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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Expert by 10 People Fingerprint

एक्सपर्ट ने लिए 10 लोगों के फिंगर प्रिंट

Sat, 11 Apr 2015 08:17 PM IST
badaun
badaun Updated Sat, 11 Apr 2015 08:17 PM IST
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गुप्ता दंपति हत्याकांड का खुलासा करने में जुटी एसटीएफ को अब तक आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस लाइन नहीं मिल रही है। इस बीच एक्सपर्ट ने 10 लोगों के फिंगर प्रिंट लिए हैं। उनका मिलान गुप्ता दंपति के घर से लिए गए नमूनों से किया जाएगा। एटीएस भी दो हिस्सों में बंट कर काम कर रही है। एक टीम सवर्लिांस समेत आधुनिक तरीकों से कातिलों तक पहुंचने की कोशिश में है, तो दूसरी पुराने ढर्रे से काम कर रही है।

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बरेली और मुरादाबाद की फॉरेंसिक और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीमों ने गुप्ता दंपति के घर से 28 सैंपल लिए थे। एक्सपर्ट इनकी जांच कर रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को पुलिस शक के आधार पर पूछताछ के लिए करीब 22 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। सूत्रों की मानें तो इनमें चार लोग ऐसे जिनके बयानों में विरोधाभास पाया गया है। इन पर शक गहरा गया है। सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा ने बताया कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से पड़ताल रही है। जिन लोगों पर भी शक है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
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क्लू के नाम पर एसटीएफ के हाथ भी खाली
रिटायर्ड इंजीनियर दंपति हत्याकांड में कातिलों की सुरागरसी में जुटी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के हाथ कोई ठोस क्लू नहीं लगा है। पुलिस की पांच टीमें भी जुटी हुई है। इनके हाथ भी खाली हैं। पुलिस अब तक बुजुर्ग दंपति की हत्या की ठोस वजह नहीं तलाश सकी है। शनिवार को एसटीएफ की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।
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मोहल्ला ब्राह्मपुर में आठ अप्रैल की रात विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो के शव घर की रसोई में मिले थे। दोनों की हत्या तीन दिन पहले ही कर दी गई थी। नौ अप्रैल को आईजी जोन विजय मीणा और डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर ने घटनास्थल का मुआयना किया। हत्यारों की गिरफ्तारी को एसटीएफ के साथ पुलिस की पांच टीमें भी लगाई गई हैं। शनिवार को एसटीएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। मुआयना करने के साथ इलाके की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को भी जाना। गुप्ता दंपति के आसपास के कुछ घरों में पूछताछ भी की। शक के आधार पर दस लोगों को उठाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। इनमें रंगाई-पुताई करने वाले भी तीन लोग शामिल हैं। अब तक पुलिस गुप्ता दंपति की हत्या की ठोस वजह भी नहीं तलाश सकी है।

चार करीबी लोगों से की पूछताछ
पुलिस को शक है कि वारदात में कोई करीबी शामिल हो सकता है। विजेंद्र गुप्ता के तीन करीबी लोगों से भी पूछताछ की गई है। इनमें उनके दो बेटे भी शामिल हैं। वारदात को जिस तरह से अंजाम दिया गया उससे प्रतीत हो रहा है कि बिना किसी करीबी के यह संभव नहीं था।

जेआर गौड़ बोले, नो कमेंट
आईपीएस अफसर अलीगढ़ के एसएसपी जेआर गौड़ ने गुप्ता दंपति की हत्या पर किसी तरह का कमेंट करने से इंकार कर दिया। बता दें कि विजेंद्र गुप्ता के पुत्र मुकुल गुप्ता को 30 जून 2007 को पुलिस ने बरेली में एक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इस फर्जी मुठभेड़ के मामले में आईपीएस जेआर गौड़ समेत 11 पुलिस वाले आरोपी हैं। सीबीआई चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इसमें जेआर गौड़ का नाम नहीं है। विजेंद्र गुप्ता चार्जशीट में जेआर गौड़ का नाम भी शामिल कराने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी हत्या के बाद उंगलियां उनकी ओर भी उठीं। गौड़ ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि मुठभेड़ का मामला कोर्ट में है। वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने गुप्ता दंपति की हत्या पर भी कोई कमेंट करने से इंकार कर दिया।

डीजीपी ने एसएसपी से की बात
गुप्ता दंपति हत्याकांड में सूबे के पुलिस महानिदेशक ने एसएसपी सौमित्र यादव से फोन पर बात करके घटना की जानकारी ली। उन्होंने अब तक की प्रगति को जाना और पूरे मामले में बारीकी से जांच कर घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस सभी लाइनों पर काम कर रही है। कुछ क्लू मिले हैं। उम्मीद है कि जल्द पुलिस के हाथ हत्यारों तक पहुंच जाएंगे।

तफ्तीश को नहीं मिल रही दिशा
रिटायर्ड इंजीनियर दंपति के पेंचीदा हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस को तफ्तीश आगे बढ़ाने के लिए भी कोई लाइन नहीं मिल रही है। हत्यारों को ट्रेस करने में एसटीएफ भी जुटी हुई है। आला कत्ल बरामद करना भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इतना ही नहीं घटना की टाइमिंग को लेकर भी पुलिस पशोपेश में है। शुक्रवार देर रात हिरासत में लिए गए रंगाई पुताई करने वाले तीन लोगों के साथ घटनास्थल पहुंचीं, लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हुआ।
अब तक की जांच में इतना तो साफ हो गया है कि गुप्ता दंपति की हत्या पांच अप्रैल को की गई थी। इस दिन विजेंद्र गुप्ता ने 12.31 बजे दिल्ली में रहने वाली अपनी पुत्रवधु से फोन पर बात की थी। इसके बाद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। नौ अप्रैल को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसमें भी शव चार दिन पुराने होने की बात कही गई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर घनी आबादी में शातिरों ने किस तरह से वारदात को अंजाम दिया? किसी ने चीख की आवाज भी नहीं सुनी? हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद किस तरह से निकल गए कि किसी की उन पर नजर भी नहीं पड़ी। घर का पिछला दरवाजा भिड़ा हुआ था। तीन दिन तक मोहल्ले वालों की नजर उस पर नहीं गई। सवाल ये भी उठ रहा है कि जब मकान के निचले हिस्से में पुताई का काम चल रहा था, तो मजदूर किसके कहने से दो-तीन पहले आना बंद हो गए?

पूछताछ के लिए 12 लोग और हिरासत में लिए
एसटीएम और पुलिस ने गुप्ता दंपति हत्याकांड में पूछताछ के लिए 12 और लोगों को उठाया है। इनमें वह लोग भी शामिल हैं, जिनसे विजेंद्र गुप्ता का लेनदेन चलता था। विजेंद्र गुप्ता गिरवीं-गांठ का काम भी करते थे। शुक्रवार को विजेंद्र गुप्ता के घर में कुछ डायरी मिली थीं। इनमें हिसाब-किताब और नंबर लिखे थे। पुलिस अब बाकी बचे उन लोगों की तलाश कर रही है, जिनका विजेंद्र गुप्ता से लेनदेन चलता था।


हॉकर से भी पूछताछ
विजेंद्र गुप्ता के घर पर अखबार मुनीष गुप्ता डालते थे। गुप्ता के घर में छह, सात और आठ तारीख के अखबार पड़े थे। यह अखबार नीचे पड़े थे। इनको उठाया नहीं गया था। पांच अप्रैल का अखबार घर की दूसरी मंजिल पर मिला था। पुलिस ने मुनीष गुप्ता से भी पूछताछ की है।

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