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आखिरकार बंद हो गया सेमरमई का अवैध नखासा
बदायूं।
Updated Mon, 09 Feb 2015 11:53 PM IST
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पशु तस्करों, पुलिस, नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का गठजोड़ सामने आने के बाद आखिरकार तीन दिन बाद सोमवार को प्रशासन ने बिनावर क्षेत्र के सेमरमई गांव में चल रहे अवैध नखासे में सभी पशुओं की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी। एडीएम (प्रशासन) के आदेश पर जिला पंचायत ने जिले भर में अवैध नखासों की जांच के लिए दो सदस्यों की एक कमेटी बना दी है। कमेटी जिला पंचायत में रजिस्टर्ड नखासों की यह जांच भी करेगी कि यह शर्तों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। इधर, जिला पंचायत ने सेमरमई में अवैध रूप से नखासा चलाने वाले यासीन गद्दी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के अलावा राजस्व वसूली के लिए उसे नोटिस देने की भी बात कही है।
बता दें कि पुलिस ने अभियान चलाकर पांच-छह फरवरी की रात पशुओं से भरे 78 वाहन पकड़े थे। मामले में सौ लोगों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 233 प्रतिबंधित पशु बरामद हुए। पशुओं को रामपुर और मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई ने स्वीकार किया कि प्रतिबंधित पशुओं को अवैध रूप से चल रहे सेमरमई के नखासे से वध के लिए ले जाया जा रहा था। बड़े पशु तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद भी पुलिस और प्रशासन की ढिलाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
एडीएम (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को पत्र भेजकर पूरे जिले में नखासों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में सेमरमई नखासे में पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने की बात भी कही गई है। पत्र मिलने के बाद अपर मुख्य अधिकारी हरपाल सिंह यादव ने नखासों की जांच की जिम्मेदारी पंचायत के कार्य अधिकारी महावीर यादव और कर अधिकारी सुनील कुमार सक्सेना को सौंपी है।
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जिले में सभी अवैध नखासों पर पाबंदी लगा दी गई है। रजिस्टर्ड नखासों की भी जांच कराई जाएगी कि वह शर्तों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। इस बारे में जिला पंचायत को निर्देशित किया गया है। सेमरमई नखासे में पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगा दी गई है।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन)
सेमरमई के नखासा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नखासा संचालक ने इस तरह से जिला पंचायत को जितने राजस्व का नुकसान पहुंचाया है, इसकी वसूली भी उससे की जाएगी। जिले में नखासों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बना दी गई है।
- हरपाल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
पशु तस्करों की तलाश करेंगी चार टीमें
सेमरई में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का खुलासा होने के बाद पुलिस इस धंधे में शामिल लोगों को ट्रेस करने में जुट गई हैं। पशु तस्कर गैंग में शामिल लोगों की पहचान के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। कब्जे में लिए गए दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। नखासा संचालक यासीन गद्दी भी पुलिस के रडार पर है। इसकी जांच की जा रही है। जरूरत होने पर जेल भेजे गए तस्करों को रिमांड पर लिया जाएगा।
पांच-छह जनवरी की रात जिले में बडे़ पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का भंड़ाफोड़ करने के बाद पुलिस बैकफुट पर थी। पशु तस्कर गैंग चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। प्रशासन और जिला पंचायत ने जब पशु तस्करों पर सख्ती की तो सोमवार को पुलिस भी सक्रिय हो गई। नखासा से कब्जे में लिए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रतिबंधित पशुओं की खरीद करने वाले लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इनके जरिए बड़े पशु तस्करों तक पहुंचा जा सकता है।
तस्करों के खिलाफ होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
अभी जांच का विषय यह है कि प्रतिबंधित पशुओं को वध के लिए ले जाया जा रहा था या नहीं। नखासे से मिले रिकार्ड के आधार पर उन लोगों की तलाश की जा रही है जिन्होंने पशुओं की खरीद की थी। अगर यह खरीद वध के लिए की गई मिली तो तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
- बालेंदु भूषण सिंह, प्रभारी एसएसपी
पशु तस्करों पर रासुका लगाने की मांग
बदायूं। जिले में बड़े पैमाने पर पशु तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद अब तक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने पर हिंदूवादी नेताओं ने गुस्सा जताया है।
पुलिस बरत रही लापरवाही
पशुओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस लापरवाही बरत रही है। जब तक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी हम शांत नहीं बैठेंगे।
- मुकेश पटेल, प्रदेश संयोजक, अखिल भारतीय हिंदू महासभा
तस्करों पर लगाई जाए रासुका
तस्करी करने वालों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए। बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का भंडाफोड़ होने के बावजूद पुलिस सख्ती से काम नहीं कर रही।
