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जिला अस्पताल में दिया जा रहा संदिग्ध सीरप
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Fri, 15 Jan 2016 09:03 PM IST
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एंटी एलर्जिक सीरप में पाए गए थे तैरते कण, राजकीय लैब में जांच पर भी नहीं हुई स्थिति स्पष्ट
जिला अस्पताल दवा को लेकर संदेह की स्थिति में, फिर भी मरीजों के लिए दवाई उपलब्ध
लैब रिपोर्ट में सिर्फ सीरप में तैरते पाए गए कणों का जिक्र है, रिपोर्ट में कणों के प्रकृति व इसके मानव शरीर पर प्रभाव के विषय में कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। जिसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर(डीआई)पवन कुमार ने एक पत्र लिखकर राजकीय विश्लेषक एएल श्रीवास्तव से जानकारी चाही। डीआई के मुताबिक एक महीना गुजर जाने पर भी राजकीय विश्लेषक की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। सीरप में तैरते कणों की संदिग्धता के बाद भी यह एंटी एलर्जिक दवा मरीजों के लिए उपलब्ध है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, डीआई पवन कुमार ने बताया कि दिसंबर में राजकीय विश्लेषक से इस संबंध में पूछा था, लेकिन अभी तक जवाब न मिलने पर मुझे हैरत है। पत्र लिखे एक माह का समय पूरा हो चुका है, अब रिमांडर भेजा जाएगा। जबकि प्रभारी सीएमएस डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि यह दवाएं शासन द्वारा ठेका दी गई कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। हम शासन को इस दवाई की संदिग्धता के विषय में लिख चुके हैं, इसके वितरण रोकना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
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जिला अस्पताल दवा को लेकर संदेह की स्थिति में, फिर भी मरीजों के लिए दवाई उपलब्ध
लैब रिपोर्ट में सिर्फ सीरप में तैरते पाए गए कणों का जिक्र है, रिपोर्ट में कणों के प्रकृति व इसके मानव शरीर पर प्रभाव के विषय में कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। जिसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर(डीआई)पवन कुमार ने एक पत्र लिखकर राजकीय विश्लेषक एएल श्रीवास्तव से जानकारी चाही। डीआई के मुताबिक एक महीना गुजर जाने पर भी राजकीय विश्लेषक की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। सीरप में तैरते कणों की संदिग्धता के बाद भी यह एंटी एलर्जिक दवा मरीजों के लिए उपलब्ध है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, डीआई पवन कुमार ने बताया कि दिसंबर में राजकीय विश्लेषक से इस संबंध में पूछा था, लेकिन अभी तक जवाब न मिलने पर मुझे हैरत है। पत्र लिखे एक माह का समय पूरा हो चुका है, अब रिमांडर भेजा जाएगा। जबकि प्रभारी सीएमएस डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि यह दवाएं शासन द्वारा ठेका दी गई कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। हम शासन को इस दवाई की संदिग्धता के विषय में लिख चुके हैं, इसके वितरण रोकना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।