हजार दो, साढ़े सात हजार का चेक लो
इसी तरह फतेहपुर गांव के सोहनपाल ने लिखित शिकायत की कि उनकी 11 बीघा जमीन जिसपर गेहूं बोया गया, वह नष्ट हो गई है। आरोप है कि हल्का लेखपाल ने कहा कि दो हजार रुपये दो तो आपका साढ़े सात हजार का चेक बना देंगे। रुपये न देने पर मात्र साढ़े सात सौ रुपये का चेक बना दिया। इन शिकायतों को लेकर लेखपाल संघ भी बेहद आहत नजर आया। इस पर पदाधिकारियों ने दबी जुबान से कहा कि कुछ एक अपने ही साथी बदनामी करा रहे हैं। उन्होंने लेखपाल से स्पष्ट कहा कि इस तरह के मामलों में संघ साथ नहीं देगा।
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