{"_id":"578cdcc44f1c1b9332c4c0fc","slug":"of-sedition-genie-again-came-out-of-the-bottle","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलवे का ‘जिन्न’ फिर निकला बोतल से बाहर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बलवे का ‘जिन्न’ फिर निकला बोतल से बाहर
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दो महीना पहले पुलिस ने कोर्ट में दाखिल कर दी चार्जशीट
तीन साल पहले हनुमान जयंती पर हुआ था बवाल
करीब तीन साल पहले हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान हुए बलवा में आरोपियों में अचानक खलबली मच गई है। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर उन सभी लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं जो घटना के वक्त तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गमलेश्वर बिल्टोरिया ने नामजद कराए थे। चार्जशीट के साथ ही बलवे का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट करीब दो महीना पहले दाखिल की गई। ढाई साल से अधिक समय तक चली विवचेना के दौरान पुलिस ने दौरान पुलिस ने हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान पथराव, मारपीट और जानलेवा हमले में उन सभी 17 आरोपियों को दोषी ठहराया है जिनके खिलाफ तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गमलेश़्वर बिल्टोरिया ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो उत्पातियों की ओर से तलवार फेंक दी गई थी। पुलिस ने 147, 148, 307, 336, 427, 353, 332, 504 और 296 आईपीसी के साथ 7 सीएलए के तहत कार्रवाई की थी।
हमले में बाल-बाल बचे तत्कालीन एसएसआई आरएन चौधरी इस वक्त शाहजहांपुर में इंस्पेक्टर और प्रमोशन पाकर सीओ बने गमलेश्वर बिल्टोरिया की हाल ही में बरेली में पोस्टिंग हो चुकी है। आरोपियों की मानें तो घटना के बाद तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने दोनों समुदाय के लोगों को सपा और भाजपा के कद्दावर नेताओं की मौजूदगी में उन्हें भरोसा दिलाया था कि दर्ज मामला वापस ले लिया जाएगा लेकिन पुलिस चाल चलती रही। इधर, दरोगा एके सिंह ने बताया कि चार्जशीट प्रभारी निरीक्षक गोपीचंद्र यादव ने कोर्ट में दाखिल की थी। चार्ज शीट दाखिल करने से पहले पुलिस ने बलवे से जुड़े हर पहलू पर गौर किया था। जिना लोगों के खिलाफ चार्जशीट हुई है उनमें गुलाम हुसैन की पिछले माह सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
------
चार्जशीट में ये लोग हैं शामिल
उझानी। साजिद पुत्र शौकत, परवेज पुत्र रफीक, आमीन पुत्र याकूब, गुलाम हुसैन पुत्र बहादुर, भूरा पुत्र याकूब, छुटका पुत्र अमीरसेन, शाह आलम पुत्र अमीरसेन, बुंदा पुत्र इब्राहीम, शानू पुत्र तसलीम, छोटे पुत्र बाबू, बररुल पुत्र मुशीर, बबलू पुत्र मुन्नालाल, निप्पी पुत्र रामभरोसे, कुलदीप पुत्र मूलचंद्र, सुमित पुत्र बाल शर्मा, सोंटी पुत्र अजय और पवन वार्ष्णेय को नामजद कराया गया था। चार्जशीट में किसी को राहत नहीं मिली है। चार्जशीट में शामिल पवन वार्ष्णेय को घटना के दौरान गंभीर चोट लगी थी। करीब डेढ़ महीना तक उनका बरेली के अस्पताल में इलाज भी चला था।
तीन साल पहले हनुमान जयंती पर हुआ था बवाल
करीब तीन साल पहले हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान हुए बलवा में आरोपियों में अचानक खलबली मच गई है। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर उन सभी लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं जो घटना के वक्त तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गमलेश्वर बिल्टोरिया ने नामजद कराए थे। चार्जशीट के साथ ही बलवे का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट करीब दो महीना पहले दाखिल की गई। ढाई साल से अधिक समय तक चली विवचेना के दौरान पुलिस ने दौरान पुलिस ने हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान पथराव, मारपीट और जानलेवा हमले में उन सभी 17 आरोपियों को दोषी ठहराया है जिनके खिलाफ तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गमलेश़्वर बिल्टोरिया ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो उत्पातियों की ओर से तलवार फेंक दी गई थी। पुलिस ने 147, 148, 307, 336, 427, 353, 332, 504 और 296 आईपीसी के साथ 7 सीएलए के तहत कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
हमले में बाल-बाल बचे तत्कालीन एसएसआई आरएन चौधरी इस वक्त शाहजहांपुर में इंस्पेक्टर और प्रमोशन पाकर सीओ बने गमलेश्वर बिल्टोरिया की हाल ही में बरेली में पोस्टिंग हो चुकी है। आरोपियों की मानें तो घटना के बाद तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने दोनों समुदाय के लोगों को सपा और भाजपा के कद्दावर नेताओं की मौजूदगी में उन्हें भरोसा दिलाया था कि दर्ज मामला वापस ले लिया जाएगा लेकिन पुलिस चाल चलती रही। इधर, दरोगा एके सिंह ने बताया कि चार्जशीट प्रभारी निरीक्षक गोपीचंद्र यादव ने कोर्ट में दाखिल की थी। चार्ज शीट दाखिल करने से पहले पुलिस ने बलवे से जुड़े हर पहलू पर गौर किया था। जिना लोगों के खिलाफ चार्जशीट हुई है उनमें गुलाम हुसैन की पिछले माह सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
------
चार्जशीट में ये लोग हैं शामिल
उझानी। साजिद पुत्र शौकत, परवेज पुत्र रफीक, आमीन पुत्र याकूब, गुलाम हुसैन पुत्र बहादुर, भूरा पुत्र याकूब, छुटका पुत्र अमीरसेन, शाह आलम पुत्र अमीरसेन, बुंदा पुत्र इब्राहीम, शानू पुत्र तसलीम, छोटे पुत्र बाबू, बररुल पुत्र मुशीर, बबलू पुत्र मुन्नालाल, निप्पी पुत्र रामभरोसे, कुलदीप पुत्र मूलचंद्र, सुमित पुत्र बाल शर्मा, सोंटी पुत्र अजय और पवन वार्ष्णेय को नामजद कराया गया था। चार्जशीट में किसी को राहत नहीं मिली है। चार्जशीट में शामिल पवन वार्ष्णेय को घटना के दौरान गंभीर चोट लगी थी। करीब डेढ़ महीना तक उनका बरेली के अस्पताल में इलाज भी चला था।