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शेखूपुर चीनी मिल में 36 घंटे तक ठप रही गन्ना पेराई
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Sun, 19 Feb 2017 10:55 PM IST
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पेराई ठप
- फोटो : अमर उजाला
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मशीनरी को दुरुस्त करने के बाद फिर से चालू हुई पेराई
तीन महीने में चीनी मिल ने उत्पादित की 73300 बोरा चीनी
सहकारी क्षेत्र की इकलौती शेखूपुर चीनी मिल में मशीनरी की मरम्मत के लिए 36 घंटे पेराई ठप रही। मशीनरी को दुरुस्त करने के लिए फिर से पेराई चालू हुई है। चीनी मिल अब अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है। तीन महीने में यहां 73300 बोरा चीनी का उत्पादन हो चुका है। बाकी चीनी मिलों के मुकाबले शेखूपुर चीनी मिल गन्ना किसानों के भुगतान ने भी आगे हैं।
शेखूपुर चीनी मिल में 20 नवंबर से गन्ना पेराई शुरू की गई थी। करीब 12 हजार क्विंटल रोज पेराई क्षमता वाली शेखूपुर चीनी मिल अब तक 9.95 लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ना पेराई कर चुकी है। इस दौरान 73300 बोरा चीनी का उत्पादन किया गया है। चीनी मिल की मशीनें काफी पुरानी होनी की वजह से पेराई के दौरान मशीनों को दुरुस्त करने के लिए मिल को 36 घंटे तक बंद रखा गया। इस दौरान पेराई भी ठप रही। मशीनों को दुरुस्त करने के बाद मिल ने फिर से काम चालू कर दिया है। चीनी मिल में इस बार गन्ना पेराई की रिकवरी भी पहले से कहीं बेहतर प्रति क्विंटल करीब आठ प्रतिशत है। गन्ना किसानों को चीनी मिल तीन महीने में 15.40 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुकी है। पहले से करोड़ों रुपये के घाटे में चल रही चीनी मिल के इस बार घाटे से कुछ उबरने की भी उम्मीद की जा रही है। तीन महीने की पेराई के दौरान इस बार अब तक चीनी मिल एक बार भी नो-केन में बंद नहीं हुई है।
मिल पूरी क्षमता से काम कर रही है। मशीनों को दुरुस्त करने के लिए मिल को करीब 36 घंटे तक बंद रखा गया था। काम पूरा होने के बाद फिर से पेराई चालू हो गई है।
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- कमल रस्तोगी, जीएम शेखूपुर चीनी मिल
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तीन महीने में चीनी मिल ने उत्पादित की 73300 बोरा चीनी
सहकारी क्षेत्र की इकलौती शेखूपुर चीनी मिल में मशीनरी की मरम्मत के लिए 36 घंटे पेराई ठप रही। मशीनरी को दुरुस्त करने के लिए फिर से पेराई चालू हुई है। चीनी मिल अब अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है। तीन महीने में यहां 73300 बोरा चीनी का उत्पादन हो चुका है। बाकी चीनी मिलों के मुकाबले शेखूपुर चीनी मिल गन्ना किसानों के भुगतान ने भी आगे हैं।
शेखूपुर चीनी मिल में 20 नवंबर से गन्ना पेराई शुरू की गई थी। करीब 12 हजार क्विंटल रोज पेराई क्षमता वाली शेखूपुर चीनी मिल अब तक 9.95 लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ना पेराई कर चुकी है। इस दौरान 73300 बोरा चीनी का उत्पादन किया गया है। चीनी मिल की मशीनें काफी पुरानी होनी की वजह से पेराई के दौरान मशीनों को दुरुस्त करने के लिए मिल को 36 घंटे तक बंद रखा गया। इस दौरान पेराई भी ठप रही। मशीनों को दुरुस्त करने के बाद मिल ने फिर से काम चालू कर दिया है। चीनी मिल में इस बार गन्ना पेराई की रिकवरी भी पहले से कहीं बेहतर प्रति क्विंटल करीब आठ प्रतिशत है। गन्ना किसानों को चीनी मिल तीन महीने में 15.40 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुकी है। पहले से करोड़ों रुपये के घाटे में चल रही चीनी मिल के इस बार घाटे से कुछ उबरने की भी उम्मीद की जा रही है। तीन महीने की पेराई के दौरान इस बार अब तक चीनी मिल एक बार भी नो-केन में बंद नहीं हुई है।
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मिल पूरी क्षमता से काम कर रही है। मशीनों को दुरुस्त करने के लिए मिल को करीब 36 घंटे तक बंद रखा गया था। काम पूरा होने के बाद फिर से पेराई चालू हो गई है।
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- कमल रस्तोगी, जीएम शेखूपुर चीनी मिल