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आजम खां मामले की सुनवाई अब तीन को
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 16 Aug 2016 11:52 PM IST
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पांच साल पहले बजरंग दल नेता ने कराया है देशद्रोह का मामला
सूबे के काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले की सुनवाई कर रहे सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने फिर से तारीख बढ़ा दी है। अब सुनवाई तीन सितंबर को होगी।
बजरंग दल नेता उज्ज्वल गुप्ता ने वर्तमान में प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद दबाव में आई पुलिस ने मई 2012 में इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। बजरंग दल नेता के प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने एफआर खारिज कर पुर्नविवेचना का आदेश दिया था,फिर भी पुलिस ने मनमानी करते हुए मामले की विवेचना करने के बजाय उसे दबाए रखा। कोर्ट ने जून 2015 में पुलिस से इस मामले की प्रगति आख्या तलब की। इस पर पुलिस ने 18 जून को 2015 को फिर से एफआर दाखिल कर दी। उज्ज्वल गुप्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर आजम खां को सीधे तलब करने की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया था।
इस मामले में वादी और गबाहों के कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं। अब कोर्ट ने बहस तलबी के लिए तीन सितंबर की तारीख तय की है। चूंकि मामला आजम खां से जुड़ा है इसलिए हर कोई इस मामले में फैसले को लेकर बैचेन है। मगर लगातार सुनवाई की तारीख आगे ही बढ़ रही है।
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मूसाझाग कांड के मामले में सुनवाई 22 को
बदायूं। करीब पौने दो साल पहले मूसाझाग थाने के अंदर एक किशोरी से सिपाहियों द्वारा किए गए गैंगरेप के मामले की सुनवाई अब 22 अगस्त को होगी। इस बहुचर्चित मामले में सरकारी गबाहों के बयान अभी बाकी रह गए हैं,जबकि आरोपी दोनों सिपाही सलाखों के पीछे हैं।
मूसाझाग थाने में तैनात सिपाही अवनीश यादव और वीरपाल यादव ने 31 दिसंबर 2014 की रात थाना क्षेत्र की एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ थाना परिसर में ही गैंगरेप किया था। चूंकि यह घटना थाने के अंदर उन्हीं लोगों ने की थी जिन पर समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इस घटना से क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जिले की जनता में पुलिस के प्रति बेहद आक्रोश पनप गया। पुलिस के खिलाफ लोग सड़कों पर थे। भारी दबाव के चलते आरोपी दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया। चूंकि मामला किशोरी से जुड़ा है, इसलिए इस चर्चित मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में चल रहा है।
यह भी बता दें कि इस मामले में पीड़िता और उसकी मां तथा तीन गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। मंगलवार को कोर्ट में सरकारी गबाह के हाजिर नहीं होने के कारण इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तिथि नियत की है।
सूबे के काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले की सुनवाई कर रहे सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने फिर से तारीख बढ़ा दी है। अब सुनवाई तीन सितंबर को होगी।
बजरंग दल नेता उज्ज्वल गुप्ता ने वर्तमान में प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद दबाव में आई पुलिस ने मई 2012 में इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। बजरंग दल नेता के प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने एफआर खारिज कर पुर्नविवेचना का आदेश दिया था,फिर भी पुलिस ने मनमानी करते हुए मामले की विवेचना करने के बजाय उसे दबाए रखा। कोर्ट ने जून 2015 में पुलिस से इस मामले की प्रगति आख्या तलब की। इस पर पुलिस ने 18 जून को 2015 को फिर से एफआर दाखिल कर दी। उज्ज्वल गुप्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर आजम खां को सीधे तलब करने की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया था।
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इस मामले में वादी और गबाहों के कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं। अब कोर्ट ने बहस तलबी के लिए तीन सितंबर की तारीख तय की है। चूंकि मामला आजम खां से जुड़ा है इसलिए हर कोई इस मामले में फैसले को लेकर बैचेन है। मगर लगातार सुनवाई की तारीख आगे ही बढ़ रही है।
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मूसाझाग कांड के मामले में सुनवाई 22 को
बदायूं। करीब पौने दो साल पहले मूसाझाग थाने के अंदर एक किशोरी से सिपाहियों द्वारा किए गए गैंगरेप के मामले की सुनवाई अब 22 अगस्त को होगी। इस बहुचर्चित मामले में सरकारी गबाहों के बयान अभी बाकी रह गए हैं,जबकि आरोपी दोनों सिपाही सलाखों के पीछे हैं।
मूसाझाग थाने में तैनात सिपाही अवनीश यादव और वीरपाल यादव ने 31 दिसंबर 2014 की रात थाना क्षेत्र की एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ थाना परिसर में ही गैंगरेप किया था। चूंकि यह घटना थाने के अंदर उन्हीं लोगों ने की थी जिन पर समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इस घटना से क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जिले की जनता में पुलिस के प्रति बेहद आक्रोश पनप गया। पुलिस के खिलाफ लोग सड़कों पर थे। भारी दबाव के चलते आरोपी दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया। चूंकि मामला किशोरी से जुड़ा है, इसलिए इस चर्चित मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में चल रहा है।
यह भी बता दें कि इस मामले में पीड़िता और उसकी मां तथा तीन गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। मंगलवार को कोर्ट में सरकारी गबाह के हाजिर नहीं होने के कारण इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तिथि नियत की है।