- मनोज कृष्ण गुप्ता, क्षेत्रीय संयोजक, भाजपा गोवंश संवर्धन प्रकोष्ठ
गैंगस्टर के साथ रासुका भी लगे
पशुओं की तस्करी और वध से धर्म विशेष की भावनाएं आहत होती हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए। हम डीएम से मिलकर इसकी मांग करेंगे।
- महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व भाजपा विधायक
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बता दें कि पुलिस ने अभियान चलाकर पांच-छह फरवरी की रात पशुओं से भरे 78 वाहन पकड़े थे। मामले में सौ लोगों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 233 प्रतिबंधित पशु बरामद हुए। पशुओं को रामपुर और मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई ने स्वीकार किया कि प्रतिबंधित पशुओं को अवैध रूप से चल रहे सेमरमई के नखासे से वध के लिए ले जाया जा रहा था। बड़े पशु तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद भी पुलिस और प्रशासन की ढिलाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
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एडीएम (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को पत्र भेजकर पूरे जिले में नखासों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में सेमरमई नखासे में पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने की बात भी कही गई है। पत्र मिलने के बाद अपर मुख्य अधिकारी हरपाल सिंह यादव ने नखासों की जांच की जिम्मेदारी पंचायत के कार्य अधिकारी महावीर यादव और कर अधिकारी सुनील कुमार सक्सेना को सौंपी है।
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जिले में सभी अवैध नखासों पर पाबंदी लगा दी गई है। रजिस्टर्ड नखासों की भी जांच कराई जाएगी कि वह शर्तों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। इस बारे में जिला पंचायत को निर्देशित किया गया है। सेमरमई नखासे में पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगा दी गई है।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन)
सेमरमई के नखासा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नखासा संचालक ने इस तरह से जिला पंचायत को जितने राजस्व का नुकसान पहुंचाया है, इसकी वसूली भी उससे की जाएगी। जिले में नखासों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बना दी गई है।
- हरपाल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
पशु तस्करों की तलाश करेंगी चार टीमें
सेमरई में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का खुलासा होने के बाद पुलिस इस धंधे में शामिल लोगों को ट्रेस करने में जुट गई हैं। पशु तस्कर गैंग में शामिल लोगों की पहचान के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। कब्जे में लिए गए दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। नखासा संचालक यासीन गद्दी भी पुलिस के रडार पर है। इसकी जांच की जा रही है। जरूरत होने पर जेल भेजे गए तस्करों को रिमांड पर लिया जाएगा।
पांच-छह जनवरी की रात जिले में बडे़ पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का भंड़ाफोड़ करने के बाद पुलिस बैकफुट पर थी। पशु तस्कर गैंग चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। प्रशासन और जिला पंचायत ने जब पशु तस्करों पर सख्ती की तो सोमवार को पुलिस भी सक्रिय हो गई। नखासा से कब्जे में लिए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रतिबंधित पशुओं की खरीद करने वाले लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इनके जरिए बड़े पशु तस्करों तक पहुंचा जा सकता है।
तस्करों के खिलाफ होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
अभी जांच का विषय यह है कि प्रतिबंधित पशुओं को वध के लिए ले जाया जा रहा था या नहीं। नखासे से मिले रिकार्ड के आधार पर उन लोगों की तलाश की जा रही है जिन्होंने पशुओं की खरीद की थी। अगर यह खरीद वध के लिए की गई मिली तो तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
- बालेंदु भूषण सिंह, प्रभारी एसएसपी
पशु तस्करों पर रासुका लगाने की मांग
बदायूं। जिले में बड़े पैमाने पर पशु तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद अब तक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने पर हिंदूवादी नेताओं ने गुस्सा जताया है।
पुलिस बरत रही लापरवाही
पशुओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस लापरवाही बरत रही है। जब तक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी हम शांत नहीं बैठेंगे।
- मुकेश पटेल, प्रदेश संयोजक, अखिल भारतीय हिंदू महासभा
तस्करों पर लगाई जाए रासुका
तस्करी करने वालों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए। बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का भंडाफोड़ होने के बावजूद पुलिस सख्ती से काम नहीं कर रही।
- मनोज कृष्ण गुप्ता, क्षेत्रीय संयोजक, भाजपा गोवंश संवर्धन प्रकोष्ठ
गैंगस्टर के साथ रासुका भी लगे
पशुओं की तस्करी और वध से धर्म विशेष की भावनाएं आहत होती हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए। हम डीएम से मिलकर इसकी मांग करेंगे।
- महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व भाजपा विधायक