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दस हजार में बना रहे थे धारा 307, अब फंसे

Tue, 14 Nov 2017 11:00 PM IST
दहगवां (बदायूं)।
दहगवां (बदायूं)। Updated Tue, 14 Nov 2017 11:00 PM IST
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Section 307 was made in ten thousand, now trapped
crime scene
फौजदारी के मामलों में किस तरह डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से मिलकर संगीन धाराएं बनाकर कानून से खिलवाड़ किया जाता है, यह दहगवां पीएचसी के एक मामले से पुष्ट हो गया है। यहां फार्मासिस्ट ने धारा 307 बनाने के नाम पर दलाल के जरिये दस हजार रुपये लिए पर पुलिस ने उसे हल्के में दर्ज कर लिया। इस पर दलाल ने फार्मासिस्ट को फोन पर गरियाया जिसका ऑडियो अब चार महीने बाद वायरल हुआ है। बातचीत में अस्पताल प्रभारी का भी जिक्र है, सीएमओ ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
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थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव भोगाजीत नगलिया में माह अगस्त 2017 में खुशीराम और कैलाश में झगड़ा हो गया था। मारपीट में दोनों पक्ष के चोटें आई थीं। खुशीराम के अंगूठे में घाव हुआ था। बताते हैं कि खुशीराम ने अजीजपुर गांव में फर्जी तरीके से क्लीनिक चलाने वाले सिरसा निवासी दलाल से संपर्क किया तो दलाल ने दहगवां पीएचसी के फार्मासिस्ट तेजस्वी जौहरी से बात की। तेजस्वी ने दस हजार रुपये में धारा 307 लगाने लायक चोटें बनाने का दावा किया। उसने कहा कि अस्पताल प्रभारी डॉ. कृष्ण कुमार से सेटिंग करके वह रिपोर्ट बनवा देगा। इसके लिए खुशीराम के अंगूठे का ऊपरी हिस्सा काटा गया और अंगभंग के तौर पर इसे दर्ज करने की कोशिश की गई। चूंकि पुलिस को पहले से मामूली झगड़े की जानकारी थी, इसलिए पुलिस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए इसे सिर्फ धारा 324 लायक बताया।
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पीड़ित पक्ष ने शिकायत की तो दलाल ने फार्मासिस्ट जौहरी से मोबाइल पर बात की। कहा कि रिपोर्ट हल्की बना दी है। जब आपसे और डॉक्टर से बात हो गई थी, दस हजार रुपये भी दे दिए तो भी धारा 307 नहीं लग पा रही है। कहा कि आप डॉक्टर से बात कर लो, मैं पांच हजार रुपये और खर्च कर दूंगा, वर्ना मामला बढ़ जाए तो मत कहना। जौहरी ने उसे समझाने की कोशिश की तो काफी देर बाद दलाल ने बताया कि वह उनकी बात रिकार्ड कर रहा है। इसके बाद दूसरे दिन मिलने की बात तय हो गई। बताते हैं कि दोनों पक्षों में किसी बात पर सेटिंग हो गई पर दलाल के मोबाइल की ऑडियो अब वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। दलाल अपना क्लीनिक छोड़कर भाग निकला है तो फार्मासिस्ट नजरें बचाए घूम रहा है। अधिकारी भी इस मामले में बात करने से घबरा रहे हैं। मामले में आरोपित हो रहे एमओआईसी कृष्णकांत ने मीटिंग का बहाना करके बात टाल दी।
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फार्मासिस्ट बोला, राज्यमंत्री ने सिफारिश की थी
आरोपी फार्मासिस्ट तेजस्वी जौहरी से जब आरोपों के बारे में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि एक राज्यमंत्री ने उसे फोन करके पीड़ित का सहयोग करने को कहा था, तब उसने मेडिकल रिपोर्ट थोड़ी प्रभावी बना दी। जब उससे क्लीपिंग के बारे में बात की गई तो उसने कहा कि यह सब गलत है, उसे फंसाया जा रहा है।

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फार्मासिस्ट की भूमिका गलत है। उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे। डॉक्टर पर आरोप सही प्रतीत नहीं हो रहे। हमने जानकारी की तो पता लगा कि कुछ लोग डॉक्टर को वहां से हटाने के लिए तरह-तरह की साजिश कर रहे हैं। मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. नेमीचंद्रा, सीएमओ
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