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सीबीआई ने वादी पक्ष को सौंपे साक्ष्य
बदायूं
Updated Thu, 05 Feb 2015 11:33 PM IST
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चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने दो महीने की जद्दोजहद के बाद वादी पक्ष को मामले से जुड़े साक्ष्य सौंप दिए। साक्ष्यों की मूल प्रतियां कोर्ट में दाखिल की र्गइं और छाया प्रतियां वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी को उपलब्ध कराई गई हैं। 91 पेज की रिपोर्ट में पहले 34 पेज क्लोजर रिपोर्ट के हैं जबकि शेष 57 पेज साक्ष्य के। अब वादी पक्ष को क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ एक सप्ताह में प्रोटेस्ट दाखिल करना होगा। नकवी ने सवाल उठाया है कि बिना दुबारा पोस्टमार्टम सीबीआई कैसे तय कर सकती है कि रेप के बाद हत्या नहीं हुई है बल्कि उन्होंने आत्महत्या की थी।
कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने 11 दिसंबर को सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अनिल कुमार की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। वादी पक्ष ने सीबीआई से क्लोजर रिपोर्ट का आधार जानने के लिए साक्ष्य मांगे थे। इस मांग को सीबीआई ने सिरे से खारिज कर दिया था। दो फरवरी को वादी पक्ष को साक्ष्य देने पर सीबीआई के वकील कुमार रजत और वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी के बीच बहस हुई। तीन फरवरी को कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वादी पक्ष को साक्ष्य देने के साथ कोर्ट में भी दाखिल किए जाएं। साथ ही वादी पक्ष साक्ष्य मिलने के बाद एक सप्ताह में कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल करे।
गुरुवार को सीबीआई ने वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी को साक्ष्यों की छाया प्रतियां सौंप दी। साक्ष्यों में मेडिकल रिपोर्ट के साथ सीबीआई की ओर से जांच के लिए बनाए गए विभिन्न बोर्ड की रिपोर्ट हैं। इसमें फोरेंसिक लैब और एक्सपर्ट की रिपोर्ट समेत 57 पेज हैं। साक्ष्य मिलने के बाद वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट आधारहीन है। अब सच सामने आ आएगा।
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कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने 11 दिसंबर को सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अनिल कुमार की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। वादी पक्ष ने सीबीआई से क्लोजर रिपोर्ट का आधार जानने के लिए साक्ष्य मांगे थे। इस मांग को सीबीआई ने सिरे से खारिज कर दिया था। दो फरवरी को वादी पक्ष को साक्ष्य देने पर सीबीआई के वकील कुमार रजत और वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी के बीच बहस हुई। तीन फरवरी को कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वादी पक्ष को साक्ष्य देने के साथ कोर्ट में भी दाखिल किए जाएं। साथ ही वादी पक्ष साक्ष्य मिलने के बाद एक सप्ताह में कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल करे।
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गुरुवार को सीबीआई ने वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी को साक्ष्यों की छाया प्रतियां सौंप दी। साक्ष्यों में मेडिकल रिपोर्ट के साथ सीबीआई की ओर से जांच के लिए बनाए गए विभिन्न बोर्ड की रिपोर्ट हैं। इसमें फोरेंसिक लैब और एक्सपर्ट की रिपोर्ट समेत 57 पेज हैं। साक्ष्य मिलने के बाद वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट आधारहीन है। अब सच सामने आ आएगा।
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