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भ्रष्टाचार निवारण के मामले में दाखिल एफआर निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Sat, 31 Oct 2015 11:07 PM IST
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दास कॉलेज के प्राचार्य, कोर्ट ने कर्मचारियों के विरुद्ध पुनर्विवेचना के दिए आदेश
बताते चलें कि तत्कालीन कार्यालय सहायक त्रिभान सिंह ने कोर्ट में 156/3 के तहत दास कॉलेज के प्राचार्य डा.बीके शर्मा, कार्यालय सहायक दिनेश शर्मा, प्रवक्ता आशीष सक्सेना, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक विपिन सक्सेना के विरूद्ध धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर कोर्ट ने 29 अक्तूबर 2010 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए। जिस पर पुलिस ने 29 दिसंबर 2010 को एफआर लगा दी, जिसे कोर्ट ने सात जुलाई 2011 को निरस्त कर पुन: विवेचना के आदेश दिए। पुलिस ने पुन: विवेचना कर कोर्ट में फिर से चार अक्तूबर 2012 को एफआर लगा दी। एफआर पर वादी त्रिभान सिंह ने पुन: आपत्ति दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा दाखिल एफआर निरस्त कर दी। अब इस पुनर्विवेचना करने को कहा गया है।
बताते चलें कि तत्कालीन कार्यालय सहायक त्रिभान सिंह ने कोर्ट में 156/3 के तहत दास कॉलेज के प्राचार्य डा.बीके शर्मा, कार्यालय सहायक दिनेश शर्मा, प्रवक्ता आशीष सक्सेना, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक विपिन सक्सेना के विरूद्ध धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर कोर्ट ने 29 अक्तूबर 2010 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए। जिस पर पुलिस ने 29 दिसंबर 2010 को एफआर लगा दी, जिसे कोर्ट ने सात जुलाई 2011 को निरस्त कर पुन: विवेचना के आदेश दिए। पुलिस ने पुन: विवेचना कर कोर्ट में फिर से चार अक्तूबर 2012 को एफआर लगा दी। एफआर पर वादी त्रिभान सिंह ने पुन: आपत्ति दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा दाखिल एफआर निरस्त कर दी। अब इस पुनर्विवेचना करने को कहा गया है।