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अब भी जारी हैं सेमरमई में अवैध पशु नखासे

Mon, 09 Feb 2015 12:47 AM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Mon, 09 Feb 2015 12:47 AM IST
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nakhasa
 अभी सिर्फ सेमरमई में अवैध पशु नखासे से पशुओं की तस्करी का खुलासा हुआ है, लेकिन अभी जिले में तकरीबन 30 अवैध नखासे चल रहे हैं। इससे जिला पंचायत को लाइसेंस फीस और राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है। यहां से प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी भी हो रही है। जिला पंचायत, प्रशासन और पुलिस ने कभी अवैध नखासों को चिह्नित करने की जरूरत ही नहीं समझी। अवैध नखासों के कई संचालकों को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। इस कारण पुलिस इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।
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जिला पंचायत में 44 नखासे रजिस्टर्ड हैं। प्रत्येक नखासे से जिला पंचायत को लाइसेंस, संपत्ति एवं विभव कर के रूप में सालाना चार हजार रुपये मिलते हैं। नखासे के मानक भी तय हैं, लेकिन जिले में नियम-कानून दरकिनार कर काम किया जा रहा है। इतने बडे़ पैमाने पर प्रतिबंधित पशु पकड़े जाने के बाद यह साफ हो चुका है कि नखासों की आड़ में पशुओं की तस्करी हो रही है। पशुओं को काटने के लिए मुरादाबाद, रामपुर और अमरोहा भेजा जा रहा है।
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पूरे जिले में अवैध नखासों को चिह्नित कराकर इनके संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सेमरमई नखासा के संचालक को सोमवार को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके खिलाफ भी मुकदमा कायम कराया जाएगा।
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-हरपाल सिंह यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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