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दोहरे हत्याकांड में मां-बेटे को उम्रकैद, जुर्माना
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:52 PM IST
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-करीब साढ़े तीन साल पहले जमीन विवाद में हुई थी वारदात
-फैजगंज बेहटा में हुई थी घटना, आरोपी और मृतक सगे रिश्तेदार थे
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कपिला राघव ने दोहरे हत्याकांड में नामजद आरोपी मां-बेटे को दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह वारदात थाना फैजगंज बेहटा के गांव सीकरी में 19 जुलाई 2013 को हुई थी। वादिनी लीलावती पत्नी छोटे लाल ने 19 जुलाई 2013 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि उसके नाती मनवीर पुत्र रघुनंदन ने उसके पति और उसके बेटे वीर सिंह से कहा कि उसके हिस्से की जमीन नाप कर उसे दे दो। दिन में एक बजे उसके पति और पुत्र वीर सिंह ने मनवीर को जमीन नापकर दे दी। उसके बाद मनवीर ने कहा कि उसे अपने चाचा वीर सिंह की जमीन का आधा हिस्सा चाहिए। इसी बात पर आपस में कहासुनी हो गई। इस पर मनवीर ने अपने दादा छोटे लाल और चाचा वीर सिंह पर अपने हाथ में लिए गन्ना काटने वाले हसिये से कई वार किए। दोनों पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय मनवीर की मां कलावती, पत्नी मीरा और बहन दानवती ने उसका साथ दिया। कोर्ट ने मीरा और दानवती की पत्रावली अलग करके मनवीर और कलावती का विचारण किया। विद्वान न्यायाधीश कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी मनवीर और कलावती को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
-फैजगंज बेहटा में हुई थी घटना, आरोपी और मृतक सगे रिश्तेदार थे
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कपिला राघव ने दोहरे हत्याकांड में नामजद आरोपी मां-बेटे को दोषी पाकर आजीवन कारावास सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह वारदात थाना फैजगंज बेहटा के गांव सीकरी में 19 जुलाई 2013 को हुई थी। वादिनी लीलावती पत्नी छोटे लाल ने 19 जुलाई 2013 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि उसके नाती मनवीर पुत्र रघुनंदन ने उसके पति और उसके बेटे वीर सिंह से कहा कि उसके हिस्से की जमीन नाप कर उसे दे दो। दिन में एक बजे उसके पति और पुत्र वीर सिंह ने मनवीर को जमीन नापकर दे दी। उसके बाद मनवीर ने कहा कि उसे अपने चाचा वीर सिंह की जमीन का आधा हिस्सा चाहिए। इसी बात पर आपस में कहासुनी हो गई। इस पर मनवीर ने अपने दादा छोटे लाल और चाचा वीर सिंह पर अपने हाथ में लिए गन्ना काटने वाले हसिये से कई वार किए। दोनों पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय मनवीर की मां कलावती, पत्नी मीरा और बहन दानवती ने उसका साथ दिया। कोर्ट ने मीरा और दानवती की पत्रावली अलग करके मनवीर और कलावती का विचारण किया। विद्वान न्यायाधीश कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी मनवीर और कलावती को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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