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गंभीर चोट पहुंचाने में पिता और पांच पुत्रों को पांच साल की कैद, जुर्माना
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:55 PM IST
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न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय मधुलिका चौधरी ने गंभीर चोट पहुंचाने के एक मुकदमे में आरोपी पिता और उसके पांच पुत्रों को दोषी करार देते हुए सभी को पांच-पांच साल की कड़ी कैद सहित सभी को 57 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से बतौर मुआवजा 50 फीसदी घायल को देने का भी आदेश दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कल्याननगर में 13 अप्रैल 2014 को घटना हुई थी। मोहल्ले के रामवीर पुत्र सूबेदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी भतीजी कोमल का विवाह उसके चचेरे भाई के भांजे पवन से हुआ था। उसकी भतीजी की हत्या के मामले में आरोपी पवन की गिरफ्तारी हुई और उसको बरेली जेल जाना पड़ा। बरेली के मुकदमे में फैसला करने को दबाव बनाते हुए उसके चाचा सिद्धार्थ और उसके चचेरे भाई राजेश, सरवन, दिनेश, मुनीश और रामबाबू ने लाठी डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। विद्वान न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजवीर सिंह और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद गंभीर चोट पहुंचाने वाले पिता-पुत्रों समेत छह आरोपियों को पांच-पांच साल की कड़ी कैद सहित 57 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कल्याननगर में 13 अप्रैल 2014 को घटना हुई थी। मोहल्ले के रामवीर पुत्र सूबेदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी भतीजी कोमल का विवाह उसके चचेरे भाई के भांजे पवन से हुआ था। उसकी भतीजी की हत्या के मामले में आरोपी पवन की गिरफ्तारी हुई और उसको बरेली जेल जाना पड़ा। बरेली के मुकदमे में फैसला करने को दबाव बनाते हुए उसके चाचा सिद्धार्थ और उसके चचेरे भाई राजेश, सरवन, दिनेश, मुनीश और रामबाबू ने लाठी डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। विद्वान न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राजवीर सिंह और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद गंभीर चोट पहुंचाने वाले पिता-पुत्रों समेत छह आरोपियों को पांच-पांच साल की कड़ी कैद सहित 57 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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