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बालिका से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा, जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:29 AM IST
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डेमो पिक
- फोटो : अमर उजाला
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स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद सहित 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दुष्कर्म की वारदात कस्बा उझानी में 11 अगस्त 2013 को हुई थी। कस्बा निवासी दलित व्यक्ति ने 12 अगस्त को थाने में रिपोर्ट कराई थी कि उसकी नौ वर्षीय बेटी भंडारे का प्रसाद लेने शाम को करीब साढ़े सात बजे गई थी। जब उसकी बेटी घर नहीं लौटी तो देर रात तक उसने अपनी बेटी को तलाशा। सुबह पांच बजे एक डिग्री कॉलेज के पास आरोपी उसकी बेटी का हाथ पकड़े मिला। उसने आरोपी मनोज उर्फ दन्नू को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने विवेचना करने के बाद आरोप पत्र अपहरण की धारा में दाखिल किया। कोर्ट ने जब पीड़ित बालिका का बयान लिया तो सच्चाई सामने आई कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। कोर्ट ने बालिका के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर आरोपी पर आरोप का निर्धारण कर मुकदमा चलाया। विद्वान न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दुष्कर्म के आरोपी मनोज उर्फ दन्नू को 10 साल की कैद समेत 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से बतौर मुआवजा पीड़िता को दस हजार रुपये देने का आदेश भी दिया है।
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दुष्कर्म की वारदात कस्बा उझानी में 11 अगस्त 2013 को हुई थी। कस्बा निवासी दलित व्यक्ति ने 12 अगस्त को थाने में रिपोर्ट कराई थी कि उसकी नौ वर्षीय बेटी भंडारे का प्रसाद लेने शाम को करीब साढ़े सात बजे गई थी। जब उसकी बेटी घर नहीं लौटी तो देर रात तक उसने अपनी बेटी को तलाशा। सुबह पांच बजे एक डिग्री कॉलेज के पास आरोपी उसकी बेटी का हाथ पकड़े मिला। उसने आरोपी मनोज उर्फ दन्नू को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने विवेचना करने के बाद आरोप पत्र अपहरण की धारा में दाखिल किया। कोर्ट ने जब पीड़ित बालिका का बयान लिया तो सच्चाई सामने आई कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। कोर्ट ने बालिका के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर आरोपी पर आरोप का निर्धारण कर मुकदमा चलाया। विद्वान न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दुष्कर्म के आरोपी मनोज उर्फ दन्नू को 10 साल की कैद समेत 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से बतौर मुआवजा पीड़िता को दस हजार रुपये देने का आदेश भी दिया है।
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