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जमीन की खातिर बेटे ने की थी किशनपाल की हत्या

Fri, 23 Sep 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)। Updated Fri, 23 Sep 2016 11:40 PM IST
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Kishan Pal's son was killed for the sake of land
murder

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मृतक के दूसरे बेटे मोनू ने भाई को कराया नामजद
अब्दुल्लागंज के किशनपाल ठाकुर की हत्या के मामले में पुलिस का शुरू से ही बडे़ बेटे राजू पर शक उस वक्त पुख्ता हो गया जब उसका छोटा भाई मोनू कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस के सामने राजू की करतूत उजागर कर दी। बताया राजू अपने हिस्से की जमीन को बेचना चाहता था, लेकिन पिता के जीवित रहते ऐसा संभव नहीं था। पुलिस ने मोनू की तहरीर पर राजू के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अब्दुल्लागंज निवासी ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों के साथ शुक्रवार दोपहर में कोतवाली पहुंचे मृतक किशनपाल ठाकुर के दूसरे बेटे मोनू ने कोतवाल गोपीचंद्र यादव के सामने घटना की हकीकत बयां कर दी। उसने बताया कि चार भाइयों में राजू सबसे बड़ा है। राजू हालांकि उत्तराखंड के भगवानपुर इलाके में रहकर मजदूरी करता है, लेकिन वह पिछले काफी समय से पिता किशनपाल पर अपने हिस्से की जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। एक बार तो राजू ने पिता पर जानलेवा हमला भी किया था, लेकिन उस वक्त लोगों के समझाने पर मामला शांत हो गया।
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मृतक के दूसरे बेटे मोनू की मानें तो राजू तीन दिन पहले अचानक ही उत्तराखंड से वापस आ गया था। वह घर से पिता के पास जाने की कहकर निकला, लेकिन हत्या के बाद ही गायब भी हो गया। ग्रामीणों को भी उसी पर शक था। बता दें कि किशनपाल की हत्या 21 सितंबर की रात उसी के घर में गला दबाकर कर दी गई थी। लाश अगले दिन दोपहर में चारपाई पर पड़ी मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी किशनपाल की हत्या की वजह गला दबाकर किए जाने की बात आ चुकी है। इधर, पुलिस ने मोनू की तहरीर पर राजू के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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...तो फिर अखिलेशा ने खोली पोल
उझानी। ससुर किशनपाल की मौत की भनक लगते ही उत्तराखंड से पहुंची राजू की पत्नी अखिलेशा ने सबकुछ संदिग्ध नजर आने पर देवर मोनू समेत घरवालों को बता दिया कि उसके पति ने पिछले दिनों कहा था कि पिता के रहते जमीन नहीं बेच पाउंगा। जिस दिन वह घर से चला, उस वक्त भी ऐसी ही बातें कर रहा था। अखिलेशा की बातें सुन मोनू समेत घरवालों को राजू पर शक और पुख्ता हो गया। हालांकि राजू पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को कछला गंगाघाट पर पहुंचा, लेकिन बाद में वह घाट से गायब हो गया।

 
पुलिस ने मृतक के घरवालों से घटना वाले दिन और अगले दिन घटनाक्रम को लेकर जानकारी की थी, लेकिन किसी ने भी उस वक्त सही बात नहीं बताई। घरवाले अगर सच्चाई बयां कर देते तो बृहस्पतिवार को ही आरोपी राजू को गिरफ्तार कर लिया जाता।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।
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