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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Nurpur lake does not become much of Mathura Jawahar Park!

कहीं नूरपुर झील न बन जाए मथुरा का जवाहर बाग!

Mon, 05 Sep 2016 11:59 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Mon, 05 Sep 2016 11:59 PM IST
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25 लोगों पर हो चुकी है 122 बी की कार्रवाई
प्रधान के हस्तक्षेप पर गोली चलने की नौबत आई

जिले में वैसे तो जमीन हड़पने के तमाम मामले चल रहे हैं, लेकिन नूरपूर झील पर कब्जे का मामला जवाहर बाग जैसा बनता जा रहा है। डीएम के आदेश, उसके सुंदरीकरण के प्रयास, 25 कब्जेदारों पर 122 बी की कार्रवाई समेत तमाम प्रयासों के बावजूद इस झील पर अभी भी कब्जा करने वाले मान नहीं रहे हैं। छह गांवों के रकवे में आने वाली विशाल झील सूख चुकी है। इसके सूखे भाग में लोगों ने कब्जाकर गन्ना बो लिया है और लाही बोने के लिए जुताई शुरू की तो एक प्रधान के हस्तक्षेप के बाद गोली चलने तक की नौवत आ गई।
जिले की सदर तहसील के नूरपुर गांव में  विशाल झील कहीं जवाहर बाग की पुनरावृत्ति न कर दे। जो लोग इस पर कब्जा करने वाले हैं, वे काफी प्रभावी हैं और राजनीतिक संरक्षण हासिल किए हुए हैं। यही वजह रही है कि कब्जेदारों के खिलाफ कठोर आदेशों और कार्रवाई तक का कोई असर नहीं है। वर्ष 2007 में तत्कालीन बीडीओ सुभाष नेमा ने इस झील के सुंदरीकरण का प्रस्ताव पास कराया था लेकिन दबंगों के आगे इस प्रस्ताव पर आजतक कुछ नहीं हो सका है। गत वर्ष पिछले जिलाधिकारी भ्रमण के दौरान जब यहां गए थे तो अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश करके आए थे। उनके निर्देश पर ही बाढ़ खंड को इसके सुंदरीकरण को कार्ययोजना तैयार किए जाने को कहा गया है। इस पर अभी काम पूरा नहीं हो सका है।
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प्रधान ने जुताई से रोका तो आ गई गोली चलने की नौबत  
बदायूं। नूरपुर की झील पर करीब 15 हेक्टेअर में अवैध कब्जाकर गन्ना की फसलें खड़ी कर दी हैं। अब लाही के लिए भी कुछ लोग यहां जुताई का काम करने लगे। झील का कुछ भाग चौंडेरा के रकवा में भी आता है। इसलिए ग्राम प्रधान मनोज शर्मा ने इसका विरोध किया तो अधिकतर ग्रामीण उनके पक्ष में आ गए, लेकिन कब्जेदारों ने भी मोर्चा संभाल लिया। गोली चलने तक की नौबत आ गई। ग्रामीणों का रुख देखकर कब्जेदार चले गए। ग्रामीणों ने प्रधान से कहा है कि वह ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर जिला मुख्यालय प्रदर्शन करने को जाने को तैयार हैं। झील का नुकसान नहीं होने देंगे। कई गांवों के पशु इस झील के फाट में चरते और विचरते हैं।
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नूरपुर झील की विशालता
0 140 हेक्टेयर में है झील का फैलाव
0 2007 में क्षेत्र पंचायत से हुआ सुंदरीकरण का प्रस्ताव
0 गत वर्ष बाढ़ खंड को सौंपी गई सुंदरीकरण को कार्ययोजना
0 झील जब शस्य-श्यामला थी तो बनती थी जाड़ों में साइबेरियन पक्षियों का अड्डा
0 इस झील का रकबा नूरपुर के अलावा, लालूपुर, नगरिया, भोजपुर, नरायनपुर, मामूरगंज और चौड़ेरा के रकबे में शामिल है। 
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नूरपुर झील पर जिस किसी ने फसल खड़ी कर ली है। वह फसल अब उनकी नहीं रहेगी। उसे तहसील प्रशासन कुर्क कर लेगा। अलावा इसके कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सीधे रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल लेखपालों की हड़ताल है। पूरी जांच कराने के साथ ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- विजय शर्मा, तहसीलदार, बदायूं।
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